मोदी सरकार का आम बजट 2015 पेश; आय कर स्लैब में बदलाव नहीं, सर्विस टैक्स से जेब होगी ढीली

वित्त वर्ष 2015-16 का आम बजट वित्त मंत्री अरुण जेटली ने लोकसभा में पेश किया । इस बार इनकम टैक्‍स में कोई बदलाव नहीं किया गया है। जेटली ने कहा कि इनकम टैक्‍स का पुराना स्‍लैब ही लागू रहेगा। दूसरी तरफ कॉरपोरेट टैक्‍स दर को अगले 4 साल में घटाकर 30 फीसदी से 25 फीसदी किया जाएगा।

मोदी सरकार का आम बजट 2015 पेश; आय कर स्लैब में बदलाव नहीं, सर्विस टैक्स से जेब होगी ढीली
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नई दिल्ली:  केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने वित्त वर्ष 2015-16 का आम बजट शनिवार को लोकसभा में पेश किया और कहा कि उनकी सरकार द्वारा उठाए गए सुधारवादी कदमों के कारण देश की साख दोबारा मजबूत होने से आज अर्थव्यवस्था बेहतर स्थिति में पहुंच गई है। जेटली ने लोकसभा में अपने बजट भाषण के प्रारंभ में कहा कि मैं एक ऐसे आर्थिक परिवेश में यह आम बजट पेश कर रहा हूं, जो पिछले समय की तुलना में अधिक सकारात्मक हो है। विश्व की प्रमुख अर्थव्यवस्थाएं मुश्किलों का सामना कर रही हैं। भारत उच्च विकास के मार्ग पर आगे बढ़ रहा है।

उन्होंने कहा कि भारत उच्च विकास के मार्ग पर आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि वित्त वर्ष 2014-15 में वास्तविक जीडीपी विकास दर 7.5 प्रतिशत रहने का अनुमान है। इससे भारत को विश्व की तेजी से बढ़ रही बड़ी अर्थव्यवस्था बनने में मदद मिलेगी। वित्त मंत्री ने कहा कि हमें बर्बादी और निराशा विरासत में मिली है और हमने उचित कदमों के द्वारा इससे उबरने में एक लंबा रास्ता तय किया है। हमारा उद्देश्य जीवन की गुणवत्ता में सुधार और देश के आम आदमी तक सुविधाएं पहुंचाना है। उन्होंने यह भी कहा कि विकास दर अब दहाई अंक में संभव है। हमारा उद्देश्य महंगाई को काबू में करना है।  

2015-16 के आम बजट में इनकम टैक्स की मौजूद स्लैब में कोई बदलाव नहीं किया गया है। वित्त मंत्री जेटली ने आयकर दाताओं को विभिन्न प्रावधानों के तहत सालाना 4.44 लाख रुपये की आय पर कर छूट दी है। इसमें बीमा और बचत योजनाओं सहित 80सी और 80सीसीडी के तहत विभिन्न योजनाओं में 1.50 लाख रुपए तक के निवेश पर राहत भी शामिल है। कर्मचारियों को परिवहन भत्ते पर कर कटौती का लाभ भी बढा दिया गया है। अब उन्हें मासिक 800 रुपये तक की जगह 1,600 रुपये के भत्ते पर कटौती मिल सकेगी। एक करोड़ रुपये से अधिक सालाना कमाई करने वाले अमीरों पर आयकर अधिभार को मौजूदा 10 प्रतिशत से बढ़ाकर 12 प्रतिशत कर दिया गया है। इसी प्रकार एक करोड़ से 10 करोड़ रुपये के बीच कमाई करने वाली घरेलू कंपनियों को सात प्रतिशत की दर से अधिभार देना होगा जबकि दस करोड़ रुपये से अधिक सालाना आय वाली कंपनियों पर अब 12 प्रतिशत की दर से कर अधिभार लगेगा।

