Airtel को मिली 100 फीसदी FDI की मंजूरी, जानिये क्या होगा असर

अभी तक भारती एयरटेल को रिजर्व बैंक से भी कंपनी में विदेशी निवेशकों को 74 प्रतिशत तक हिस्सेदारी रखने की अनुमति है.

Airtel को मिली 100 फीसदी FDI की मंजूरी, जानिये क्या होगा असर
फाइल फोटो

नई दिल्ली: एयरटेल (Airtel ) में अब 100 फीसदी प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) हो सकता है. सरकार ने कंपनी में एफडीआई को 49 प्रतिशत से बढ़ाकर 100 प्रतिशत करने की मंजूरी दे दी है. इस बाबत कंपनी ने शेयर बाजार को जानकारी दी है. सरकार के इस हरी झंड़ी के बाद अब एयरटेल आगामी 5जी स्पैक्ट्रम की निलामी में हिस्सा ले सकती है. साथ ही अपने मौजूदा कर्ज से उबरने में कामयाब हो सकती है. बता दें, अभी तक भारती एयरटेल को रिजर्व बैंक से भी कंपनी में विदेशी निवेशकों को 74 प्रतिशत तक हिस्सेदारी रखने की अनुमति है.

विदेशी स्वामित्व की हो सकती है एयरटेल
इस वक्त सुनील भारती मित्तल की कंपनी भारती टेलिकॉम एयरटेल की प्रोमोटर कंपनी है. 100 फीसदी एफडीआई मंजूरी से भारती टेलिकॉम में विदेशी हिस्सेदारी बढ़कर 50 प्रतिशत से अधिक हो जाएगी, जिससे यह एक विदेशी स्वामित्व वाली इकाई बन सकती. वर्तमान में सुनील भारती मित्तल और उनके परिवार की भारती टेलिकॉम में करीब 52 प्रतिशत हिस्सेदारी है. कंपनी में फिलहाल सिंगापुर की कंपनी सिंगटेल की 35 प्रतिशत हिस्सेदारी है. जानकारों का कहना है कि नए फैसले के बाद सुनील मित्तल अपनी हिस्सेदारी सिंगटेल या अन्य किसी विदेशी कंपनी को बेच सकते हैं.

5जी स्पैक्ट्रम नीलामी के लिए हो रही तैयारी
दूरसंचार विभाग (DoT) ने 5जी स्पैक्ट्रम की नीलामी शुरु करने वाली ही. इसके लिए विभाग ने 5.23 ट्रिलियन डॉलर की रिजर्व प्राइस रखा है. जानकार बता रहे हैं कि रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की ओर से प्रत्यक्ष विदेशी निवेश की मंजूरी के बाद एयरटेल नए नीलामी के लिए पैसा जुटा सकती है. 

उल्लेखनीय है कि भारती एयरटेल के उपर लगभग 35,586 करोड़ रुपये बकाया था, जिसका हाल ही में कंपनी ने भुगतान किया है. इनमें से 21,682 करोड़ रुपये लाइसेंस शुल्क के थे और लगभग 13,904 करोड़ रुपये स्पैक्ट्रम की रकम बकाया था. मौजूदा भुगतान में टेलीनॉर और टाटा टेली के बकाये शामिल नहीं हैं