UNESCO ने कुंभ मेले को ‘मानवता की अमूर्त सांस्कृतिक धरोहर’ के तौर पर मान्यता दी

यूनेस्को के अधीनस्थ संगठन इंटरगर्वनमेंटल कमिटी फोर द सेफगार्डिंग ऑफ इन्टेंजिबल कल्चरल हेरीटेज ने दक्षिण कोरिया के जेजू में हुए अपने 12वें सत्र में कुंभ मेले को ‘‘मावनता के अमूर्त सांस्कृतिक धरोहर की प्रतिनिधि सूची’’ में शामिल किया.

UNESCO ने कुंभ मेले को ‘मानवता की अमूर्त सांस्कृतिक धरोहर’ के तौर पर मान्यता दी
दुनिया का सबसे बड़ा धार्मिक मेला माना जाने वाला कुंभ मेला सूची में बोत्सवाना, कोलंबिया, वेनेजुएला, मंगोलिया, मोरक्को, तुर्की और संयुक्त अरब अमीरात की चीजों के साथ शामिल किया गया है. (फाइल फोटो)
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नई दिल्ली: यूनेस्को ने भारत के कुंभ मेले को ‘‘मानवता की अमूर्त सांस्कृतिक धरोहर’’ के तौर पर मान्यता दी है. अंतरराष्ट्रीय संगठन ने गुरुवार को ट्विटर पर यह जानकारी दी. यूनेस्को के अधीनस्थ संगठन इंटरगर्वनमेंटल कमिटी फोर द सेफगार्डिंग ऑफ इन्टेंजिबल कल्चरल हेरीटेज ने दक्षिण कोरिया के जेजू में हुए अपने 12वें सत्र में कुंभ मेले को ‘‘मावनता के अमूर्त सांस्कृतिक धरोहर की प्रतिनिधि सूची’’ में शामिल किया.

दुनिया का सबसे बड़ा धार्मिक मेला माना जाने वाला कुंभ मेला सूची में बोत्सवाना, कोलंबिया, वेनेजुएला, मंगोलिया, मोरक्को, तुर्की और संयुक्त अरब अमीरात की चीजों के साथ शामिल किया गया है.

संस्कृति मंत्री महेश शर्मा ने ट्वीट किया, ‘‘हमारे लिए बेहद गौरव का क्षण है कि यूनेस्को ने कुंभ मेला को मानवता के अमूर्त सांस्कृतिक धरोहर के तौर पर जगह दी है.’’ उन्होंने कहा, ‘‘कुंभ मेला को धरती पर श्रद्धालुओं का सबसे बड़ा शांतिपूर्ण जमघट समझा जाता है जिसमें जाति, पंथ या लिंग से इतर लाखों लोग हिस्सा लेते हैं.’’

(इनपुट - भाषा)

 

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