फार्मों सहकारी समितियों और स्थानीय प्राधिकरणों को भी एक करोड़ रुपये से अधिक कमाई पर 12 प्रतिशत की बढ़ी दर से आयकर अधिभार लगेगा। वित्त मंत्री ने लोकसभा में आज पेश बजट में कालेधन की समस्या से निपटने के लिये नये उपायों की घोषणा भी की। उन्होंने कहा कि इसके लिये एक व्यापक विधेयक लाया जायेगा जिसमें विदेशों में रखी गई आय और संपत्ति के बारे में जानकारी छुपाने पर 10 साल तक की सजा का प्रावधान होगा।

विदेशों में रखी गई संपत्ति को अपराध माना जायेगा और इस तरह की छुपाई गई आय और संपत्ति पर 300 प्रतिशत तक का जुर्माना देना होगा तथा इसमें समाधान की छूट नहीं होगी। इस तरह की संपत्ति और आय पर अधिकतम दर से कर लगाया जायेगा तथा किसी तरह की कटौती और छूट नहीं दी जायेगी। विदेशी निवेशकों को आकर्षित करने के उद्देश्य से जेटली ने विवादित सामान्य कर परिवर्जन रोधी नियमों के क्रियान्वयन को दो साल के लिये टाल दिया।

बजट में सामाजिक क्षेत्र की योजना महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार योजना (मनरेगा) के लिये आवंटन बढ़ाने के साथ साथ ढांचागत क्षेत्र की परियोजनाओं के लिये 70,000 करोड़ रपये का आवंटन किया गया है। वित्त मंत्री ने लोगों को सोना खरीदने से दूर करने के प्रयासस्वरूप कर मुक्त ढांचागत बॉंड फिर से जारी करने और सावरेन स्वर्ण बांड शुरू करने की भी घोषणा की है। इस पर निर्धारित दर पर ब्याज देय होगा। विमोचन के समय बांड़ के अंकित मूल्य पर नकदी में राशि का भुगतान किया जायेगा।

गरीब और वंचित तबके से जुड़ी सामाजिक क्षेत्र की योजनाओं में शिक्षा के लिये 68,968 करोड़ रुपये, स्वास्थ्य क्षेत्र के लिये 33,152 करोड़ रुपये, मनरेगा सहित ग्रामीण विकास के लिये 77,526 करोड़ रुपये और आवास एवं शहरी विकास के लिये 22,407 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है। रक्षा क्षेत्र का बजट 11 प्रतिशत बढ़ाकर 2,46,727 करोड़ रुपये रखा गया है। चालू वित्त वर्ष के दौरान रक्षा क्षेत्र के लिये 2,22,370 करोड़ रुपये बजट आबंटन किया गया था।

वित्त मंत्री ने 2015-16 के लिये कुल 17,77,477 करोड़ रुपये के व्यय का बजट पेश किया है जिसमें 13,12,200 करोड रुपये गैर-योजनागत खर्च और 4,65,277 करोड़ रुपये योजना खर्च है। वित्त वर्ष 2014-15 के संशोधित अनुमानों में कुल बजट व्यय 16,81,158 करोड़ रुपये, गैर-योजना व्यय 12,13,224 करोड़ रुपये और योजना व्यय 4,67,934 करोड़ रुपये रहने का अनुमान लगाया गया है। वर्ष 2015-16 में सकल कर प्राप्तियां 14,49,490 करोड़ रुपये। केन्द्रीय करों में राज्यों का हिस्सा 5,23,958 करोड़ तथा राज्यों को मिलने वाली कुल राशि 9,19,842 करोड़ रुपये रहने का अनुमान है। वर्ष के दौरान गैर-कर राजस्व 2,21,733 करोड़ रुपये रहने का अनुमान है।

वर्ष 2015-16 के लिये राजकोषीय घाटा, सकल घरेलू उत्पाद का 3.9 प्रतिशत और राजस्व घाटा 2.8 प्रतिशत रहने का अनुमान है। इस वित्त वर्ष में राजकोषीय घाटा 4.1 प्रतिशत और राजस्व घाटा 2.9 प्रतिशत रहने का संशोधित अनुमान है। वित्त मंत्री ने राजकोषीय घाटे को अगले तीन साल के दौरान घटाकर तीन प्रतिशत पर लाने की घोषणा की है। 

