सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स को बड़ी खुशखबरी दे सकती है मोदी सरकार! होगा यह फायदा

सरकार के फैसले का सीधा असर सीधा असर केंद्रीय कर्मचारियों को मिलने वाली सैलरी और रिटायर्ड कर्मचारियों की पेंशन पर पड़ेगा.

सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स को बड़ी खुशखबरी दे सकती है मोदी सरकार! होगा यह फायदा
सरकार के इस फैसले का असर 1.1 करोड़ मौजूदा कर्मचारी और पेंशनभोगियों पर पड़ेगा. (file pic)

नई दिल्ली : केंद्रीय कर्मचारियों को मोदी सरकार जल्द ही बड़ा तोहफा देने की तैयारी कर रही है. सरकार कर्मचारियों और पेंशनर्स का महंगाई भत्ता बढ़ा सकती है. इसका सीधा असर केंद्रीय कर्मचारियों को मिलने वाली सैलरी और रिटायर्ड कर्मचारियों की पेंशन पर पड़ेगा. लेबर मिनिस्ट्री इंडस्ट्रियल वर्कर्स के लिए कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स की नई सीरीज पर काम कर रही है. इसके आधार पर महंगाई भत्ते को तय किया जाएगा. सरकार की तरफ से अगर महंगाई भत्ता बढ़ाया जाता है तो इसका फायदा एक करोड़ से ज्यादा कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को मिलेगा.

बेसिक सैलरी पर होती है डीए की गणना
डीए एक कॉस्ट ऑफ लिविंग एडजस्टमेंट अलाउंस है, जो देश में सरकारी कर्मचारियों, पब्लिक सेक्टर के कर्मचारियों और पेंशनर्स को दिया जाता है. इसकी गणना कर्मचारी की बेसिक सैलरी के प्रतिशत के रूप में की जाती है. महंगाई के असर को कम करने के लिए कर्मचारियों को महंगाई भत्ता दिया जाता है. इकोनॉमिक टाइम्स में प्रकाशित खबर के अनुसार श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के तहत काम करने वाले लेबर ब्यूरो ने इंडस्ट्रियल वर्कर्स के लिए कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स की नई सीरीज 2016 को बेस ईयर मानते हुए फाइनल कर दिया है. मौजूदा इंडेक्स का बेस ईयर 2001 है.

बेस ईयर में हर छह साल पर होगा बदलाव
अखबार के अनुसार बेस ईयर में प्रत्येक छह साल पर बदलाव किया जाएगा. इस बदलाव का उद्देश्य जीवनयापन के खर्च में आने वाले बदलावों के असर को कम करना है. इससे पहले बेस ईयर में बदलाव साल 2006 में किया गया था, यह बदलाव छठे केंद्रीय पे कमीशन की तरफ से किया गया था. उस दौरान बेस ईयर को 1982 से बदलकर 2001 कर दिया गया था.

खजाने पर करोड़ों रुपये का असर पड़ेगा
नए इंडेक्स में नए इंडस्ट्रियल सेंटर्स को भी शामिल किया जाएगा, जिससे ऐसे सेंटरों की संख्या 78 से बढ़कर 88 हो जाएगी. पिछले 15 साल में औद्योगिक कर्मचारियों की जीवनशैली में आने वाले बदलावों का असर शामिल करने के लिए लिस्ट में कार और मोबाइल समेत कई चीजे जोड़ी जा रही हैं. बेस ईयर में बदलाव करने से सरकारी खजाने पर करोड़ों रुपये का असर पड़ने की उम्मीद है.

नए इंडेक्स को टेक्निकल एडवाइजरी कमेटी के पास आकलन के लिए भेजा जाएगा. यहां से इसे नेशनल ट्राईपार्टी कंसल्टेशन के लिए भेजा जाएगा. उसके बाद ही इसे अंतिम रूप दिया जाएगा. इससे पहले सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों के आधार पर केंद्रीय मंत्रिमंडल ने मार्च 2018 में डीए 2 प्रतिशत से बढ़ाकर 7 फीसदी कर दिया था. यह बढ़ोतरी जनवरी 2018 से प्रभावी हुई थी. इससे भी केंद्र सरकार के 48.41 लाख कर्मचारियों और 61.17 पेंशनभोगियों को फायदा हुआ था.