छोटे-मझोले कारोबारियों को राहत, GST के नियमों में बदलाव की 20 बड़ी बातें

केंद्र सरकार ने छोटे और मझौले कारोबारियों को ध्यान में रखते हुए GST के नियमों में बदलाव किए हैं.

छोटे-मझोले कारोबारियों को राहत, GST के नियमों में बदलाव की 20 बड़ी बातें
वित्‍त मंत्री अरुण जेटली का फाइल फोटो...

नई दिल्‍ली : केंद्र सरकार ने छोटे और मझौले कारोबारियों को ध्यान में रखते हुए GST के नियमों में बदलाव किए हैं. केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने शुक्रवार शाम को कहा कि GST काउंसिल की समीक्षा बैठक में हमने पाया कि छोटे और मझौले कारोबारियों को मुश्किल हो रही है. इसी को ध्यान में रखते हुए हमने कुछ बदलाव किए हैं. वित्त मंत्री ने ये भी कहा कि जीएसटी की समीक्षा के लिए पैनल बनाया जाएगा. 

GST काउंसिल बैठक की मुख्य बातें नीचे पढ़ें...

-जीएसटी लागू हुए तीन महीने हुए हैं, जिसमें पहले दो महीने रिटर्न फाइल करने वालों की संख्या बढ़ी.
-कलेक्शन का पैटर्न दो महीने में पता नहीं चल पाएगा, क्योंकि ये ट्रांजेशन का फेज है.
-बैठक में छोटे और मझौले उद्योगों और कारोबारियों को आ रही परेशानियों पर चर्चा हुई है.
-10 अक्टूबर से जुलाई महीने का और 18 अक्टूबर से अगस्त महीने का एक्सपोर्टर को रिफंड चेक दे दिए जाएंगे. यह तात्कालिक व्यवस्था है.
-स्थाई व्यवस्था के रूप में हर एक्सपोर्टर का एक ही ई-वॉलेट बनेगा. ई-वॉलेट की व्यवस्था एक अप्रैल 2018 से शुरू होगी. इसी में रिफंड का पैसा आएगा. इन निर्यातकों की बड़ी रकम फंसी हुई है.
-छोटे और मझौले कारोबारियों पर टैक्स मामले में कार्रवाई नहीं होगा.
-सरकार ने कंपोजिशन स्कीम का दायरा बढ़ाया. नए नियम के मुताबिक, सालाना एक करोड़ का टर्नओवर करने वाले कारोबारियों को हर महीने के बजाय तीन महीने पर भी रिटर्न फाइल कर सकेंगे.
-GST का बड़ा हिस्सा बड़े कारोबारियों के यहां से आता है.
-छोटे और मझौले कारोबारियों के लिए रिटर्न फाइल करने की प्रक्रिया आसान की जाएगी.
-कंपोजिशन स्कीम के तहत एक करोड़ टर्न ओवर वाले कारोबारियों को ट्रेडर्स का एक फीसदी और निर्यातकों को 2 फीसदी टैक्स देना होगा. इसके अलावा रेस्टोरेंट मालिकों को 5 फीसदी टैक्स देना होगा. पहले यह सीमा 75 लाख रुपये थी.
-1.5 करोड़ तक के कारोबार में अब 3 महीने में फाइल करना होना रिटर्न, पहले हर महीने करनी होता था.
-ऐसी सर्विस प्रोवाइडर कंपनियां जिनका टर्न ओवर 20 लाख से कम है उन्हें छूट दे दी गई है.
-31 मार्च 2018 तक रिवर्स चार्ज प्रणाली को टाल दिया गया है.
-पैक्ड फूड सस्ता हुआ, GST 18 फीसदी से घटाकर 5 प्रतिशत किया गया.
-डीजल ईंजन और पंप के पार्ट्स सस्ते होंगे.
-जरी के काम पर GST 18 फीसदी से घटाकर 5 फीसदी किया गया.
-स्टेशनरी का सामान सस्ता होगा. 28 फीसदी से 18 प्रतिशत GST किया गया.
-बिना ब्रांड वाली नमकीनों पर GST 12 फीसदी से घटाकर 5 प्रतिशत किया गया. वित्त मंत्री ने खासकर खाखरा का नाम लेकर कहा कि यह स्स्ता होगा.
-बिना ब्रांड की आयुर्वेदिक दवाइयां सस्ती होंगी, 12 फीसदी से 5 फीसदी GST किया गया.
-बच्चों के खाने के सामान पर पर GST 12 फीसदी से घटाकर 5 फीसदी कर दिया गया है.