आम बजट 2015-16 का सारांश

मनरेगा के लिए 34,699 करोड़ रुपये का आरंभिक आवंटन

मध्यम वर्ग के करदाताओं को रियायतों का तोहफा

घरेलू विनिर्माण एवं ‘मेक इन इंडिया’ को प्रोत्साहन के जरिए रोजगारों का सृजन

स्वच्छ भारत कोष और स्वच्छ गंगा निधि में अंशदान पर 100 फीसदी कटौती

केंद्र प्रायोजित 8 योजनाओं को केंद्रीय सहायता से मुक्‍त किया गया

24 योजनाएं परिवर्तित हिस्‍सेदारी के साथ चलाई जाएंगी जबकि 31 योजनाओं को सरकार से पूरी सहायता मिलेगी

देशभर में फैले डाक नेटवर्क का उपयोग औपचारिक वित्‍तीय प्रणाली तक पहुंच बढ़ाने के लिए किया जाएगा

सुकन्‍या समृद्धि खाता योजना के तहत बालिकाओं के लिए धारा-80सी के तहत कर लाभ

बुनियादी ढांचे में निवेश 70,000 करोड़ रुपये बढ़ापांच नई अल्‍ट्रा मेगा पावर परियोजनाएं स्‍थापित होंगी

कुडानकुलम नाभिकीय बिजली स्‍टेशन की दूसरी इकाई 2015-16 में शुरू होगी

बजट संभाषण में सरकार की प्राथमिकताओं में प्राकृतिक संसाधनों का प्रभावी और अधिकतम आवंटन और वित्‍तीय समावेषण शामिल

इनकम टैक्स स्लैब और कंपनियों के आयकर दर में कोई बदलाव नहीं

2015-16 का आम बजट पेश करते हुए व्‍यक्तिगत आयकर की दर में कोई बदलाव न किए जाने का प्रस्‍ताव किया है। अपनी बजटीय घोषणा में उन्‍होंने कहा कि वित्‍त वर्ष 2015-16 में अर्जित आय के संदर्भ में कंपनियों के कर में भी किसी तरह का बदलाव नहीं किया जाएगा और यह वर्ष 2016-17 के लिए भी लागू होगी।

हालाकि वित्‍त मंत्री ने एक करोड़ से अधिक की आय वाले व्‍यक्तियों, एचयूएफ, एओपी, बीओई, फर्मों, कॉओपरेटिव सोसाइटियों और स्‍थानीय प्राधिकरणों पर 12 प्रतिशत की दर से अधिभार लगाने का प्रस्‍ताव किया है। एक करोड़ से लेकर 10 करोड़ तक की आय वाली घरेलू कंपनियों के मामले में 7 प्रतिशत और 10 करोड़ से ज्‍यादा की आय वाली घरेलू कंपनियों पर 12 प्रतिशत की दर से अधिभार लगाया गया है।

अरुण जेटली ने आगे प्रस्‍ताव करते हुए कहा कि एक करोड़ से 10 करोड़ तक की आय वाली विदेशी कंपनी के मामले में अधिभार दो प्रतिशत की दर से यथावथ रहेगा और 10 करोड़ से ज्‍यादा आय वाली विदेशी कंपनियों पर पांच प्रतिशत की दर से अधिभार जारी रहेगा।

सार्वभौमिक गुणवत्‍ता आधारित शिक्षा प्रदान और वित्‍त पोषित करने की सरकार की वचनबद्धता को पूर्ण करने के लिए सभी करदाताओं के लिए वित्‍त वर्ष 2015-16 में आयकर पर 2 प्रतिशत की दर से शिक्षा उपकर और कर पर माध्‍यमिक एवं उच्‍चतर शिक्षा उपकर पर 1 प्रतिशत कर अतिरिक्‍त प्रभार लगाने का प्रस्‍ताव किया गया है।

