विकीलीक्स और जूलियन असांज के ख़िलाफ़ आरोप लगाने की तैयारी में अमेरिका

अमेरिका की दो मीडिया रिपोर्ट का कहना है कि संवेदनशील गोपनीय जानकारियों का खुलासा करने के सिलसिले में अमेरिकी अभियोजक विकीलीक्स और इसके संस्थापक जूलियन असांज के खिलाफ आरोप लगाने की तैयारी अथवा आरोपों के संबंध में गहन विचार कर रहे हैं.

Updated: Apr 21, 2017, 04:24 PM IST
विकीलीक्स और जूलियन असांज के ख़िलाफ़ आरोप लगाने की तैयारी में अमेरिका
विकीलीक्स की ओर से करीब 8,000 दस्तावेजों को जारी करने के बाद अमेरिका का यह कदम सामने आया है. (फाइल फोटो)

वॉशिंगटन: अमेरिका की दो मीडिया रिपोर्ट का कहना है कि संवेदनशील गोपनीय जानकारियों का खुलासा करने के सिलसिले में अमेरिकी अभियोजक विकीलीक्स और इसके संस्थापक जूलियन असांज के खिलाफ आरोप लगाने की तैयारी अथवा आरोपों के संबंध में गहन विचार कर रहे हैं.

‘सीएनएन’ ने शुक्रवार (21 अप्रैल) को अपनी रिपोर्ट में कहा कि अधिकारी असांज को गिरफ्तार किए जाने की मांग की तैयारी कर रहे हैं.

‘वाशिंगटन पोस्ट’ की रिपोर्ट के अनुसार अभियोजक ओबामा कार्यकाल में न्याय विभाग द्वारा इस सिलसिले में कार्रवाई खारिज करने के बाद संगठन (विकीलीक्स) के सदस्यों के खिलाफ आरोपों के बारे में विचार विमर्श कर रहे हैं.

अखबार ने कहा कि इनमें साजिश रचने, सरकारी संपदा की चोरी और जासूसी कानून के उल्लंघन जैसे आरोप हो सकते हैं. हालांकि किसी भी आरोपों के लिये अमेरिकी न्याय विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से मंजूरी लेना आवश्यक होगा.

पिछले महीने विकीलीक्स की ओर से करीब 8,000 दस्तावेजों को जारी करने के बाद अमेरिका का यह कदम सामने आया है. इन दस्तावेजों में सीआईए द्वारा साइबर जासूसी के लिए कम्प्यूटर, मोबाइल फोन और यहां तक कि स्मार्ट टीवी को हथियार के तौर पर इस्तेमाल किए जाने जैसी गोपनीय जानकारियों का खुलासा करने की बात कही गयी है.

इससे पहले विकीलीक्स ने अमेरिकी विदेश मंत्रालय से संबद्ध 250,000 केबलों और इराक एवं अफगानिस्तान में हजारों अभिलेखों का प्रकाशन कर अमेरिका के लिए असहज स्थिति पैदा कर दी थी.

सीआईए के निदेशक माइक पॉम्पीओ ने पिछले सप्ताह समूह की आलोचना करते हुए इसे ‘‘शत्रुतापूर्ण खुफिया सेवा’’ और अमेरिकी सुरक्षा के लिये खतरा करार दिया था.

अटॉर्नी जनरल जेफ सेशंस ने गुरुवार (20 अप्रैल) को संवाददाताओं से कहा था कि असांज की गिरफ्तारी वरीयता है क्योंकि न्याय विभाग भी गोपनीय जानकारियों को मीडिया में लीक करने वाले लोगों के खिलाफ अभियोग के प्रयास के लिये कदम उठा रहा है.