दक्षिण चीन सागर में घुसेगा ब्रिटेन का युद्धपोत, रक्षा सचिव ने कहा- सेना को ऐसा करने का अधिकार

ब्रिटेन का युद्धपोत अगले महीने दक्षिण चीन से गुजरेगा. ऐसा करके ब्रिटन के रक्षा सचिव गैविन विलियमसन यह स्पष्ट करना चाहते हैं कि नौसेना के पास भी अधिकारों की स्वतंत्रता है

दक्षिण चीन सागर में घुसेगा ब्रिटेन का युद्धपोत, रक्षा सचिव ने कहा- सेना को ऐसा करने का अधिकार
ब्रिटेन का युद्धपोत अगले महीने दक्षिण चीन से गुजरेगा....(फाइल फोटो)

सिडनी : ब्रिटेन का युद्धपोत अगले महीने दक्षिण चीन से गुजरेगा. ऐसा करके ब्रिटन के रक्षा सचिव गैविन विलियमसन यह स्पष्ट करना चाहते हैं कि नौसेना के पास भी अधिकारों की स्वतंत्रता है. ब्रिटेन युद्धपोत नौवहन अधिकारों की स्वतंत्रता पर जोर देने के लिए अगले महीने आस्ट्रेलिया से रवाना होगा और दक्षिण चीन सागर से होते हुए आगे बढ़ेगा. मंगलवार को एक वरिष्ठ अधिकारी ने इस बात की जानकारी दी. 

ब्रिटेन के रक्षा सचिव का ऑस्ट्रेलिया दौरा

उल्लेखनीय है कि ब्रिटेन के रक्षा सचिव अगले महीने सिडनी और कैनबरा का दौरा करने वाले हैं. सिडनी और कैनबरा के दो दिवसीय दौरे के बाद जब वो अपने देश वापस आएंगे, तो दक्षिण चीन सागर से होकर गुजरेंगे. 'द ऑस्ट्रेलियन' समाचार के अनुसार, ब्रिटेन के रक्षा सचिव गैविन विलियमसन ने कहा कि पनडुब्बी रोधी फ्रिगेट एचएमएस सदरलैंड इस सप्ताह के अंत में आस्ट्रेलिया पहुंचेगा. इसके बाद वे देश वापसी के दौरान दक्षिण चीन सागर से होकर गुजरेंगे और यह स्पष्ट करेंगे कि नौसेना के पास ऐसा करने का अधिकार है.

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चीन हो सकता है नाराज

ब्रिटेन का यह कदम चीन को नाराज कर सकता है. चीन संसाधन समृद्ध लगभग संपूर्ण दक्षिण चीन सागर पर अपना दावा करता है. वह वहां चट्टानों एवं टापुओं को द्वीपों में बदल रहा है और सैन्य सुविधाएं स्थापित कर रहा है. हालांकि, विलियमसन ने यह नहीं बताया कि फ्रिगेट अमेरिकी पोतों की तरह विवादित क्षेत्र के 12 मील के दायरे या चीन द्वारा निर्मित कृत्रिम द्वीप से होकर गुजरेगा या नहीं.

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ब्रिटेन ने अमेरिका का किया समर्थन

लेकिन उन्होंने कहा कि वे इस मामले में अमेरिका के रुख का पूरी तरह समर्थन करते हैं. अमेरिका वहां जो कर रहा है, हम उसका पूर्णतय: सर्मथन करते हैं. विलियमसन ने कहा कि वैश्विक परिदृश्य बहुत तेजी से बदल रहा है, ऐसे में अमेरिका एक बार में कुछ ही चीजों पर ध्यान केंद्रित कर सकता है. अमेरिका चाहता है कि अन्य देश भी अधिक भूमिका निभाएं. यह ब्रिटेन एवं आस्ट्रेलिया के लिए अच्छा अवसर है कि वे नेतृत्व दर्शाते हुए अधिक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं.

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