PAK: हाफिज सईद का टूटा सपना, चुनाव आयोग ने दिया कुछ इस तरह झटका

पाकिस्तान में अगले कुछ हफ्तों में होने जा रहे राष्ट्रीय चुनावों से पहले मुंबई हमले के मास्टरमाइंड हाफिज सईद को करारा झटका लगा है. 

PAK: हाफिज सईद का टूटा सपना, चुनाव आयोग ने दिया कुछ इस तरह झटका
सईद पिछले महीने से ही एमएमएल के लिए चुनाव प्रचार कर रहा है.(फाइल फोटो)
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इस्लामाबाद: पाकिस्तान में अगले कुछ हफ्तों में होने जा रहे राष्ट्रीय चुनावों से पहले मुंबई हमले के मास्टरमाइंड हाफिज सईद को करारा झटका लगा है. चुनाव आयोग ने सईद के संगठन जमात- उद- दावा की राजनीतिक इकाई मिल्ली मुस्लिम लीग (एमएमएल) को राजनीतिक पार्टी के तौर पर पंजीकृत करने की अर्जी आज खारिज कर दी.  इस्लामाबाद उच्च न्यायालय ने पाकिस्तान चुनाव आयोग से कहा था कि वह एमएमएल को राजनीतिक पार्टी के तौर पर पंजीकृत करने की अर्जी खारिज कर दिए जाने के अपने फैसले की समीक्षा करे.

पीठ ने कहा कि आंतरिक मामलों के मंत्रालय की टिप्पणियों के मद्देनजर यह निर्णय किया गया है
अब्दुल गफ्फार सूमरो की अध्यक्षता वाली आयोग की चार सदस्यीय पीठ ने अपने फैसले में एमएमएल को राजनीतिक पार्टी के तौर पर पंजीकृत करने की इजाजत देने से इनकार कर दिया. अपने संक्षिप्त आदेश में पीठ ने कहा कि आंतरिक मामलों के मंत्रालय की टिप्पणियों के मद्देनजर यह निर्णय किया गया है. मंत्रालय ने एमएमएल के संबंध प्रतिबंधित जमात-उद- दावा (जेयूडी) के नेता सईद से होने के कारण उसे राजनीतिक पार्टी के तौर पर पंजीकृत किए जाने को लेकर अपनी आपत्ति जाहिर की थी.

मंत्रालय ने कहा था कि एमएमएल प्रतिबंधित जेयूडी की ही एक शाखा है
मंत्रालय ने कहा था कि एमएमएल प्रतिबंधित जेयूडी की ही एक शाखा है.  बहरहाल, एमएमएल ने इससे इनकार किया कि जेयूडी से उसके संबंध हैं या एमएमल के प्रमुख सैफुद्दीन खालिद का सईद से कोई रिश्ता है. एमएमएल ने कहा कि पाकिस्तान मुस्लिम लीग - नवाज और उसका नेतृत्व चुनाव आयोग की ओर से उसकी अर्जी खारिज करने के पीछे है. आगामी 25 जुलाई को होने वाले चुनावों में किस्मत आजमाने के लिए एमएमएल की शुरुआत बीते अगस्त में हुई थी. सईद पिछले महीने से ही एमएमएल के लिए चुनाव प्रचार कर रहा है.  

हाफिज सईद का संगठन ‘अल्लाह- हू- अकबर तहरीक’ जरिए लड़ने वाला था आम चुनाव
जैसा कि आपको बता दें कि मुंबई आतंकी हमले का षडयंत्रकर्ता हाफिज सईद का संगठन जमात- उद- दावा 25 जुलाई का आम चुनाव ‘अल्लाह- हू- अकबर तहरीक’ के जरिए लड़ने वाला था. दररअसल, इस समूह की मिल्ली मुस्लिम लीग (एमएमएल) का राजनीतिक पार्टी के रूप में पंजीकरण होना अभी बाकी था. जमाद - उद - दावा ने साल 2008 में मुंबई हमले को अंजाम दिया था. इस संगठन ने मिल्ली मुस्लिम लीग के नाम से अपनी राजनीतिक पार्टी शुरू की थी लेकिन पाकिस्तान चुनाव आयोग के पास यह अब तक पंजीकृत नहीं हो पाया था.  आम चुनाव नजदीक आने के साथ ही संगठन ने निष्क्रिय पड़ी पार्टी ‘ अल्लाह - हू - अकबर तहरीक ’ के जरिए चुनाव लड़ने का फैसला किया था. यह पार्टी पाकिस्तान चुनाव आयोग में पंजीकृत है. 

जमात - उद - दावा के एक सदस्य ने बताया, 'यह एक निष्क्रिय पार्टी है जिसे एहसान नाम के नागरिक ने पंजीकृत कराया था. इस तरह की कई पार्टियां पाकिस्तान चुनाव आयोग में दर्ज है ताकि मुख्यधारा की किसी पार्टी को यदि परेशानियों का सामना करना पड़े तो वे इनका सहारा ले सकें.' उन्होंने कहा कि एमएमएल के अध्यक्ष सैफुल्ला खालिद इस संबंध में जल्द ही औपचारिक घोषणा करेंगे. 

इनपुट भाषा से भी 

 

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