मोदी ने लाई भारत-नेपाल रिश्तों में गर्माहट

सावन का अंतिम सोमवार। नेपाल का पशुपतिनाथ मंदिर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ चलता लोगों का हुजूम और उनका काफिला। प्रधानमंत्री मोदी की नेपाल यात्रा सावन के अंतिम सोमवार के दिन पूरी तरह से शिव के

घाव से कराहता गाजा

इजरायल की ओर से फिलस्तीन पर किए जा रहे हमले में अब तक करीब 1400 से ऊपर लोग मारे जा चुके हैं, लाखों लोग बेघर हो चुके हैं। अपने बचाव में की जा रही इस कार्रवाई को इजरायल ने ऑपरेशन ‘प्रोटेक्टिव एज’ नाम

तो क्या सिर मुंडाते ही ओले पड़े?

अपने कामकाज को लेकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भले ही कहें कि हमारी सरकार को हनीमून मनाने का भी मौका नहीं मिला, लेकिन भाजपा की सेहत और देश के हालात इस बात को बयां करने के लिए काफी हैं कि मोदी सरकार

MH 370 जैसा होगा MH-17 जांच का हश्र!

मलेशिया को करीब पांच महीने में दूसरी बार विमान त्रासदी का सामना करना पड़ा है। गत मार्च में रहस्यमय तरीके से लापता हुए एमएच 370 विमान की अब तक कोई जानकारी नहीं मिल पाई है। इस त्रासदी के जख्म अभी भरे

सरकार! महंगाई पर ये कैसी मेहरबानी?

मोदी सरकार का पहला बजट बड़े बदलाव की उम्मीद पर खरा नहीं उतरा। आम लोगों की पहली और अंतिम चिंता सिर्फ महंगाई है, लेकिन इसको लेकर कोई भी ठोस कार्ययोजना मोदी सरकार के पहले बजट में सामने नहीं आई। हां, मह

महंगाई की मार पर मोदी 'मरहम'!

देश में इस वक्त दो बातों की चर्चा ज्यादा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और महंगाई की । मोदी की चर्चा इसलिए क्योंकि देश की जनता उनसे अच्छे दिनों की उम्मीद कर रही है। महंगाई की चर्चा इसलिए क्योंकि देश

अंतरिक्ष में भारत की लंबी 'उड़ान'

अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी की दुनिया में भारत के खाते में एक और बड़ी उपलब्धि जुड़ गई है। इस विशेष उपलब्धि पर पूरे देशवासियों को नाज है। नाज होना भी चाहिए क्‍योंकि भारतीय वैज्ञानिकों ने प्रक्षेपण यान पीएसएलवी-सी23 को सफलतापूर्वक लॉन्‍च कर समूचे दुनिया में भारत का गौरव बढ़ाया है। अंतरिक्ष विज्ञान की दुनिया में कुछ गिने चुने की ही बादशाहत अब तक कायम थी, लेकिन इस बार के प्रक्षेपण में दुनिया के पांच प्रमुख देशों के उपग्रहों को भी इस यान के साथ सफलतापूर्वक रवाना कर भारतीय वैज्ञानिकों ने यह साबित कर दिया कि वे भी दुनिया में किसी से कम नहीं हैं।

कटघरे में 60 साल का 'पंचशील'

पंचशील यानी शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व के पांच सिद्धांत। वर्तमान युग में शांति, सुरक्षा और सहयोग के शक्ति स्तंभ। 28 जून,1954 को भारत के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू और चीन के प्रथम प्रधानमंत

जरा याद करो इमरजेंसी

याद कीजिए 26 जून 1975। यह वही तारीख है जब भारतीय लोकतंत्र को आज से 39 साल पहले 28 साल की भरी जवानी में आपातकाल के तलवार से लहूलुहान कर दिया गया था। ये तलवार किसी सैन्य जनरल के हाथ में नहीं था, बल्क

ब्राइट है टीम इंडिया का फ्यूचर

बांग्लादेश दौरे पर सुरेश रैना की कप्तानी में रोबिन उथप्पा, अजिंक्य रहाणे, चेतेश्वर पुजारा, अंबाती रायुडू, ऋद्धिमान साहा, अक्षर पटेल, अमित मिश्रा, मोहित शर्मा, उमेश यादव, परवेज रसूल और स्टुअर्ट बिन्नी ने जो करिश्मा दिखाया उससे यह कहना अतिश्योक्ति नहीं होगी कि टीम इंडिया का फ्यूचर ब्राइट है।

दहशत, कत्लेआम का दूसरा नाम है 'आईएसआईएस'

इराक इन दिनों भीषण आतंक की चपेट में है। यह देश आतंक की आग में बुरी तरह झुलस रहा है। इराक को इस बार आतंक के सबसे बड़े चक्रव्यूह ने बुरी तरह तोड़कर रख दिया है। इस आग में इराक जल रह रहा है। हर पल सुलग

नवाज के लिए चुनौती है सीमा पर शांति

नवाज के लिए चुनौती है सीमा पर शांति

पाकिस्तानी सेना ने शुक्रवार सुबह एक बार फिर संघर्षविराम का उल्लंघन किया। पाकिस्तान सेना नहीं चाहती कि दोनों देशों के संबंध सुधरे। इसलिए जब कभी भी पाकिस्तानी सेना को लगता है कि दोनों देश करीब आ सकते

जी हां! ऐसे आएंगे 'अच्छे दिन'

'एक भारत श्रेष्ठ भारत', 'सब का साथ सब का विकास' और ‘न्यूनतम सरकार, अधिकतम सुशासन’ के बुनियादी सिद्धांतों को लेकर पूर्ण बहुमत में आई मोदी सरकार का पांच साल का एजेंडा क्या होगा, देश में अच्छे दिन कैस