Bharat Taxi Launch Today: सफर के दौरान यात्रियों, खासकर महिलाओं की सुरक्षा के लिए ऐप में खास फीचर्स जोड़े गए हैं. दिल्ली पुलिस के सहयोग से शहर भर में 35 स्पेशल बूथ बनाए गए हैं, जहां किसी भी शिकायत का तुरंत निपटारा किया जाएगा.
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Bharat Taxi: अमित शाह करेंगे भव्य उद्घाटन भारत के पहले को-ऑपरेटिव राइड-हैलिंग प्लेटफॉर्म 'भारत टैक्सी' का आज यानी 5 फरवरी, 2026 को दिल्ली के विज्ञान भवन में औपचारिक उद्घाटन होने जा रहा है. केंद्रीय गृह और सहकारिता मंत्री अमित शाह इसे लॉन्च करेंगे. दिसंबर 2025 में इसके सफल ट्रायल के बाद अब इसे पूरी दिल्ली और एनसीआर में बड़े स्तर पर उतारा जा रहा है. इस मौके पर ड्राइवरों की एक विशाल जागरूकता रैली भी निकाली जाएगी, जिसमें करीब 2.5 लाख वाहनों के शामिल होने की उम्मीद है.
ड्राइवर ही होंगे मालिक: जीरो कमीशन का नया मॉडल अभी तक ओला और उबर जैसी कंपनियां हर राइड पर ड्राइवरों से भारी कमीशन वसूलती थीं, लेकिन 'भारत टैक्सी' इस खेल को बदलने आ गई है. यह एक सहकारी मॉडल है, जहां ड्राइवर केवल 'पार्टनर' नहीं बल्कि 'मालिक' होंगे. हर ड्राइवर के पास इस को-ऑपरेटिव के 5 शेयर होंगे. सबसे बड़ी बात यह है कि इसमें कोई कमीशन नहीं कटेगा; ड्राइवरों को ऐप इस्तेमाल करने के लिए सिर्फ 30 रुपये की मामूली दैनिक फीस देनी होगी.
यात्रियों की मौज: जब ड्राइवर को कमीशन नहीं देना होगा, तो सीधा फायदा यात्रियों की जेब को मिलेगा. अधिकारियों का दावा है कि 'भारत टैक्सी' का किराया अन्य प्राइवेट ऐप्स के मुकाबले 30% तक सस्ता हो सकता है. आमतौर पर प्राइवेट कंपनियां हर ट्रिप पर 30 से 50 रुपये तक कमीशन लेती हैं, जिसे अब पूरी तरह हटा दिया गया है. यानी अब आपको बेहतर सुविधा कम दाम में मिलेगी.
सुरक्षा का पुख्ता इंतजाम: सफर के दौरान यात्रियों, खासकर महिलाओं की सुरक्षा के लिए ऐप में खास फीचर्स जोड़े गए हैं. दिल्ली पुलिस के सहयोग से शहर भर में 35 स्पेशल बूथ बनाए गए हैं, जहां किसी भी शिकायत का तुरंत निपटारा किया जाएगा. इस प्लेटफॉर्म से जुड़ने वाले सभी 'सारथियों' (ड्राइवरों) का रिकॉर्ड पूरी तरह वेरिफाइड होगा और ऐप के अंदर एक डेडिकेटेड हेल्पलाइन बटन भी दिया गया है.
'भारत टैक्सी' को किसी छोटी कंपनी ने नहीं, बल्कि इसे देश की बड़ी सहकारी संस्थाओं ने मिलकर खड़ा किया है. इसे 'सहकार टैक्सी को-ऑपरेटिव लिमिटेड' द्वारा संचालित किया जा रहा है, जिसे अमूल (Amul), इफको (IFFCO), नाबार्ड (NABARD) और नैफेड (NAFED) जैसी दिग्गज संस्थाओं का समर्थन प्राप्त है. इतने बड़े नामों के पीछे होने से इसकी विश्वसनीयता और भी बढ़ जाती है.
अगला लक्ष्य: पूरे भारत में विस्तार की तैयारी दिसंबर में हुए पायलट प्रोजेक्ट के दौरान दिल्ली और गुजरात मे इस ऐप ने रोजाना औसतन 5,500 राइड्स पूरी की है. अब कंपनी का लक्ष्य अगले दो सालों के भीतर भारत के हर राज्य और हर शहर तक पहुंचना है. भविष्य में हर राज्य में सपोर्ट सेंटर खोले जाएंगे और ड्राइवरो की सामाजिक सुरक्षा के लिए भी कई नई योजनाएं लाई जाएंगी.