Vinay Upadhyay

मालिनी अवस्थी : धरती के छंद गाती आवाज़

मालिनी अवस्थी : धरती के छंद गाती आवाज़

परंपरा कहती है कि लोकगीत हृदय से फूटा, कंठ से निकला और अधरों से छलकता आदिम राग है जिसमें जीवन की हर धड़कन को सुना जा सकता है.

रंगों की ‘रज़ा' थी कि यादों का उजास कायम रहे

रंगों की ‘रज़ा' थी कि यादों का उजास कायम रहे

यकीकन, मन में सुगंध की तरह फैलती है धूप. उजले से हो जाते हैं कई धुंधलाए से चित्र. दूर कहीं बजता है वहीं पुराना गीत और भर देता है नए रंग उन्हीं धुंधलाएं चित्रों में.

विनम्र श्रद्धांजलि : गिरिजा देवी, काशी की कंठ माधुरी पर हर कोई था निहाल

विनम्र श्रद्धांजलि : गिरिजा देवी, काशी की कंठ माधुरी पर हर कोई था निहाल

गिरिजा देवी का महाप्रयाण एक ऐसी विदुषी का विलोप ह

रुह में बसे रहते हैं गुरु

रुह में बसे रहते हैं गुरु

शास्त्रीय गायक पं. छन्नूलाल मिश्र से कला समीक्षक विनय उपाध्याय का संवाद...

'देखा, सीखा और परख्या ही काम आता है'

'देखा, सीखा और परख्या ही काम आता है'

सुविख्यात गायिका श्रीमती गिरिजा देवी से कला समीक्षक विनय उपाध्याय की बातचीत...

लय-ताल के मन छूते रूपक

लय-ताल के मन छूते रूपक

मांदल्या मांदली बजाड़ रे घड़िक नाचि भाला रे तारा हाथ नो चालो रे, मारा पाय नो चालो रे तल्या तलिरे बजाड़ रे घड़िक नाचि भाला रे

पिता ने कहा था- 'तू और तेरा साज एक हो जाएंगे'

पिता ने कहा था- 'तू और तेरा साज एक हो जाएंगे'

मासूम जिदों और रंगीन सपनों से भरी मेरे बचपन की भी एक रूपहली दुनिया रही. लड़कपन के बाद किशोर-युवा हुआ, तो संघर्ष के ऊबड-खाबड़ रास्तों पर बिना डरे चलने का हौसला पाया.

शताब्दी संगीत पुरुष : पंडित नंदकिशोर शर्मा...

शताब्दी संगीत पुरुष : पंडित नंदकिशोर शर्मा...

सच्चे कर्मयोगी कभी भी अपनी साधना के दिन नहीं गिनते, लेकिन इतिहास के पन्नों पर उनके पुरुषार्थ के सुनहरे हस्ताक्षर खुद-ब-खुद उनकी महिमा बखान करते हैं.

सुर से आगे निकल जाऊं

सुर से आगे निकल जाऊं

स्वर के साथ एक अविरल, अंतहीन, अटूट सिलसिला है जो उनकी आत्मा में लयबद्ध होता, उन्हें दिव्य अनुभूतियों के शिखर पर ले जाता. वे राग-स्वरों से रिश्ता बनाती संवेदनाओं की अतल गहराईयों में उतरती.

रेखाओं का साज़ है... रंगों की धुन है

रेखाओं का साज़ है... रंगों की धुन है

ज़िंदगी के केनवास की तरह कला की सतह पर भी उम्मीदों के रंग छलकते हैं और सधे हुए हाथों से उभरे रूपाकार किसी चितेरे के अन्तर्मन की अभिव्यक्ति बन जाते हैं.