विजय माल्या के प्रत्यर्पण मामले में कोर्ट में सुनवाई पूरी, 10 दिसंबर को आएगा फैसला

Shriram Sharma Thu, 13 Sep 2018-7:17 am,

सुनवाई के बाद कोर्ट ने बाहर आकर मीडिया से बात करते हुए विजय माल्या ने कहा कि वह अभियोजन पक्ष के आरोपों से सहमत नहीं हैं, इस बारे में कोर्ट को कोई फैसला लेने दें.

नई दिल्ली : भारत से भगोड़े शराब कारोबारी विजय माल्या के प्रत्यर्पण को लेकर लंदन में की अदालत में सुनवाई बुधवार को पूरी हो गई. कोर्ट ने इस पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है, फैसला 10 दिसंबर को सुनाया जाएगा. कोर्ट में सुनवाई के दौरान कहा कि भारत छोड़ने से पहले उन्होंने वित्त मंत्री से मुलाकात की थी. हालांकि विजय माल्या के दावे को अरुण जेटली ने झूठ बताया है.


बता दें कि लंदन की वेस्टमिंस्टर कोर्ट में बुधवार को माल्या के प्रत्यर्पण मामले में बुधवार को अंतिम सुनवाई हुई थी. सुनवाई के दौरान माल्या ने कोर्ट में यह कहकर भारतीय राजनीति में भूचाल खड़ा कर दिया कि भारत छोड़ने से पहले वह वित्त मंत्री अरुण जेटली से मिले थे और बैंकों के कर्ज को लेकर सेटलमेंट की बात कही थी. 


सुनवाई के दौरान शराब कारोबारी के वकील ने कोर्ट को बताया कि अभी तक ऐसे कोई भी सबूत नहीं मिले हैं, जिनके आधार पर यह कहा जा सके कि माल्या या फिर किंगफिशर ने किसी बुरी नीयत से बैंकों से लोन लिया था. माल्या के वकील ने कहा कि सीबीआई के राकेश अस्थाना ने बैंकों पर माल्या के खिलाफ केस दर्ज करने के लिए दबाव बनाया था और केस दर्ज नहीं करने के दशा में परिणाम भुगत लेने के धमकी दी थी.


VIDEO : विजय माल्या का दावा, भारत छोड़ने से पहले वित्त मंत्री से की थी मुलाकात


सुनवाई के बाद कोर्ट ने बाहर आकर मीडिया से बात करते हुए विजय माल्या ने कहा कि वह अभियोजन पक्ष के आरोपों से सहमत नहीं हैं, इस बारे में कोर्ट को कोई फैसला लेने दें. वित्त मंत्री से मुलाकात के दावे पर उन्होंने दोहराया कि यह सच है कि कर्ज के निपटान के लिए उन्होंने वित्त मंत्री अरुण जेटली से मुलाकात की थी.


विजय माल्या के दावे पर अरुण जेटली ने कहा- झूठ बोल रहे हैं माल्या


हालांकि माल्या के दावे को अरुण जेटली ने सरासर झूठ करार दिया. उन्होंने अपने फेसबुक पेज पर इस मामले में सफाई देते हुए कहा कि जब माल्या राज्यसभा के सदस्य थे तब एक दिन सदन की कार्रवाई के दौरान माल्या ने प्रिविलेज का गलत इस्तेमाल करते हुए उनसे बात करने की कोशिश की थी और उन्हें कुछ कागज देने की कोशिश की. वित्त मंत्री ने कहा कि उन्होंने माल्या से ना तो कोई बात की और ना ही उनके कागज लिए. हां, कर्ज के सेटलमेंट के लिए उनको बैंकों से बात करने की बात जरूर कही थी.

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