अपराजेय बनकर लय में लौटी टीम इंडिया

समर्पण, जोश और निरंतरता। भारतीय क्रिकेट टीम इन तीन शब्दों के संगम के रूप में इन दिनों क्रिकेट की गंगा बनकर प्रवाहित हो रही है।

समर्पण, जोश और निरंतरता। भारतीय क्रिकेट टीम इन तीन शब्दों के संगम के रूप में इन दिनों क्रिकेट की गंगा बनकर प्रवाहित हो रही है। बांग्लादेश के ढाका में धोनी ब्रिगेड के खिलाड़ी जिस तरह से बेमिसाल प्रदर्शन कर रहे हैं उसे देखकर यह कतई नहीं लगता कि यह वहीं टीम इंडिया है जो कुछ महीने पहले सिर्फ हारने के लिए आलोचनाओं का शिकार हो रही थी। टी-20 वर्ल्ड कप में भारत ने अबतक चार मैच खेलकर चारों मैच जीते हैं और आठ प्वाइंट अर्जित किए हैं। उसका रनरेट +1.280 रहा है जो टूर्नामेंट में सबसे बेहतर है। टीम इंडिया का यह दुर्लभ प्रदर्शन कहा जा सकता है कि जो एक पोजिटिव माइंडसेट के साथ खेल रही है जिसमें हार के लिए जगह नहीं होती है।

क्रिकेट के फटाफट फॉर्मेट यानी टी-20 में भारतीय क्रिकेट और टीम इंडिया का सितारा बुलंद है। यह बुलंदी खिलाड़ियों के हौसले भी बुलंद कर रही हैं जिससे वह जीत के नए आसमान पर जा पहुंचे हैं। इसी जोश और बुलंदी की वजह से टीम इंडिया ने अपने सभी लीग मैच को जीतकर जीत का चौका लगाया और शान से सेमीफाइनल में जा पहुंची है। अब सबको इंतजार है उसके खिताब जीतने का जिससे टीम इंडिया सिर्फ दो कदम दूर है।

दरअसल भारतीय क्रिकेट टीम की आलोचना उसकी निरंतरता को लेकर हमेशा होती है। ऐसा अक्सर होता है कि टीम धमाकेदार अंदाज में कुछ जीत हासिल करती है और उसके बाद हारती चली जाती है। टीम इंडिया की यह पुरानी आदत है कि वह अपने परफॉर्मेंस को लंबे समय तक कायम नहीं रख पाती है और निरंतरता खो देती है। लेकिन ढाका में इससे बिल्कुल उलट है।

टीम इंडिया ने टी-20 वर्ल्ड कप के टूर्नामेंट में आगाज शानदार ढंग से किया। उसने पहले मैच में सबसे बड़े प्रतिद्वंदी पाकिस्तान को मात दी। इस मैच में भारतीय फिरकी का जादू ऐसा चला कि पाकिस्तान उसमें फंसकर रख गया। उसके बाद टीम इंडिया के बल्लेबाजों ने पाकिस्तानी गेंदबाजों की धज्जियां उड़ाकर रख दी और जीत का शानदार आगाज किया। अब दूसरे मैच में भारत को वेस्टइंडीज से भिड़ना था और यह मुकाबला भी कठिन था क्योंकि टीम में गेल सरीखे खिलाड़ी थे। लेकिन धोनी के फिरकी गेंदबाजों ने एक बार फिर कहर ढाया और भारत ने आसानी के साथ वेस्टइंडीज को भी हराया। तीसरा मैच भारत ने बांग्लादेश के खिलाफ खेला और बड़ी आसानी के साथ उसे मात दी। यह मैच पूरी तरह एकतरफा साबित हुआ।

अब भारत को अपना अंतिम मैच ऑस्ट्रेलिया के साथ खेलना था। भारतीय टीम का स्कोर कोई बहुत बड़ा था लेकिन गेंदबाजी और शानदार फिल्डिंग की बदौलत टीम इंडिया ने ऑस्ट्रेलिया को 73 रन के विशाल अंतर से हराया।

