जापानी बुलेट ट्रेन में घटिया कल-पुर्जे का खुलासा, क्या भारत के प्रोजेक्ट पर भी पड़ेगा असर?

जापान में स्टील घोटाला सामने आया है. यहां की कंपनी कोबी स्टील लिमिटेड (Kobe Steel Ltd) पर आरोप लगे हैं कि उसने बुलेट ट्रेनों में घटिया माल खपाया है.

ज़ी न्यूज़ डेस्क | Updated: Oct 12, 2017, 11:17 PM IST
जापानी बुलेट ट्रेन में घटिया कल-पुर्जे का खुलासा, क्या भारत के प्रोजेक्ट पर भी पड़ेगा असर?
बुलेट ट्रेन के प्लेटफॉर्म पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जापानी जापान के प्रधानमंत्री शिंजो आबे. फाइल फोटो

जापान में स्टील घोटाला सामने आया है. यहां की कंपनी कोबी स्टील लिमिटेड (Kobe Steel Ltd) पर आरोप लगे हैं कि उसने बुलेट ट्रेनों में घटिया माल खपाया है. जापान में बुलेट ट्रेनों का संचालन करने वाली कंपनियों ने कहा है कि ये जरूर है कि कोबी स्टील ने घटिया माल खपाया है, लेकिन इससे सुरक्षा के लिए कोई खतरा नहीं है. हां, ये जरूर है कि कोबी स्टील ने बुलेट ट्रेन के लिए औद्योगिक मानकों के अनुरूप कल-पुर्जे नहीं दिए थे. यह खबर भारत के लिहाज से इसलिए अहम मानी जा रही है क्योंकि जापान की मदद से ही मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट को तैयार किया जा रहा है.

इकोनॉमिक्स टाइम्स की खबर के मुताबिक घोटाला सामने आने के बाद कोबी स्टील ने अपनी गलती स्वीकार ली है. साथ ही उसने माफी भी मांग ली है. करीब 112 साल पुरानी कंपनी कोबी स्टील बुलेट ट्रेन के अलावा कार कंपनियों को भी पार्ट्स मुहैया कराती है. बताया जा रहा है कि कोबी स्टील ने स्वीकार किया है कि उसने टोयोटा मोटर की कारों में भी घटिया कल-पुर्जे खपाए हैं.

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इस घोटाले का पर्दाफाश होने के बाद कोबी स्टील कहा, 'हम उन तमाम यूजर्स से क्षमा चाहते हैं, जिन्हें मेरी इस गलती से दुख पहुंचा है. कंपनी लोगों का विश्वास हासिल करने के लिए नए सिरे से काम करेगी. हमारी कंपनी के लिए सुरक्षा ही प्राथमिकता है.' मालूम हो कि कोबी स्टील करीब 300 कंपनियों को कल-पुर्जे मुहैया करती है. जापान सरकार उन सभी कंपनियों के प्रोडक्ट की जांच कर रही है, जिनमें कोबी स्टील के कल-पुर्जे लगे हुए हैं.

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मालूम हो कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जापानी पीएम शिंजो आबे ने अहमदाबाद में बुलेट ट्रेन की आधार शिला रखी है. सरकार के मुताबिक इस प्रोजेक्‍ट की कुल लागत करीब 1.08 लाख करोड़ आएगी और इस प्रोजेक्‍ट के 15 अगस्‍त 2022 तक पूरा होने का लक्ष्‍य रखा गया है. भारत में 21 किलोमीटर की सबसे लंबी टनल और 7 किलोमीटर समुद्र के नीचे से रूट रहेगा. पटरियां जमीन से 20 मीटर (करीब 70 फीट ऊपर) एलिवेटेड रहेंगी. अहमदाबाद से मुंबई की 508 किमी की रेलयात्रा में फिलहाल 7 से 8 घंटे लगते हैं. बुलेट ट्रेन चालूहोने पर 2.07 से 2.58 घंटे लगेंगे.