close

खास खबरें सिर्फ आपके लिए...हम खासतौर से आपके लिए कुछ चुनिंदा खबरें लाए हैं. इन्हें सीधे अपने मेलबाक्स में प्राप्त करें.

शिवसेना ने कहा- न दैन्यं न पलायनम्, NCP बोली- दिल्ली के तख्त के आगे महाराष्ट्र नहीं झुकता

महाराष्‍ट्र (Maharashtra Assembly Elections 2019) की सियासी गहमागहमी के बीच शिवसेना और एनसीपी ने एक बार फिर बीजेपी पर हमला बोला है.

शिवसेना ने कहा- न दैन्यं न पलायनम्, NCP बोली- दिल्ली के तख्त के आगे महाराष्ट्र नहीं झुकता
संजय राउत ने शुक्रवार को अटल बिहारी बाजपेयी की कविता को ट्वीट किया. (फाइल फोटो)

मुंबई: महाराष्‍ट्र (Maharashtra Assembly Elections 2019) की सियासी गहमागहमी के बीच शिवसेना और एनसीपी ने एक बार फिर बीजेपी पर हमला बोला है. इसके लिए शिवसेना प्रवक्ता संजय राउत दुष्यंत कुमार से होते हुए अब दिवंगत नेता और बीजेपी के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेयी की कविताओं तक पहुंचे. संजय राउत ने शुक्रवार को अटल बिहारी बाजपेयी की कविता को ट्वीट किया- ''आग्नेय परीक्षा की इस घड़ी में- आइए, अर्जुन की तरह उद्घोष करें: ''न दैन्यं न पलायनम्.'' - अटल बिहारी वाजपेयी. (गीता का संदेश- 'न दैन्यं न पलायनम्' अर्थात कोई दीनता नहीं चाहिए, चुनौतियों से भागना नहीं, बल्कि जूझना जरूरी है.)

इसी तरह राष्‍ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) नेता नवाब मलिक ने ट्वीट कर कहा, ''महाराष्ट्र को भाजपा राष्ट्रपति शासन की ओर ढकेल मोदी और शाह की जोड़ी के जरिये दिल्ली से महाराष्ट्र की सत्ता की बागडोर चलाना चाहती है. यह महाराष्ट्र का अपमान जनता सहन नहीं करेगी. दिल्ली के तख्त के आगे महाराष्ट्र नहीं झुकता यह इतिहास है.

महाराष्ट्र में तुरंत नहीं लगेगा राष्ट्रपति शासन, मौजूदा सरकार का बढ़ सकता है कार्यकाल

देवेंद्र फडणवीस दे सकते हैं इस्‍तीफा
इस बीच खबर आ रही है कि महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस इस्तीफा देने की तैयारी में हैं. विधानसभा का कार्यकाल खत्म होने से पहले राज्यपाल से मिलकर इस्तीफा देने का देवेंद्र फडणवीस ने मन बनाया है. महाराष्ट्र में सरकार बनाने को लेकर शिवसेना की ओर से शुक्रवार तक कोई पेशकश ना मिलने की हालत में फडणवीस इस्तीफा सौंपने का मन बना रहे हैं. ऐसे में हो सकता है कि आज सीएम इस्तीफा दे दें. हालांकि फडणवीस को बीजेपी आलाकमान के आदेश का इंतजार है. दरअसल नौ नवंबर को महाराष्ट्र विधानसभा का कार्यकाल खत्म हो रहा है.

शिवसेना और बीजेपी के बीच सरकार बनाने को लेकर गतिरोध बना हुआ है और ऐसे में विधानसभा के कार्यकाल खत्म होने से पहले मुख्यमंत्री को राज्यपाल को अपना इस्तीफा सौंपने की परंपरा है. इसके बाद राज्यपाल मंत्रिपरिषद भंगकर मुख्यमंत्री को कार्यवाहक सीएम बने रहने को कहते हैं.

उल्‍लेखनीय है कि साल 2014 में चुनावी नतीजे के बाद महाराष्ट्र विधानसभा का तीन दिवसीय विशेष अधिवेशन  10, 11 और 12 नवंबर को बुलाया गया था. संविधान के जानकारों के हिसाब से उस लिहाज से महाराष्ट्र विधानसभा का कार्यकाल नौ नवंबर को खत्म हो रहा है.

हालांकि महाराष्ट्र में साल 2004 में मौजूदा राजनीतिक हालात बने थे. उस वक्‍त विधानसभा का कार्यकाल खत्म होने के करीब 12 दिन तक तत्कालीन राज्यपाल मोहम्मद फजल ने तत्कालीन मुख्यमंत्री विलासराव देशमुख को कार्यवाहक मुख्यमंत्री बने रहने को कहा था.

(इनपुट: अहसान अब्‍बास के साथ)

ये भी देखें...