अडाणी को एक और झटका, सबसे बड़ा आस्ट्रेलियाई बैंक परामर्श समझौते से बाहर निकला

भारतीय खनन कंपनी अडाणी को गुरूवार को एक और झटका लगा। आस्ट्रेलिया के एक बैंक ने संघीय अदालत द्वारा क्वींसलैंड में समूह की विवादास्पद 16 अरब डालर की कोयला खनन परियोजना की पर्यावरण मंजूरी रद्द करने के एक दिन बाद, इसके वित्तीय सलाहकार की भूमिका निभाने से इनकार कर दिया।

मेलबर्न : भारतीय खनन कंपनी अडाणी को गुरूवार को एक और झटका लगा। आस्ट्रेलिया के एक बैंक ने संघीय अदालत द्वारा क्वींसलैंड में समूह की विवादास्पद 16 अरब डालर की कोयला खनन परियोजना की पर्यावरण मंजूरी रद्द करने के एक दिन बाद, इसके वित्तीय सलाहकार की भूमिका निभाने से इनकार कर दिया।

देश के सबसे बड़े बैंक, कॉमनवेल्थ बैंक आफ आस्ट्रेलिया (CBA) ने कहा कि इसकी परामर्श की भूमिका खत्म हो गई है। एक अखबार ‘द एज’ ने बैंक के प्रवक्ता के हवाले से कहा ‘‘अडाणी के विभिन्न किस्म की मंजूरी हासिल करने के लिए इस परियोजना पर नए सिरे से ध्यान देने के मद्देनजर वित्तीय परामर्श की जिम्मेदारी खत्म हो गई है।’’ बैंक ने परामर्श संबंधी समझौते से बाहर निकलने के संबंध में और कोई ब्योरा नहीं दिया लेकिन सूत्रों का कहना है कि कारमाइकल खनन परियोजना से जुड़े पर्यावरण विवाद और कोयले की गिरती कीमत के बीच इसका वित्तीय जोखिम चिंता का विषय है।

सीबीए का यह फैसला अदालत द्वारा कारमाइकल परियोजना को दी गई पर्यावरण मंजूरी रद्द करने के ठीक बाद आया है। अदालत ने छोटी छिपकली (यक्का स्किंक) और सजावटी सर्प प्रजातियों के विलुप्त होने के खतरे से जुड़े विवाद के मद्देनजर इस परियोजना के कार्यान्वयन को रोक दिया है। इस बीच आस्ट्रेलियन ग्रीन्स पार्टी ने सीबीए के अडाणी के साथ गठजोड़ तोड़ने का स्वागत किया।

आस्ट्रेलियन ग्रीन्स की उप नेता और जलवायु प्रवक्ता लैरिसा वाटर्स ने कहा ‘‘गैलिली बेसिन में कोयला खनन न सिर्फ पर्यावरण के लिहाज से गैरजिम्मेदाराना है बल्कि यह आर्थिक रूप से भी व्यावहारिक नहीं है।’’