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बड़ी खबर: ट्रांजेक्शन बढ़ने के बावजूद बंद हो रहे हैं ATM, क्या है इसकी वजह

हाल ही में रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) की जो रिपोर्ट आई है उसमें कहा गया है कि देश में ATM की संख्या में पिछले दो सालों में गिरावट आई है. इस दौरान ट्रांजेक्शन की संख्या बढ़ी है. IMF की रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में 1 लाख लोगों पर ATM की संख्या BRICS के अन्य देशों की तुलना में काफी कम है.

बड़ी खबर: ट्रांजेक्शन बढ़ने के बावजूद बंद हो रहे हैं ATM, क्या है इसकी वजह
भारत में 1 लाख लोगों पर मात्र 22 ATM. (फाइल)

नई दिल्ली: एटीएम (ATM) के प्रचलन के बाद कैश निकालने के लिए बैंक जाने का झंझट खत्म हो चुका है. इसलिए पूरे देश में ATM का जाल बिछा हुआ है. हालांकि, एक दिन में इससे ट्रांजेक्शन की सीमा निर्धारित है. लेकिन, साधारण कामों के लिए इतनी राशि बहुत होती है. ATM से अब सिर्फ कैश ही नहीं निकाला जाता है. इसके अलावा भी बैंक से जुड़े कई काम इसकी मदद से की जा रही है. लेकिन, हाल ही में रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) की जो रिपोर्ट आई है उसमें कहा गया है कि देश में ATM की संख्या में पिछले दो सालों में गिरावट आई है. इस दौरान ट्रांजेक्शन की संख्या बढ़ी है. IMF की रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में 1 लाख लोगों पर ATM की संख्या BRICS के अन्य देशों की तुलना में काफी कम है.

रिपोर्ट के मुताबिक, फ्रॉड से बचने के लिए RBI की तरफ से सुरक्षा के नियम लगातार कड़े किए जा रहे हैं. ऐसे में बैंकों के लिए ATM मेंटीनेंस महंगा होता जा रहा है. शायद यही वजह है कि ATM की संख्या लगातार कम होती जा रही है.

ATM पहले से बहुत कम संख्या में
भले ही डिजिटल इंडिया का ढोल पीटा जा रहा हो, लेकिन सच्चाई यही है कि बड़े शहरों को छोड़ दें तो छोटे शहरों में सारा कारोबार कैश पर ही चलता है. बड़े शहरों में भी डिजिटल ट्रांजेक्शन को आशातीत सफलता नहीं मिली है. अगर आप कभी छोटे शहरों के बैंक गए होंगे तो ATM के बाहर लंबी लाइन से जरूर वाकिफ होंगे. ग्रामीण इलाकों में ATM की संख्या बहुत कम है.

BRICS देशों में भारत सबसे पीछे
IMF की डेटा के मुताबिक BRICS देशों में ATM की संख्या के मामले में भारत सबसे नीचे है. 1 लाख लोगों पर सबसे ज्यादा ATM की संख्या 164 रूस में, दूसरे नंबर पर 107 ATM के साथ ब्राजील है. चीन में 81, दक्षिण अफ्रीका में 68 और भारत में 1 लाख लोगों पर ATM की संख्या मात्र 22 है.

35.5 करोड़ लोगों को बैंकिंग सिस्टम से जोड़ा गया
इस पर गौर करने की जरूरत है कि वर्तमान सरकार ने करीब 35.5 करोड़ लोगों को बैंकिंग सिस्टम से जोड़ा गया है. बैंकिंग सिस्टम इन लोगों के लिए बिल्कुल नया है. ये लोग ही ज्यादातर फ्रॉड के शिकार होते हैं. ऐसे में सुरक्षा तो सबसे ज्यादा जरूरी है. लेकिन, यह भी जरूरी है कि ये बैंकिंग सिस्टम से सही तरीके से जुड़ पाएं और कम से कम कैश निकालने के लिए इन्हें ATM जाने की जरूरत ना हो.