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उड्डयन मंत्री का बयान, देश के 6 एयरपोर्ट का होगा प्राइवेटाइजेशन

नागरिक उड्डयन मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने राज्यसभा में बताया कि निजीकरण एक सफल मिशन रहा है.

उड्डयन मंत्री का बयान, देश के 6 एयरपोर्ट का होगा प्राइवेटाइजेशन
फाइल फोटो

नई दिल्ली: नागरिक उड्डयन मंत्री हरदीप पुरी ने राज्यसभा में कहा कि देश के 6 एयरपोर्ट के संचालन को निजी हाथों में सौंपने का फैसला सफल मिशन रहा. उन्होंने कहा कि दिल्ली और मुंबई एयरपोर्ट इसका सबसे बड़ा उदाहरण है. निजीकरण की वजह से AAI (एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया) और यात्री दोनों को फायदा हुआ है. ये छह एयरपोर्ट लखनऊ, अहमदाबाद, जयपुर, गुवाहाटी, तिरुवनंतपुरम और मंगलुरू हैं. इनमें से तीन के निजीकरण की प्रक्रिया शुरू भी हो चुकी है.

बता दें, अडाणी ग्रुप को पचास सालों के लिए इन एयरपोर्ट के संचालन की जिम्मेदारी मिली है. आनेवाले दिनों में इन एयरपोर्ट का संचालन पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) के जरिए किया जाएगा. अडाणी ग्रुप ने जो बोली लगाई है, उस हिसाब से AAI को हर पैसेंजर्स के बदले कुछ रुपये मिलेंगे. पिछले साल नवंबर के महीने में इन एयरपोर्ट के लिए बोली आमंत्रित की गई थीं. 

नागरिक उड्डयन मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने राज्यसभा में लिखित जवाब में बताया कि देश में विमानन कंपनियों ने पिछले 3 साल में 977 विदेशी पायलट को किराए पर लिया है. देश की विमानन कंपनियों के पास टाइप रेटेड पायलटों की कमी है. ऐसे में सरकार ने सभी एयरलाइंस को पायलटों की संख्या बढ़ाने के लिए कहा ताकि विदेशी पायलटों पर निर्भर ना रहा जाए. रिपोर्ट के मुताबिक, 2017 में 249 विदेशी पायलट किराए पर लिए गए. 2018 में 324 विदेशी पायलट किराए पर लिए गए. 2019 में जून तक 404 विदेशी पायलट किराए पर लिए गए. ये आंकड़ें भारत से संचालित होने वाले अनुसूचित और गैर अनुसूचित एयरलाइंस के हैं.