PNB हुआ एक और धोखाधड़ी का शिकार, नीरव मोदी केस में आया था आरोपी का नाम

पंजाब नेशनल बैंक (PNB) की मुंबई स्थित ब्रैडी हाउस शाखा एक बार फिर चर्चा में है.

PNB हुआ एक और धोखाधड़ी का शिकार, नीरव मोदी केस में आया था आरोपी का नाम
नीरव मोदी और उसके मामा मेहुल चोकसी ने इसी ब्रांच में 13000 करोड़ रुपए का फ्रॉड किया था. (फाइल फोटो)

नई दिल्ली : पंजाब नेशनल बैंक (PNB) की मुंबई स्थित ब्रैडी हाउस शाखा एक बार फिर चर्चा में है. नीरव मोदी और उसके मामा मेहुल चोकसी ने इसी ब्रांच में 13000 करोड़ रुपए का फ्रॉड किया था. ताजा घटनाक्रम में बैंक की ब्रैडी हाउस शाखा के एक अधिकारी समेत 4 व्यक्तियों को एक लोन रैकेट के सिलसिले में गिरफ्तार किया गया है. इस अधिकारी का नाम नीरव मोदी विवाद में सामने आ चुका है. पुलिस ने बताया कि आरोपियों की पहचान अमरजीत सिंह, अजय कुमार शर्मा, सुरेश और पीके वरुण (पीएनबी के सहायक महाप्रबंधक) के रूप में हुई है.

बैंक अधिकारियों से मिलीभगत कर मंजूर कराया था लोन
पुलिस के अनुसार सिंह ने दिल्ली के कनॉट प्लेस में शानदार एफ बार एंड लाउंज खोलने के लिए पीएनबी अधिकारियों की मिलीभगत से 7.5 करोड़ रुपये लोन मंजूर करवाया. अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (आर्थिक अपराध शाखा) सुवाशीष चौधरी ने बताया कि नीरव मोदी प्रकरण के बाद सिंह अपने पते से चला गया और उसने अपना मोबाइल भी बंद कर दिया. चूंकि उसके ऋण का संबंध भी उसी शाखा से था जिससे नीरव का था. उसने 3 साल तक एफ बार एंड लाउंज चलाया और ऋण एवं अन्य देनदारियां चुकाए बगैर ही उसे बंद कर दिया. 

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नीरव मोदी केस में आया था बैंक अफसर का नाम
नीरव मोदी और उसके मामा मेहुल चोकसी ने कुछ बैंक अधिकारियों के साथ मिलीभगत कर फर्जी गारंटी पत्रों के माध्यम से पीएनबी को 13000 करोड़ रुपये का चूना लगाया था. चौधरी ने बताया कि एक गुप्त सूचना के आधार पर दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने 11 सितंबर को छापा मारा था और सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया था.

कैसे किया घोटाला
पुलिस की पूछताछ में यह बात सामने आई कि आरोपी ने लोन फर्जी कागजातों के आधार पर लिया था. उसने इन्‍हीं दस्‍तावेजों के आधार पर पीएनबी की मयूर विहार शाखा में किसी सरिता के नाम पर खाता खुलवाया और 49.9 लाख रुपए का लोन लिया. उसने लोन लेने का कारण नोएडा के सूरजपुर में फैक्‍ट्री स्‍थापित करना बताया था. एक अन्‍य आरोपी शर्मा, जिसने लोन मंजूर कराने में मदद की, ने प्‍लाई माउथ वेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड के फर्जी नाम पर दूसरा खाता खोला था. उसने डमी कंपनी के नाम पर 5 करोड़ रुपए की क्रेडिट फैसिलिटी ले ली थी. इसके बाद लोन की रकम दूसरे खातों में ट्रांसफर कर दी और पैसा लेकर चंपत हो गया.

इनपुट एजेंसी से भी