क्रिकेट की दुनिया में तीन चीजों की खास अहमियत होती है जो किसी भी टीम के लिए जीत का आधार रखती । गेंदबाजी, बल्लेबाजी और फिल्डिंग। अनुशासित और कसी हुई गेंदबाजी विपक्षी टीम को बड़ा स्कोर खड़ा करने से रोकती है जिससे बल्लेबाजों के लिए रन बनाने का ज्यादा प्रेशर नहीं होता है। बल्लेबाजी क्रम अगर किसी भी टीम का अच्छा होता है तो विपक्षी टीम को एक बड़ा टारगेट दिया जा सकता है जो जीत के लिए जरूरी होता है। बेहतर फिल्डिंग की जरूरत इसलिए होती है कि रन बनाने से रोकना और कैच लपककर मैच जिताना तब काम आता है जब स्कोर कम होता है। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मुकाबले में भारतीय क्रिकेट टीम की फिल्डिंग शानदार रही क्योंकि चार विकेट सिर्फ शानदार कैच लपककर भारत ने झटके।

ढाका में भारतीय टीम की गेंदबाजी, बल्लेबाजी के साथ उसका आक्रामक खेल भी उसे जीत दिला रहा है, विजेता बना रहा है ,जिसकी वजह से वह टी-20 टूर्नामेंट के प्रबल दावेदारों की फेहरिस्त में सबसे ऊपर चल रही है। टीम इंडिया इकलौती ऐसी टीम है जो अबतक कोई भी मैच नहीं हारी है और अपराजेय रही है। एक साथ चार मैच जीतना और किसी भी मैच में ऐसा नहीं लगा कि भारतीय टीम संघर्ष कर रही हो, यह टीम के साकारात्मक और बेहतरीन खेल की तरफ इशारा करती है।

बल्लेबाजी की बात करे तो विराट कोहली शानदार फॉर्म में है। रोहित शर्मा ने भी एक मैच छोड़कर अबतक उम्दा खेल दिखाया है। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मैच में युवराज अपने लय में लौट आए और उन्होंने शानदार पारी खेलकर टीम को सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाया। टीम इंडिया के कप्तान धोनी ना सिर्फ अपने खिलाड़ियों में जोश भर रहे हैं बल्कि खुद भी शानदार फॉर्म में दिख रहे हैं।

गेंदबाजी में भारत के लिए सबसे बड़ा लाभ ढाका की पिच है जो भारतीय फिरकी गेंदबाजों के लिए स्वर्ग साबित हो रही है। यहां गेंद का घुमाव इस कदर है जो विकेट लेने के साथ बल्लेबाजों को रन बनाने से भी रोक रही है। इस वक्त भारतीय क्रिकेट टीम में दो स्पिनर शानदार फॉर्म में चल रहे हैं। रविचंद्रन अश्विन अपनी गेदों से विरोधियों को मात दे रहे हैं तो अमित मिश्रा की गेंदबाजी बल्लेबाजों के लिए सिरदर्द बन गई है। ये दो ऐसे स्पिनर है जिन्होंने विरोधी टीम को परेशान किया हुआ है जो टीम इंडिया के लिए जीत का हीरो साबित हो रहे है।

धोनी की कप्तानी की यकीकन दाद देनी होगी। वह विरोधी टीम की नब्ज भांपकर ऐसा आक्रमण कर रहे है जो टीम इंडिया को जीत का सिकंदर बना रही है। धोनी को गेंदबाज के रूप में अमित मिश्रा और अश्विन जैसे स्पिनर मिले है जो टीम के लिए वरदान साबित हुए हैं। तीसरे स्पिनर के रूप में सुरेश रैना जैसा हथियार भी धोनी के पास है। युवराज भी गेंदबाजी कर बल्लेबाजों को चकमा देने में माहिर है। लिहाजा धोनी के पास गेंदबाजी का बेहतरीन विकल्प मौजूद है जिसका वह बखूबी इस्तेमाल कर रहे हैं।

हालांकि यह बात नहीं भूलनी चाहिए कि क्रिकेट अनिश्चितताओं से भरा खेल है। यहां कुछ भी हो सकता है। लेकिन टीम इंडिया के प्रदर्शन को देखकर क्रिकेट के जानकारों का भी यह मानना है कि भारत इस बार टी-20 वर्ल्ड कप जीतने का कुव्वत रखता है क्योंकि उसने हर डिपार्टमेंट में शानदार खेल दिखाया है।

सबसे अच्छी बात यह है कि गेंजबादी,बल्लेबाजी और फिल्डिंग के बाद सबसे अहम चीज होती है एकजुटता। शानदार खेल का मुजाहिरा कर रही टीम इंडिया एकजुटता के रथ पर सवार है इसमें कोई संशय नहीं है। अब टूर्नामेंट के खिताब को पाने के लिए भारत को सिर्फ दो मैच ही जीतने है। पूरी उम्मीद है कि जोश से लबरेज टीम इंडिया खिताब भारत लेकर लाएगी।