हवाई यात्रा हो सकती है महंगी, जानें क्या है वजह

विमान ईंधन पर पांच फीसदी आयात शुल्क की बढ़ोतरी से एयरलाइंस कंपनियों पर असर पड़ना तय है.

हवाई यात्रा हो सकती है महंगी, जानें क्या है वजह
प्रतीकात्मक फोटो.

नई दिल्ली: अगर आप फ्लाइट से सफर करते हैं तो आपको आने वाले कुछ दिनों में इसके लिए अधिक खर्च करने पड़ सकते हैं. सरकार ने हाल में किए फैसले में विमानों में ईंधन के रूप में इस्तेमाल होने एविएशन टर्बाइन फ्यूल (एटीएफ) पर आयात शुल्क में बढ़ोतरी कर दी है. जाहिर तौर पर इससे विमानन कंपनियों पर भार बढ़ेगा. ऐसे में एयरलाइंस कंपनियां बढ़े खर्च का भार यात्रियों पर किराया बढ़ोतरी के रूप में डाल सकती है. 

ईंधन की बढ़ती कीमतें, कड़ी प्रतिस्पर्धा और बढ़ते खर्च का बोझ यात्रियों पर नहीं डाल पाने की वजह से पहले से ही एयरलाइंस कंपनियों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है. अब एटीएफ पर पांच फीसदी शुल्क लगा देने से इन कंपनियों का संकट और बढ़ जाएगा. एयरलाइंस कंपनियों के कुल खर्च में एटीएफ की बड़ी भूमिका है. 

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इकोनॉमिक टाइम्स की खबर के मुताबिक, पिछले कुछ समय से विमानन कंपनियों ने अक्टूबर में हवाई टिकट की कीमतें बढ़ने के संकेत दिए हैं. यहां बता दें कि अक्टूबर से छुट्टियों की बुकिंग एकदम से बढ़ जाती है. जानकारों का भी कहना है कि यह आयात शुल्क विमानन उद्योग पर असर डालेगा. ट्रैवल पोर्टल यात्रा डॉट कॉम के मुख्य परिचालन अधिकारी (सीओओ) शरत ढल का कहना है कि विमान ईंधन पर पांच फीसदी आयात शुल्क की बढ़ोतरी से एयरलाइंस कंपनियों पर असर पड़ना तय है. इसकी काफी संभावना है कि कंपनियां किराए में संशोधन कर दें.

AIRPORT

बुधवार को सरकार ने विमान ईंधन यानी एटीएफ और 18 अन्य वस्तुओं पर आयात शुल्क बढ़ा दिया है. सरकार ने यह पहल चालू खाता घाटा को नियंत्रण में रखने और गिरते रुपए को सहारा देने के लिए उठाया है. उल्लेखनीय है कि पहले से ही एयरलाइंस कंपनियां अपने बढ़ते खर्च को लेकर काफी चिंतित थीं और विमानन क्षेत्र में लगने वाले टैक्स और ड्यूटी में कमी की मांग कर रही थीं. हाल के दिनों में यात्रियों को लुभाने के लिए कई एयरलाइंस अलग-अलग तरह के ऑफर दे रही हैं.