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नोटबंदी के बाद कम हुई बैंकों में ब्याज दरें, लोगों के लिए कर्ज लेना हुआ सस्ता: मोदी

मोदी ने कहा कि मुद्रा योजना के तहत आम आदमी को बैंकों से पैसा मिल रहा है जिससे उसे अपने पैरों पर खड़ा होने का अवसर मिल रहा है.

नोटबंदी के बाद कम हुई बैंकों में ब्याज दरें, लोगों के लिए कर्ज लेना हुआ सस्ता: मोदी
RBI ने गत दो अगस्त को अपनी द्वैमासिक मौद्रिक नीति समीक्षा में रेपो दर 0.25% कम कर 6.0% कर दिया. (फाइल फोटो)

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार (15 अगस्त) को कहा कि नोटबंदी के बाद बैंकों में बड़ी मात्रा में धन पहुंचा है जिसके बाद बैंक अपनी ब्याज दरें कम कर रहे हैं और लोगों के लिए कर्ज लेना सस्ता हुआ है. प्रधानमंत्री ने आज यहां लालकिले की प्राचीर से राष्ट्र को संबोधित करते हुये कहा, ‘नोटबंदी के कारण बैंकों के पास धन आया है. बैंक अपनी ब्याज दर कम कर रहे हैं. मुद्रा के द्वारा सामान्य मानव को बैंक से पैसा मिल रहा है. सामान्य मानव को अपने पैरों पर खड़े होने के लिये अवसर मिल रहा है. गरीब हो, मध्यमवर्ग का व्यक्ति हो घर बनाना चाहता है, तो बैंक उसको मदद करने के लिये आगे आ रहे हैं, कम ब्याज दर से आगे आ रहे हैं. यह सारे देश के अर्थतंत्र को गति देने की दिशा में काम कर रहा है.’

मोदी ने कहा कि मुद्रा योजना के तहत आम आदमी को बैंकों से पैसा मिल रहा है जिससे उसे अपने पैरों पर खड़ा होने का अवसर मिल रहा है. पिछले साल नवंबर में 500 और 1,000 रुपये के नोट चलन से हटाने के बाद सरकार ने इन्हें बैंकों में जमा कराने को कहा. इसके बाद बैंकों में भारी मात्रा में नकदी जमा की गई. बड़ी मात्रा में नकदी आने के बाद बैंकों ने हाल ही में जमा पर ब्याज दर में कटौती की है. आगे कर्ज पर भी ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद है. रिजर्व बैंक ने गत दो अगस्त को अपनी द्वैमासिक मौद्रिक नीति समीक्षा में रेपो दर 0.25 प्रतिशत कम कर 6.0 प्रतिशत कर दिया. सितम्बर 2010 के बाद यह पहली बार इतनी कम की गयी है. यह वह दर है जिसपर वाणिज्यिक बैंक रिजर्व बैंक से एक दिन का कर्ज उठाते हैं. इसके कम होने से बैंकों के धन की लागत कम होती है और वे मकान दुकान और करोबार के लिए कर्ज की दर सस्ती कर सकते हैं.

सरकार ने भी गरीब और मध्यम वर्ग के परिवारों को सस्ती दरों पर आवास ऋण उपलब्ध कराने के लिये योजनायें शुरू की हैं. प्रधानमंत्री ने 2022 में ‘भव्य-दिव्य हिन्दुस्तान’ बनाने का संकल्प जताते हुये कहा, ‘हम सब मिलकर ऐसा भारत बनायेंगे जहां गरीब के पास पक्का घर हो, बिजली हो, पानी हो. हम सब मिलकर ऐसा भारत बनायें जहा देश का किसान चिंता में नहीं चैन से सोएगा. आज वह जितना कमा रहा है उससे 2022 तक दोगुना कमाएगा.’