टेलीनॉर इंडिया को खरीदेगी भारती एयरटेल

निजी क्षेत्र की शीर्ष दूरसंचार कंपनी भारती एयरटेल ने टेलीनोर इंडिया के कारोबार के अधिग्रहण की घोषणा की है। एयरटेल सभी सात सर्किलों में जहां उसके पास स्पेक्ट्रम है टेलीनोर इंडिया का अधिग्रहण करेगी। हालांकि, इस सौदे की राशि का खुलासा नहीं किया गया है। एयरटेल ने आज कहा, ‘उसका टेलीनोर साउथ एशिया इनवेस्टमेंट्स प्रा. लिमिटेड के साथ टेलीनोर (इंडिया- कम्युनिकेशंस प्रा) लिमिटेड के अधिग्रहण का पक्का समझौता हुआ है।’ टेलीनोर ने भी इस समझौते की पुष्टि की है और कहा है कि यह सौदा एक साल में पूरा होने की उम्मीद है।

टेलीनॉर इंडिया को खरीदेगी भारती एयरटेल

नई दिल्ली : निजी क्षेत्र की शीर्ष दूरसंचार कंपनी भारती एयरटेल ने टेलीनोर इंडिया के कारोबार के अधिग्रहण की घोषणा की है। एयरटेल सभी सात सर्किलों में जहां उसके पास स्पेक्ट्रम है टेलीनोर इंडिया का अधिग्रहण करेगी। हालांकि, इस सौदे की राशि का खुलासा नहीं किया गया है। एयरटेल ने आज कहा, ‘उसका टेलीनोर साउथ एशिया इनवेस्टमेंट्स प्रा. लिमिटेड के साथ टेलीनोर (इंडिया- कम्युनिकेशंस प्रा) लिमिटेड के अधिग्रहण का पक्का समझौता हुआ है।’ टेलीनोर ने भी इस समझौते की पुष्टि की है और कहा है कि यह सौदा एक साल में पूरा होने की उम्मीद है।

एयरटेल देश में निजी क्षेत्र की सबसे बड़ी दूरसंचार कंपनी है। उसके करीब 29 करोड़ ग्राहक हैं और दूरसंचार क्षेत्र के 33 प्रतिशत बाजार पर उसका कब्जा है। अधिग्रहण के बाद वह टेलीनोर इंडिया के स्पेक्ट्रम, लाइसेंस, संचालन और कर्मचारियों के साथ ही 4.40 करोड़ ग्राहक भी उसके साथ जुड़ जायेंगे। अधिग्रहण समझौते के मुताबिक टेलीनोर इंडिया के भारत में सात सर्किलों के संचालन पर एयरटेल का कब्जा होगा। ये सर्किल  आंध्र प्रदेश, बिहार, महाराष्ट्र, गुजरात, उत्तर प्रदेश (पूर्वी), उत्तर प्रदेश (पश्चिमी) और असम हैं। कंपनी ने कहा है कि जब तक सौदा पूरा नहीं होता है तब तक टेलीनोर इंडिया का संचालन और सेवायें सामान्य तरीके से काम करती रहेंगी।

भारतीय एयरटेल के (भारत और दक्षिण एशिया) प्रबंध निदेशक और सीईओ गोपाल विट्टल ने कहा इस अधिग्रहण के जरिये मिलने वाले अतिरिक्त स्पेक्ट्रम से एयरटेल के स्पेक्ट्रम पोर्टफोलियो का और विस्तार होगा। टेलीनोर समूह के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सिगवे ब्रेके ने समझौते पर अपनी प्रतिक्रिया में कहा, ‘हमारे भारतीय कारोबार के दीर्घकालिक समाधान की तलाश करना हमारी प्राथमिकता में था और एयरटेल के साथ हमारे समझौते को लेकर हम प्रसन्न हैं। भारत से निकलने का हमारा निर्णय हल्के फुल्के ढंग से नहीं लिया गया बल्कि इसके लिये गहन विचार विमर्श किया गया।’टेलीनोर ने वर्ष 2008 में भारतीय बाजार में प्रवेश की घोषणा की थी। कंपनी ने कहा है कि वर्ष 2017 की पहली तिमाही से टेलीनोर इंडिया को बिक्री वाली संपत्ति के तौर पर माना जायेगा और टेलीनोर समूह की वित्तीय रिपोर्टिंग में इसे शामिल नहीं किया जायेगा।