शिवसेना-NCP सरकार को बाहर से समर्थन देगी कांग्रेस!, आदित्य ठाकरे और एकनाथ शिंदे पहुंचे राजभवन

शिवसेना विधायक आदित्य ठाकरे और एकनाथ शिंदे मुंबई स्थित राज्यपाल भवन पहुंचे हैं. बताया जा रहा है कि एकनाथ शिंदे राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी के सामने सरकार बनाने का दावा पेश कर सकते हैं. 

शिवसेना-NCP सरकार को बाहर से समर्थन देगी कांग्रेस!, आदित्य ठाकरे और एकनाथ शिंदे पहुंचे राजभवन
एकनाथ शिंदे को शिवसेना ने विधायक दल का नेता चुना है.

मुंबई: कांग्रेस (Congress) की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी (Sonia gandhi) के आवास पर हुई बैठक में तय हुआ है कि कांग्रेस (Congress) महाराष्ट्र में शिवसेना (Shiv Sena)-एनसीपी सरकार को बाहर से समर्थन देगी. सूत्रों के हवाले से खबर आ रही है कि शिवसेना (Shiv Sena) को सपोर्ट करने को लेकर सोनिया गांधी (Sonia gandhi) के आवास पर बुलाई गई बैठक में महाराष्ट्र कांग्रेस (Congress) के वरिष्ठ नेताओं के अलावा अहमद पटेल और एके एंटनी जैसे वरिष्ठ नेता भी मौजूद रहे. इस बैठक में तय हुआ है कि कांग्रेस (Congress) बाहर से समर्थन करेगी. इस फैसले को लेने से पहले सोनिया गांधी (Sonia gandhi) ने उद्धव ठाकरे से फोन पर बातचीत की. साथ ही सोनिया ने जयपुर में ठहरे हुए महाराष्ट्र के कांग्रेस (Congress) विधायकों से भी बातचीत कीं. ये भी खबर है कि एनसीपी ने फैक्स के जरिए राजभवन को सूचित कर दिया है कि वह शिवसेना का समर्थन कर रही है.

उधर, शिवसेना (Shiv Sena) विधायक आदित्य ठाकरे (Aditya Thackeray) और एकनाथ शिंदे (Eknath Shinde) मुंबई स्थित राज्यपाल भवन पहुंचे हैं. बताया जा रहा है कि एकनाथ शिंदे (Eknath Shinde) राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी के सामने सरकार बनाने का दावा पेश कर सकते हैं. यहां आपको बता दें कि एकनाथ शिंदे (Eknath Shinde) को शिवसेना (Shiv Sena) ने विधायक दल का नेता चुना है. ऐसे में चर्चा है कि शिवसेना (Shiv Sena) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने उन्हें ही मुख्यमंत्री पद के लिए चुना है.

यहां आपको बता दें कि शिवसेना (Shiv Sena) के 56, राष्ट्रवादी कांग्रेस (Congress) (एनसीपी) के 54 और कांग्रेस (Congress) के 44 विधायक हैं. तीनों दल मिलकर महाराष्ट्र में अगली सरकार बनाने की तैयारी में है. महाराष्ट्र में सरकार बनाने के लिए बहुमत का आंकड़ा 145 है, जबकि इन तीनों दलों को मिलाकर यह आंकड़ा 154 तक पहुंचता है. इसके अलावा इन्हें सात निर्दलीय विधायकों का भी समर्थन प्राप्त है.

पवार से मिले उद्धव
बीजेपी-शिवसेना (Shiv Sena) गठबंधन के बिखरने के साथ ही सत्‍ता के लिए नए साथी तलाशने की चाहत में शिवसेना (Shiv Sena) प्रमुख उद्धव ठाकरे सोमवार को होटल ताज लैंड्स एंड में एनसीपी नेता शरद पवार से मिलने पहुंचे. दोनों नेताओं के बीच क्या बात हुई अभी इस बारे में कोई जानकारी सामने नहीं आई है. हालांकि सूत्रों के मुताबिक मुलाकात में उद्धव ठाकरे ने सरकार बनाने के लिए शरद पवार को साथ आने का न्‍योता दिया है. उद्धव ने कहा कि केंद्र की गलत नीतियों के कारण एक साथ आना जरूरी है.

इससे पहले आज सुबह एनसीपी की बैठक के बाद पार्टी नेता नवाब मलिक ने कहा कि शाम चार बजे कांग्रेस (Congress) की बैठक के बाद उनका दल अपनी पोजीशन स्‍पष्‍ट करेगा. उन्‍होंने कहा कि एनसीपी और कांग्रेस (Congress) दोनों ने मिलकर चुनाव लड़ा था. इसलिए कांग्रेस (Congress) की राय जानने के बाद ही एनसीपी अगले कदम का ऐलान करेगी. इस बीच उद्धव से मुलाकात के बाद शरद और अजित पवार एक बार फिर एनसीपी के वरिष्‍ठ नेताओं के साथ शाम चार बजे मुलाकात करने वाले हैं.

इस बात के कयास लगाए जा रहे हैं कि महाराष्‍ट्र में शिवसेना (Shiv Sena), कांग्रेस (Congress) और एनसीपी के सहयोग से सरकार बनाने की कोशिशें कर रही है. गवर्नर ने भी उनको आज शाम साढ़े सात बजे तक अपनी स्थिति स्‍पष्‍ट करने को कहा है.

अब सारी निगाहें कांग्रेस (Congress) पर टिकी है. वरिष्‍ठ नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि कांग्रेस (Congress) का शीर्ष नेतृत्‍व शाम चार बजे महाराष्‍ट्र इकाई के नेताओं के साथ बैठक करेगा. सूत्रों के मुताबिक उसमें शिवसेना (Shiv Sena) को अंदर या बाहर से समर्थन देने का फैसला लिया जाएगा. वैसे सूत्रों का ये भी कहना है कि कांग्रेस (Congress) के 44 विधायकों में से ज्‍यादातर शिवसेना (Shiv Sena) के नेतृत्‍व में बनने वाली सरकार में शामिल होने के इच्‍छुक हैं.

अरविंद सावंत ने दिया इस्‍तीफा     
इन सबके बीच शिवसेना (Shiv Sena) सांसद अरविंद सावंत ने सोमवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर शिवसेना (Shiv Sena) से किए 50:50 फॉर्मूले का वादा तोड़ने का आरोप लगाते हुए कहा कि इससे भाजपा-शिवसेना (Shiv Sena) के गठबंधन के जारी रखने पर सवाल खड़ा हो गया है. केंद्रीय भारी उद्योग मंत्री ने कहा, "राज्य में नई सरकार और नया गठबंधन बनेगा."

उन्होंने कहा, "हालिया घटनाओं के बाद मंत्री बने रहना ठीक नहीं है, इसीलिए मैंने इस्तीफा देने का फैसला किया है." यह पूछने पर कि क्या शिवसेना (Shiv Sena) भाजपा की अगुआई वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) से निकल रही है?, उन्होंने कहा, "मेरी कार्रवाई से इसका मतलब कोई भी समझ सकता है."