जॉर्डन सीमा के समीप आत्मघाती विस्फोट में 23 विद्रोही लड़ाकों की मौत

भी किसी ने हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है, लेकिन इस्लामिक स्टेट संगठन से जुड़े जिहादियों ने दक्षिणी सीरिया में विद्रोहियों पर हमला किया है.

जॉर्डन सीमा के समीप आत्मघाती विस्फोट में 23 विद्रोही लड़ाकों की मौत
मारे गए 23 विद्रोहियों में से अधिकतर जैश अल-इस्लाम के थे. (फाइल फोटो)

बेरूत/बगदाद: दक्षिण सीरिया में जॉर्डन की सीमा के पास एक आत्मघाती विस्फोट में कम से कम 23 विद्रोही लड़ाकों की मौत हो गई और दर्जनों लोग घायल हो गए. ‘सीरियन ऑब्जर्वेटरी फॉर ह्यूमैन राइट्स’ ने बताया कि आत्मघाती हमलावर ने नसीब सीमा पारगमन के नजदीक जैश अल-इस्लाम (इस्लाम की सेना) द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले शिविर पर शुक्रवार (11 अगस्त) को विस्फोटक बेल्ट से विस्फोट कर दिया. निगरानी समूह के प्रमुख रमी अब्दल रहमान ने कहा, ‘मारे गए 23 विद्रोहियों में से अधिकतर जैश अल-इस्लाम के थे. दर्जनों अन्य लोग घायल हुए हैं, जिनमें से 20 की हालत गंभीर है.’ अभी किसी ने हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है, लेकिन इस्लामिक स्टेट संगठन से जुड़े जिहादियों ने दक्षिणी सीरिया में विद्रोहियों पर हमला किया है. नसीब सीमा पारगमन पर अप्रैल 2015 में विद्रोही समूहों ने कब्जा कर लिया था.

अमेरिकी हवाई हमले में इराक समर्थित 40 लड़ाकों की मौत

सीरिया सीमा पर अमेरिका द्वारा किए गए हवाई हमले में इराक सरकार द्वारा समर्थित शिया अर्धसैनिक बल 'अल हश्द अल शाबी' के 40 लड़ाकों की मौत हो गई. शिया अर्धसैनिक बल ने मंगलवार (8 अगस्त) को यह जानकारी देते हुए चेतावनी दी है कि हमला करने वाले सजा से बच नहीं पाएंगे. समाचार एजेंसी सिन्हुआ ने शिया अर्धसैनिक बल की ओर से जारी वक्तव्य के हवाले से कहा है कि अमेरिकी बलों ने सोमवार सुबह सीरिया की सीमा से लगे अकाशात इलाके में सैयद अल शुहादा सुरक्षा चौकी पर भारी बमबारी की.

वक्तव्य में कहा गया है कि वे इस हमले के परिणाम के लिए अमेरिकी बलों को जिम्मेदार मानते हैं. शिया अर्धसैनिक बल ने इराक सरकार से हमले की जांच कराने की मांग की है और सीरिया से लगी सीमा की सुरक्षा का अनुरोध किया है, ताकि अमेरिका अपना दुर्भावनापूर्ण एजेंडा लागू करने के लिए इस सीमा का इस्तेमाल न कर सके. स्थानीय मीडिया में आई खबरों में कहा गया है कि पश्चिमी इराक में सुरक्षा चौकियों पर अमेरिका द्वारा किए गए हवाई हमलों में करीब 30 लोग घायल हुए हैं. उल्लेखनीय है कि इराकी सुरक्षा बल, जिसमें हश्द शाबी और सुन्नी कबायली लड़ाके शामिल हैं, मोसुल से 70 किलोमीटर की दूरी पर स्थित आईएस के कब्जे वाले ताल अफार को आजाद कराने की तैयारी में जुटा हुआ है.

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