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महाराष्ट्र: शिवसेना की दो टूक, ढाई साल दे दो सरकार' वरना विकल्प तैयार!

महाराष्ट्र‌ में बीजेपी-शिवसेना गठबंधन 50-50 के फेर में फंस गया है. उद्धव ने लिखित में सरकार के लिए ढ़ाई-ढ़ाई साल मांगे हैं. 

महाराष्ट्र: शिवसेना की दो टूक, ढाई साल दे दो सरकार' वरना विकल्प तैयार!
शिवसेना ने दो टूक कहा है कि ढाई साल दे दो सरकार' वरना विकल्प तैयार है.

मुंबई: महाराष्ट्र‌ में बीजेपी-शिवसेना गठबंधन 50-50 के फेर में फंस गया है. उद्धव ने लिखित में सरकार के लिए ढ़ाई-ढ़ाई साल मांगे हैं. शिवसेना ने दो टूक कहा है कि ढाई साल दे दो सरकार' वरना विकल्प तैयार है. वहीं, फड़णवीस ने कहा है कि बीजेपी के नेतृत्व में 5 साल के लिए सरकार बनाएंगे.शिवसेना नेता संजय राउत ने रविवार को कहा कि बीजेपी 105 विधायकों को लेकर अकेले सरकार बना सकती है तो उसे हमारी शुभकामनाएं. राउत ने कहा कि हम भी देखेंगे बीजेपी इतने विधायकों को लेकर कैसे सरकार बनाती है. महाराष्ट्र में सरकार गठन को लेकर फंसे पेंच के बीच ज़ी मीडिया संवाददाता देवेंद्र कोल्हटकर ने शिवसेना नेता संजय राउत से खास बातचीत की.  

शिवसेना महाराष्ट्र मे 2018 का कर्नाटक फॉर्मुला अपना रही है. इस फार्मूले के तहत कम सीट पाने के बावजूद शिवसेना बीजेपी से सत्ता में ज्यादा भागीदारी चाहती है. 2018 में कर्नाटक में जब चुनाव हुआ था तब जेडीएस के कम सीट होने के बावजूद भी राजनीतिक मजबूरी के चलते कांग्रेस को जीडीएस का सीएम बनाना पड़ा था. बीजेपी को सत्ता से दुर रखने के लिए कांग्रेस ने ने जेडीएस का सीएम बनाया था, ऐसे मे बीजेपी के कर्नाटक मे बड़ी पार्टी होने के बावजुद सत्ता से दुर रहना पड़ा. 

सूत्रों की मानें तो शिवसेना उसी पैटर्न को अपना रही है. शिवसेना बखूबी जानती है कि बीजेपी की सीट कम हैं और बिना शिवसेना के बीजेपी का सरकार बनाना मुश्किल है और ऐसे में वह मोलभाव करके ढाई साल के लिए अपना सीएम बनाना चाहती है. साथ ही गृह, वित्त और दूसरे प्रमुख मंत्रालय बीजेपी से मांग रही है.
 

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वहीं, सीएम देवेद्र फड़नवीस ने भी यह साफ किया है कि बीजेपी के नेतृत्व मे ही नई सरकार का गठन होगा. यानी बीजेपी एक बार फिर महाराष्ट्र में बड़े भाई की भुमिका निभाएगी, ये साफ संकेत दे दिया है. अब शिवसेना का कर्नाटक फॉर्मूला काम आता है या नही, ये दिपावली के बाद पता चलेगा.

(इनपुट: देवेंद्र कोल्हटकर)