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इंडिया में सस्ती कारें लॉन्च करेगी यह विदेशी कंपनी, हुंदई संग मिलकर करेगी मैन्युफैक्चर

दक्षिण कोरिया की दिग्गज वाहन कंपनी किया मोटर्स कॉरपोरेशन भारत के लिए कम लागत वाले बिजलीचालित (इलेक्ट्रिक) वाहन बनाने के लिए समूह की कपनी हुंदै मोटर्स के साथ मिलकर काम करने पर विचार कर रही है.

इंडिया में सस्ती कारें लॉन्च करेगी यह विदेशी कंपनी, हुंदई संग मिलकर करेगी मैन्युफैक्चर

नई दिल्ली : दक्षिण कोरिया की दिग्गज वाहन कंपनी किया मोटर्स कॉरपोरेशन भारत के लिए कम लागत वाले बिजलीचालित (इलेक्ट्रिक) वाहन बनाने के लिए समूह की कपनी हुंदै मोटर्स के साथ मिलकर काम करने पर विचार कर रही है. कंपनी के एक शीर्ष अधिकारी ने यह जानकारी दी. इसके अलावा किया मोटर्स चाहती है कि सरकार निजी उपयोग वाले ई-वाहनों को भी फेम-दो योजना के दायरे में लाए.

चार नए वाहन पेश करने की योजना
कंपनी की भारत में अगले दो साल में एसयूवी सेल्टॉस समेत चार नए वाहन पेश करने की योजना है. कंपनी ने कहा कि कम लागत ई-वाहन बिल्कुल अलग परियोजना है. किया मोटर्स (Kia Motors) कॉरपोरेशन के अध्यक्ष एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी हान-वू पार्क ने बताया, 'हम अभी भी इस पर काम कर रहे हैं कि कम लागत वाले ई-वाहन कैसे बनाए जाएं. मैं भारतीय बाजार के लिए हुंदै के साथ मिलकर ई-वाहन विकसित करने पर विचार कर रहा हूं.' उन्होंने कहा कि कम लागत वाला ई-वाहन अगले दो साल में पेश होने वाले चार वाहनों से अलग होगा.

ई-वाहन की लागत बहुत अधिक
पार्क ने कहा, 'हम भारत में इलेक्ट्रिक कार पेश करने के लिए तैयार हैं लेकिन यह आधारभूत ढांचे और सरकार की समर्थन वाली नीति पर निर्भर करेगा. जब बाजार उपयुक्त हो, हम भारत में इलेक्ट्रिक वाहन पेश कर देंगे.' उन्होंने कहा कि मौजूदा समय में ई-वाहन की लागत बहुत अधिक है, खासकर भारतीय बाजार में और बिना सरकार के समर्थन के ई-वाहन को यहां बेचना बड़ी चुनौती होगी.

अधिकारी ने कहा, 'पिछले साल फेम- दो योजना की घोषणा की गई थी. यह मुख्यत: दोपहिया और तिपहिया वाहनों को समर्थन देती है... इसमें निजी उपयोग के लिए इस्तेमाल होने वाले ई-वाहन शामिल नहीं हैं.' यह पूछे जाने पर कि क्या किया मोटर्स निजी उपयोग वाले ई-वाहनों के लिए सरकारी सहायता चाहती है उन्होंने कहा, हां, सरकारी समर्थन के बिना यह संभव नहीं है. कीमत बहुत अधिक है. कोई भी इलेक्ट्रिक वाहन खरीदना नहीं चाहता है.

(एजेंसी इनपुट के साथ)