Suvigya Jain

अदालतों में तैनात होंगे कोर्ट मैनेजर तो कैसे बदलेगी न्याय की सूरत  (भाग-1)

अदालतों में तैनात होंगे कोर्ट मैनेजर तो कैसे बदलेगी न्याय की सूरत (भाग-1)

सुप्रीम कोर्ट अपने कामकाज की रफ़्तार को लेकर चिंतित दिख रहा है. भारत के मुख्य न्यायाधीश ने यह चिंता महीने भर के भीतर दो बार जताई.

लॉर्ड्स टेस्ट: फटाफट क्रिकेट का असर तो नहीं है ये

लॉर्ड्स टेस्ट: फटाफट क्रिकेट का असर तो नहीं है ये

अपने देश के क्रिकेट प्रेमी सदमे में हैं. क्यों न हों, क्योंकि हम विश्व की रैंकिंग में नंबर वन हैं. पहला टेस्ट हार ही चुके थे. दूसरे टेस्ट की पहली पारी में सिर्फ 107 रन पर आउट हो गए.

कितनी बड़ी घटना है एमएसपी का ऐलान

कितनी बड़ी घटना है एमएसपी का ऐलान

मीडिया ने इस घटना को खूब बड़ा करके बताया. जबकि सरकार पहले ही यकीन दिला चुकी थी कि किसानों को फसल की लागत का डेढ़ गुना दाम तय करेगी.

पहले बाढ़ और फिर सूखे की खबरें सुनने की तैयारी

पहले बाढ़ और फिर सूखे की खबरें सुनने की तैयारी

इस साल भी मानसून आने में देरी हो रही है. वैसे विशेषज्ञों ने एक महीने पहले अनुमान ये लगाया था कि मानसून अपने तय समय पर ही आएगा और इस साल सामान्य वर्षा होगी. समय का अनुमान तो गड़बड़ा गया.

पहले बाढ़ और फिर सूखे की खबरें सुनने के लिए कितने तैयार हैं हम...

पहले बाढ़ और फिर सूखे की खबरें सुनने के लिए कितने तैयार हैं हम...

इस साल भी मानसून आने में देरी हो रही है. वैसे विशेषज्ञों ने एक महीने पहले अनुमान ये लगाया था कि मानसून अपने तय समय पर ही आएगा और इस साल सामान्य वर्षा होगी. समय का अनुमान तो गड़बड़ा गया.

फ़ौरन सोचना होगा कूड़ा प्रबंधन का कुछ नया उपाय

फ़ौरन सोचना होगा कूड़ा प्रबंधन का कुछ नया उपाय

अखबारों और टीवी पर कूड़े-कचरे की खबरें अचानक बढ़ गई हैं. दिल्ली और नोएडा में कचरा इस समय अदालती नज़र में है. जब-तब अफसरों को अदालती झाड़ पड़ जाती है.

 हिंदी पत्रकारिता दिवस : बात ज्यादा हिंदी की करें या पत्रकारिता की

हिंदी पत्रकारिता दिवस : बात ज्यादा हिंदी की करें या पत्रकारिता की

हर साल आज का दिन हमें हिंदी पत्रकारिता पर बात करने के लिए मिलता है. दशकों से इस दिन आमतौर पर हिंदी पत्रकारिता की दिशा और दशा पर चिंता जताते हुए आयोजन होते हुए दिखते हैं.

येदियुरप्पा के भाषण में सिर्फ किसान पर जोर के मायने

येदियुरप्पा के भाषण में सिर्फ किसान पर जोर के मायने

कर्नाटक विधानसभा में येदियुरप्पा के भाषण से कर्नाटक प्रकरण के रोमांच का अंत हो गया. येदियुरप्पा ने इस्तीफा दे दिया. और सबका पूरा ध्यान अगली सरकार और उसकी स्थिरता के विश्लेषण में लग गया.

Opinion : खंडित जनादेश की व्याख्या का एक नियम क्यों नहीं?

Opinion : खंडित जनादेश की व्याख्या का एक नियम क्यों नहीं?

कर्नाटक कांड गुत्थी बन गया. दो दिन पहले राजनीतिक पहेली बन गया था और इस समय कानूनी मसला बनकर हमारे सामने है.