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GST रेवेन्यू बढ़ा तो और राहत देगी सरकार, फिर से सस्ती हो सकती हैं कई वस्तुएं!

बीते शनिवार को जीएसटी परिषद ने 23 वस्तुओं पर कर की दरों में कटौती की थी जिसके चलते टीवी, फ्रिज समेत कई वस्तुएं सस्ती हो गईं थीं. 

GST रेवेन्यू बढ़ा तो और राहत देगी सरकार, फिर से सस्ती हो सकती हैं कई वस्तुएं!
सीमेंट पर जीएसटी कम करने की तैयारी में है मोदी सरकार...(फाइल फोटो)

नई दिल्ली: वित्त मंत्री अरुण जेटली ने सोमवार को वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) की दरों को और अधिक तर्क-संगत बनाने के संकेत दिए. उन्होंने कहा कि आने वाले समय में राजस्व वसूली बढ़ने पर मौजूदा 12 प्रतिशत और 18 प्रतिशत की दो मानक दरों को मिलाकर एक नई दर लागू की जा सकती है जो इनके बीच की होगी. अगर ऐसा हुआ तो एक बार फिर से आम उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी. उल्लेखनीय है कि जीएसटी परिषद ने शनिवार को 23 वस्तुओं पर कर की दरों में कटौती की थी. रोजमर्रा की कई चीजों पर टैक्स कम किया गया था. फ्रिज, टीवी से लेकर मूवी टिकट और विमान यात्रा सभी भी जीएसटी घटाने से इनके दाम कम हो गए हैं. 

जेटली ने सोशल मीडिया वेबसाइट फेसबुक पर ‘जीएसटी के 18 महीने’ शीर्षक से लिखे ब्लॉग में जीएसटी रुपांतरण से पहले देश पर 31 प्रतिशत की ऊंची दर से अप्रत्यक्ष कर का भारी बोझ डाले रखने के लिए कांग्रेस की आलोचना की और कहा कि इससे देश में कर-चोरी का बोलबाला था. उन्होंने जीएसटी का माखौल उड़ाने वालों को आत्मनिरीक्षण करने को कहा.

सीमेंट पर टैक्स कम करने की तैयारी
पिछले शनिवार को जीएसटी काउंसिल की 31वीं बैठक में रोजमर्रा की कई चीजों पर टैक्स कम किया गया लेकिन सीमेंट पर जीएसटी कम नहीं किया गया था. अब सरकर इस पर लगने वाले जीएसटी को घटाने की तैयारी कर रही है. इसके संकेत वित्त मंत्री अरुण जेटली ने दिए हैं. जेटली ने अपनी पोस्ट में कहा कि अब 28 प्रतिशत के दायरे में व्यापक उपभोग की केवल दो वस्तुएं सीमेंट और वाहन कलपुर्जे ही हैं. हमारी अगली प्राथमिकता सीमेंट को कम कर-दर के दायरे में ले जाने की होगी. ऐसा होता तो सीमेंट की कीमतों में कमी आने से आम आदमी को बड़ी राहत मिलती.  
 
निर्माणाधीन घरों पर सरकार दे सकती है राहत 
सरकार निर्माणाधीन घरों पर भी राहत देने की तैयारी में है. अब अगले महीने होने वाली बैठक में निर्माणाधीन आवासीय इकाइयों और और कम्प्लीशन (निर्माण कार्य सम्पन्न होने का प्रमाण पत्र) की प्रतीक्षा में पड़े तैयार फ्लैट पर कर की दर को घटाकर पांच प्रतिशत किया जा सकता है. वर्तमान में ऐसे तैयार फ्लैट पर जीएसटी की दर 12 प्रतिशत है जिन्हें कार्यपूर्ण होने का प्रणामण पत्र नहीं मिला है. हालांकि, रियल एस्टेट संपत्तियों के उन खरीदारों पर जीएसटी नहीं लगता है, जिन्हें बिक्री के समय कार्य-पूर्ण होने का प्रमाणपत्र मिल चुका है. 

183 वस्तुओं पर शून्य जीएसटी
वित्त मंत्री ने कहा कि इस समय उपयोग की कुल 1,216 वस्तुओं में से 183 पर शून्य प्रतिशत, 308 पर पांच प्रतिशत, 178 उत्पादों पर 12 प्रतिशत और 517 पर 18 की दर से जीएसटी लगता है. उन्होंने कहा, "28 प्रतिशत की दर अब धीरे धीरे खत्म हो रही है. अभी इसमें लग्जरी एवं अहितकारी उत्पादों, वाहनों के कलपुर्जे, वातानुकूलन और सीमेंट समेत केवल 28 वस्तुएं ही बची हैं." 

वित्त मंत्री ने कहा, "जीएसटी बदलाव के पूरा होने के साथ ही हम इसकी दरों को तर्कसंगत बनाने के पहले चरण को पाने के करीब हैं. उदाहरण के लिए विलासिता और अहितकारी वस्तुओं को छोड़कर बाकी वस्तुएं चरणबद्ध तरीके से 28 प्रतिशत के उच्चतम कर के दायरे से बाहर की जा रही हैं." उन्होंने कहा कि इस समय 12 प्रतिशत और 18 प्रतिशत की दो मानक दरें है जिन्हें भविष्य में एक किया जा सकता है.