महंगे हुए बाइक और स्कूटर, Hero MotoCorp ने इस कारण बढ़ाई कीमतें

महंगे हुए बाइक और स्कूटर, Hero MotoCorp ने इस कारण बढ़ाई कीमतें

अगर आप भी टू-व्हीलर लेने का प्लान कर रहे हैं तो इस खबर को जरूर पढ़ लीजिए. पिछले चार महीने से बिक्री में चल रही गिरावट के बावजूद दोपहिया वाहन निर्माता देश की सबसे बड़ी कंपनी हीरो मोटोकॉर्प (Hero Motocorp) ने कीममें इजाफा करने का ऐलान कर दिया है.

महंगे हुए बाइक और स्कूटर, Hero MotoCorp ने इस कारण बढ़ाई कीमतें

नई दिल्ली : अगर आप भी टू-व्हीलर लेने का प्लान कर रहे हैं तो इस खबर को जरूर पढ़ लीजिए. पिछले चार महीने से बिक्री में चल रही गिरावट के बावजूद दोपहिया वाहन निर्माता देश की सबसे बड़ी कंपनी हीरो मोटोकॉर्प (Hero Motocorp) ने कीममें इजाफा करने का ऐलान कर दिया है. हीरो की तरफ से मोटरसाइकिल और स्कूटर की कीमत में 250 रुपये से लेकर 1000 रुपये तक की बढ़ोतरी कर दी है. कंपनी ने नई कीमत अपनी वेबसाइट पर अपडेट कर दी हैं. हीरो के इस कदम के बाद अन्य कंपनियों की तरफ से भी कीमतें बढ़ायी जा सकती हैं.

निर्माण लागत बढ़ने से कीमत में इजाफा
हीरो मोटोकॉर्प ने कीमतों में इजाफा करने का कारण निर्माण लागत बढ़ना बताया है. आपको बता दें कि नए सुरक्षा मानदंड के अनुसार दोपहिया वाहन में एंटी ब्रेकिंग सिस्टम होना अनिवार्य है. हीरो के डीलर्स ने मोटरसाइकिल की कीमत में बढ़ोतरी की भरपाई करने के लिए इंश्योरेंस की लागत कम कर दी थी. इसके पीछे बाजार में हिस्सेदारी, इन्वेंटरी में कमी और बिक्री को बढ़ाना मकसद है.

इंश्योरेंस कास्ट में कमी कर मैनेज कर रहे कीमत
इंश्योरेंस कास्ट में कमी के कारण हीरो की बाइक और स्कूटर का ऑनरोड प्राइज 5.2 प्रतिशत तक कम हो गया है. कंपनी के डीलर ग्राहकों को बाइक और स्कूटर पर जीरो डेपरीसिएशन इंश्योरेंस 5 साल के लिए 5,303 रुपये में ऑफर कर रहे हैं. यह ऑफर डीलर्स की तरफ से इस महीने के अंत तक दिया जाएगा. मार्च में हीरो मोटोकॉर्प ने घरेलू बिक्री में गिरावट की बात कही.

100 दिनों की इनवेंटरी से जूझ रहे डीलर
दूसरी तरफ एक रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया कि Hero के डीलर्स 100 दिनों की इनवेंटरी से जूझ रहे हैं, जबकि वे 30 दिन की इनवेंटरी सामान्य रूप से बनाए रखते हैं. कंपनी का कहना है कि वाहनों के निर्माण के लागत मूल्य में इजाफा होने से बीते साल 31 दिसंबर को समाप्त हुई तिमाही में मुनाफा साल-दर-साल आधार पर 4.5 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई थी, जो 769.10 करोड़ रुपये रही, जबकि एक साल पहले की समान तिमाही में यह 805.43 करोड़ रुपये थी.

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