डोनाल्ड ट्रंप पर बरसे फिलस्तीनी राष्ट्रपति, पश्चिम एशिया में अमेरिका खुद ही मध्यस्थता लायक नहीं रहा

यरूशलम को राजधानी घोषित करने के ट्रंप के कदम से फिलस्तीनियों में आक्रोश पैदा हो गया था. पश्चिमी एशिया में प्रदर्शनों का दौर शुरू हो गया था, जिससे क्षेत्र में अस्थिरता कायम होने की चिंता पैदा हो गई थी.

डोनाल्ड ट्रंप पर बरसे फिलस्तीनी राष्ट्रपति, पश्चिम एशिया में अमेरिका खुद ही मध्यस्थता लायक नहीं रहा
फिलस्तीन के राष्ट्रपति महमूद अब्बास. (फाइल फोटो)

रामल्ला: फिलस्तीन के राष्ट्रपति महमूद अब्बास ने यरूशलम को इजरायल की राजधानी घोषित करने के ‘अवैध’ फैसले के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की आलोचना करते हुए कहा है कि अमेरिका पश्चिम एशिया शांति प्रक्रिया में खुद ही एक ‘ईमानदार मध्यस्थ’ की भूमिका निभाने लायक नहीं रहा. यरूशलम को राजधानी घोषित करने के ट्रंप के कदम से फिलस्तीनियों में आक्रोश पैदा हो गया था. पश्चिमी एशिया में प्रदर्शनों का दौर शुरू हो गया था, जिससे क्षेत्र में अस्थिरता कायम होने की चिंता पैदा हो गई थी.

इजरायल के साथ फलस्तीन के टकराव का केंद्र बिंदु यरूशलम की स्थिति है. इस शहर, खासकर पूर्वी हिस्से, में यहूदी, इस्लाम और ईसाई धर्म के पवित्र स्थल हैं. फिलस्तीनी चाहते हैं कि पूर्वी यरूशलम को वे भविष्य में अपनी राजधानी बनाएं. अब्बास ने यरूशलम को इजरायल की राजधानी घोषित करने और फलस्तीनियों को दिए गए सहायता पैकेज में कटौती करने के अमेरिकी फैसलों को ‘अरचनात्मक’ करार दिया. उन्होंने कहा कि ट्रंप के कदम से अंतिम सहमति बनाने में देरी ही होगी.

फिलस्तीनी राष्ट्रपति ने एक ई-मेल इंटरव्यू में बताया, ‘अमेरिकी प्रशासन खुद को एक ईमानदार मध्यस्थ की भूमिका के लिए अयोग्य कर चुका है और उसे शांति प्रक्रिया में एकमात्र मध्यस्थ नहीं होना चाहिए.’ अपने कार्यकाल के दौरान एक अहम करार करने के ट्रंप के वादे पर निशाना साधते हुए फलस्तीनी राष्ट्रपति ने कहा कि उन्हें ‘कोई प्रस्ताव नहीं मिला है’, बल्कि यरूशलम पर अचानक लिया गया अवैध फैसला ही देखने को मिला है.

उन्होंने कहा, ‘तथाकथित अहम करार के बाबत हमें अब तक शांति योजना के लिए कोई प्रस्ताव नहीं मिला है. हम अक्सर सुनते रहते हैं कि अमेरिकी राष्ट्रपति सभी पक्षों के सामने कोई अहम करार पेश करने वाले हैं, लेकिन किसी ने कोई प्रस्ताव नहीं दिया है, बल्कि राष्ट्रपति ट्रंप ने यरूशलम पर अचानक एक अवैध घोषणा कर दी.’ 

यरूशलम विवाद: महमूद अब्बास बोले, ट्रंप का फैसला एक 'अपराध' है जिससे विश्व शांति को खतरा

इससे पहले फिलीस्तीनी राष्ट्रपति महमूद अब्बास ने पिछले साल 13 दिसंबर को कहा कि पश्चिम एशिया में शांति प्रक्रिया में उनके लोग ‘अब से’ अमेरिका की किसी भूमिका को स्वीकार नहीं करेंगे. अब्बास ने यह बात अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा यरूशलम को इजरायल की राजधानी के रूप में मान्यता दिए जाने के जवाब में कही. अब्बास तुर्की में इस्लामी देशों के प्रमुखों और शीर्ष अधिकारियों के सम्मेलन में बोल रहे थे. इस सम्मेलन में ट्रंप के फैसले के खिलाफ एकीकृत मुस्लिम जगत का रुख तय होने की उम्मीद है.

उन्होंने कहा कि ट्रंप का फैसला एक ‘अपराध’ है, जिससे विश्व शांति को खतरा है. उन्होंने संयुक्त राष्ट्र से आग्रह किया कि शांति प्रक्रिया का प्रभार वह अपने हाथों में लें और नया तंत्र स्थापित करें क्योंकि वाशिंगटन इस कार्य के लिए अब ‘‘योग्य’’ नहीं रहा. फलस्तीनी नेता ने यह भी कहा कि फलस्तीनी लोग इस्राइल-फिलस्तीन संघर्ष के शांतिपूर्ण समाधान के लिए प्रतिबद्ध हैं, लेकिन यरूशलम पर ट्रंप के फैसले के बाद वाशिंगटन को निष्पक्ष वार्ताकार के रूप में स्वीकार नहीं किया जा सकता. इस्लामी देशों के संगठन (ओआईसी) के मौजूदा अध्यक्ष के रूप में तुर्की के राष्ट्रपति रजब तैयब एर्दोआन ने देशों से आह्वान किया कि वे जल्द ही फलस्तीन को देश के रूप में तथा यरूशलम को इसकी राजधानी के रूप में मान्यता प्रदान करें.

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