Divyanka Tripathi pens powerful poem on female power, invokes Maa Durga! Check post

Navratri is a nine-day long festival which began from October 10 this year and will last till 18th with Vijayadashami falling on the 19th. 

Divyanka Tripathi pens powerful poem on female power, invokes Maa Durga! Check post
Pic Courtesy: Instagram

New Delhi: Popular television actress Divyanka Tripathi is an avid social media user and enjoys a solid fan army online. She keeps her fans happy with regular updates about her TV shows and pictures. The famous 'Bahu' of the daily soap is a household name and never really shies away from speaking her mind on any burning issue.

On the auspicious occasion of Navratri, Divyanka has penned a powerfully worded poem, invoking Maa Durga. She has stressed about female power and womanhood while she compares it with Goddess Durga.

Also, she shared a picture of her in Goddess attire and posted the poem in the caption. “❗️तू दुर्गा है,❗️
तू दुर्गा है, .
तो क्यूँ रोती है, क्यूँ शिव तांडव कि राह तकती है?
वो तुझ में है, .
तो क्यूँ सहती है, चुप क्यूँ रहती है?
तू धैर्यवान है, .
पर क्यूँ आत्मसम्मान को परे रखती है?

तेरी गौरी सी मुस्कान का मोल पाव भर लगता है अब.
और मुस्कुरा, तेरी आत्मीयता से चकरा जाएँगे वो.
तेरी निश्छलता का भाव शून्य सा लगता है अब.
और दे, बोझ तले दब जाएँगे वो.
तुझे उथला पानी समझ उछालना चाहते हैं वो.
तू गहराई कम ना कर... डूब जाएँगे वो.

हे दशभुजाधारी माँ नहीं हो सकती तू अबला!
शक्ति तेरे भीतर है, बस स्वयं को निरंतर याद दिला.

बस कर बिछना.
नहीं तू चरणो की धूल! 
निरंतर प्रेम नहीं समझते
तो डर मत उठा त्रिशूल!
प्रेम, करुणा, दया की देवी है तू.
पर खो ना जा इस दायित्व में,
जीवनदात्रि है तो काली भी है तू!
-दिव्यांका त्रिपाठी दाहिया

नवरात्रि की शुभकामनाएँ!? (Durga for #StarPariwarAwards @StarPlus) 
#TuDurgaHai #HindiPoetry #WomanEmpowered”



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❗️तू दुर्गा है,❗️ तू दुर्गा है, . तो क्यूँ रोती है, क्यूँ शिव तांडव कि राह तकती है? वो तुझ में है, . तो क्यूँ सहती है, चुप क्यूँ रहती है? तू धैर्यवान है, . पर क्यूँ आत्मसम्मान को परे रखती है? तेरी गौरी सी मुस्कान का मोल पाव भर लगता है अब. और मुस्कुरा, तेरी आत्मीयता से चकरा जाएँगे वो. तेरी निश्छलता का भाव शून्य सा लगता है अब. और दे, बोझ तले दब जाएँगे वो. तुझे उथला पानी समझ उछालना चाहते हैं वो. तू गहराई कम ना कर... डूब जाएँगे वो. हे दशभुजाधारी माँ नहीं हो सकती तू अबला! शक्ति तेरे भीतर है, बस स्वयं को निरंतर याद दिला. बस कर बिछना. नहीं तू चरणो की धूल! निरंतर प्रेम नहीं समझते तो डर मत उठा त्रिशूल! प्रेम, करुणा, दया की देवी है तू. पर खो ना जा इस दायित्व में, जीवनदात्रि है तो काली भी है तू! -दिव्यांका त्रिपाठी दाहिया नवरात्रि की शुभकामनाएँ! (Durga for #StarPariwarAwards @StarPlus) #TuDurgaHai #HindiPoetry #WomanEmpowered

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Navratri is a nine-day long festival which began from October 10 this year and will last till 18th with Vijayadashami falling on the 19th. The festival of Navratri celebrates the victory of good over evil.

Here's wishing our readers a happy Navratri and a Shubho Durga Pujo!

 

 

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