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महाराष्‍ट्र: शिवसेना के साथ सरकार बनाने में NCP को नहीं दिक्‍कत, दुविधा में कांग्रेस

सूत्रों के मुताबिक एनसीपी को शिवसेना के साथ सरकार बनाने में कोई दिक्कत नहीं है लेकिन यह शिवसेना के प्रस्ताव और कांग्रेस के बाहरी समर्थन पर निर्भर करेगा.

महाराष्‍ट्र: शिवसेना के साथ सरकार बनाने में NCP को नहीं दिक्‍कत, दुविधा में कांग्रेस

नई दिल्‍ली: महाराष्‍ट्र विधानसभा चुनाव (Maharashtra Assembly Elections 2019) में सरकार गठन को दलों के बीच रस्‍साकशी और मंथन जारी है. शिवसेना के 50-50 फॉर्मूले की मांग के कारण बीजेपी साथ सरकार गठन पर गतिरोध जारी है. इसके चलते शिवसेना समेत विपक्षी दल अन्‍य विकल्‍पों पर भी विचार कर रहे हैं. इस सिलसिले में एनसीपी नेता शरद पवार ने कल सहयोगी कांग्रेस नेता सोनिया गांधी से मुलाकात की. सूत्रों के मुताबिक महाराष्ट्र में शिवसेना के साथ सरकार बनाने में कांग्रेस फिलहाल दुविधा है. ये भी कहा जा सकता है कि कांग्रेस की फिलहाल इसमें कोई दिलचस्पी नहीं है.

सूत्रों के मुताबिक सोनिया गांधी ने सोमवार की बैठक में शरद पवार से कहा कि हमारे पास आंकड़े नहीं है लेकिन आगे की राजनीतिक परिस्थिति के मुताबिक कांग्रेस विचार करेगी. दरअसल सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस का शिवसेना से वैचारिक मतभेद महाराष्ट्र में सरकार बनाने में बड़ा रोड़ा माना जा रहा है.

वैसे सूत्रों के मुताबिक एनसीपी को शिवसेना के साथ सरकार बनाने में कोई दिक्कत नहीं है लेकिन यह शिवसेना के प्रस्ताव और कांग्रेस के बाहरी समर्थन पर निर्भर करेगा. आज शरद पवार मुंबई में पार्टी के प्रमुख नेताओं से इस मुद्दे पर चर्चा करेंगे. ज़रूरत के हिसाब से सोनिया गांधी से आगे की बातचीत या मुलाकात करेंगे.

कांग्रेस-एनसीपी ने गवर्नर से मिलने का वक्‍त मांगा
सियासी गहमागहमी के बीच विपक्षी खेमे के बीच कांग्रेस नेताओं ने महाराष्ट्र के राज्यपाल से मुलाकात का वक्‍त मांगा है. एनसीपी के नेताओं के साथ गवर्नर से मिलने का समय राजभवन से मांगा गया है. राजभवन से अभी वक्त नहीं मिला है. हालांकि आज मिलने की उम्मीद है.

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बीजेपी अकेले सरकार बनाने का दावा नहीं करेगी पेश
उधर सूत्रों के मुताबिक बीजेपी अल्पमत में अकेले सरकार बनाने का पहले दावा पेश नहीं करेगी. बीजेपी सूत्रों के मुताबिक बीजेपी शिवसेना के समर्थन देने पर स्थिति स्पष्ट होने तक खुद दावा नहीं ठोकेगी. महाराष्ट्र बीजेपी को शिवसेना के कदम पर नजर रखने और देखो और प्रतीक्षा करो की रणनीति अपनाने की बीजेपी आलाकमान से ताकीद की गई है.

सूत्रों के अनुसार बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह महाराष्ट्र में सीएम और गृहमंत्री की कुर्सी को छोड़कर बाकी पदों फर फिफ्टी-फिफ्टी के फॉर्मूले पर शिवसेना से बातचीत के पक्षधर हैं. शिवसेना को 18 मंत्री पद देने की बीजेपी तैयारी कर रही है. मुख्‍यमंत्री देवेंद्र देवेंद्र फडणवीस ने आगे की रणनीति के लिए दोपहर 2 बजे कोर कमेटी की बैठक बुलाई है. इसमें फडणवीस के अलावा, चंद्रकांत पाटिल, सुधीर मुनगंटीवार, गिरीश महाजन, और पंकजा मुंडे मौजूद रहेंगे.

इस बीच बीजेपी नेताओं के करीबी और शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे के सलाहकार किशोर तिवारी ने इस सिलसिले में आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत को पत्र लिखकर दखल देने की मांग की है. बेहद प्राथमिकता वाले इस पत्र में तिवारी ने संघ प्रमुख से आग्रह किया है कि वे सरकार गठन को लेकर केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से मध्यस्थता कराएं ताकि बीजेपी और शिवसेना के बीच जारी विवाद का आम सहमति से हल निकल सके.

शिवसेना को मलाल
वैसे शिवसेना की अब तक औपचारिक तौर पर बीजेपी से सरकार गठन को लेकर बातचीत नहीं हुई है. सूत्रों के मुताबिक सीएम पद के बंटवारे के साथ-साथ शिवसेना इस बात से भी नाराज़ है कि अभी तक बीजेपी के किसी भी बड़े नेता का आदित्य ठाकरे की जीत पर बधाई के लिए फोन तक नहीं आया. सीएम ने नतीजे वाले दिन भी सिर्फ प्रेस कॉन्फ्रेंस की टाइमिंग के बदलाव पर बात की थी. शिवसेना को उम्मीद थी कि ठाकरे परिवार के पहले व्यक्ति के चुनाव जीतने के बाद गठबंधन के नेता बधाई देंगे लेकिन ऐसा नहीं हुआ.

शिवसेना को मलाल है कि जब पीएम मोदी और अमित शाह का नामांकन था तब उद्धव ठाकरे खुद नामांकन के समय पहुंचे थे. इसके बावजूद बीजेपी का ये व्यवहार शिवसेना को नागवार लग रहा है. सूत्रों के मुताबिक एक तरफ जहां बीजेपी का ऐसा व्यवहार था तो दूसरी तरफ पवार परिवार की तरफ से आदित्य की जीत पर बधाई दी गई थी.

(इनपुट: अहसान अब्‍बास और नित्‍यानंद शर्मा के साथ)