मनरेगा के लिए 34,699 करोड़ रुपये का आरंभिक आवंटन

केंद्रीय वित्‍तमंत्री अरुण जेटली ने आज लोकसभा में केंद्रीय बजट  2015-16 प्रस्‍तुत करते हुए कहा कि सरकार मनरेगा के जरिए रोजगार में मदद करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्‍होंने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाएगा कि कोई भी गरीब रोजगार के बगैर न रह जाए। वित्‍तमंत्री ने कहा कि इस कार्यक्रम के लिए 34,699 करोड़ रुपये का आरंभिक आवंटन किया गया है। उन्‍होंने कहा कि मनरेगा के अंतर्गत कार्यों की गुणवत्‍ता और प्रभावशीलता में सुधार लाने पर ध्‍यान दिया जाएगा।

मध्यम वर्ग के करदाताओं को रियायतों का तोहफा

वित्त मंत्री अरुण जेटली ने आज लोकसभा में दिए अपने बजट भाषण में विभिन्न कर रियायतों एवं प्रोत्साहनों को तर्कसंगत बनाने का प्रस्ताव किया, ताकि कर विवादों में कमी आ सके और कर प्रशासन बेहतर हो सके। उन्होंने कहा कि बचत को बढ़ावा देने के लिए स्वास्थ्य बीमा प्रीमियम पर कटौती की सीमा को 15,000 रुपये से बढ़ाकर 25,000 रुपये करने का प्रस्ताव किया गया है। वहीं, वरिष्ठ नागरिकों के मामले में इसे 20,000 रुपये से बढ़ाकर 30,000 रुपये करने का प्रस्ताव किया गया है।

 बजट में यह भी प्रस्ताव है कि अत्यंत वरिष्ठ नागरिक के मामले में निर्दिष्ट बीमारियों के कारण होने वाले खर्चों पर कटौती की सीमा 60,000 रुपये से बढ़ाकर 80,000 रुपये कर दी जाए।  बजट में एक प्रस्ताव यह भी कि आश्रित विकलांग व्यक्ति के चिकित्सा उपचार सहित देखभाल के संबंध में कटौती की सीमा 50,000 रुपये से बढ़ाकर 75,000 रुपये कर दी जाए। इसके साथ ही गंभीर विकलांगता की दशा में कटौती की सीमा को 1 लाख रुपये से बढ़ाकर 1.25 लाख रुपये करने का प्रस्ताव बजट में किया गया है।  बजट में एक प्रस्ताव यह है कि ‘सुकन्या समृद्धि योजना’ में किए जाने वाले निवेश पर धारा 80सी के तहत रियायत मिलेगी तथा इस योजना के तहत किए जाने वाले किसी भी भुगतान पर कर नहीं लगेगा।

बजट में एक प्रस्ताव यह है कि नई पेंशन स्कीम में कर्मचारी द्वारा किए जाने वाले अंशदान के कारण कटौती की सीमा 1 लाख रुपये से बढ़ाकर 1.50 लाख रुपये कर दी जाए। नई पेंशन स्कीम में किए गए अंशदान के संबंध में 1.50 लाख रुपये की सीमा के अलावा 50,000 रुपये की कटौती प्रदान करने का भी प्रस्ताव बजट में है।

  •       कर में कटौती का ब्यौरा कुछ इस प्रकार हैः
  • ·        धारा 80सी के तहत कटौती                                        1,50,000 रुपये
  • ·        धारा 80सीसीडी के तहत कटौती                                   50,000 रुपये
  • ·        आवास (स्व-अधिकृत) ऋण के ब्याज पर कटौती             2,00,000 रुपये
  • ·        स्वास्थ्य बीमा प्रीमियम पर धारा 80डी के तहत कटौती    25,000 रुपये
  • ·        परिवहन भत्ते पर छूट                                                19,200 रुपये
  • कुल                                                                                  4,44,200 रुपये

घरेलू विनिर्माण एवं ‘मेक इन इंडिया’ को प्रोत्साहन के जरिए रोजगारों का सृजन

बड़ी संख्या में रोजगारों के सृजन हेतु घरेलू विनिर्माण एवं ‘मेक इन इंडिया’ को प्रोत्साहन देने के लिए केन्द्रीय वित्त मंत्री श्री अरुण जेटली ने आज संसद में पेश आम बजट 2015-16 में सीमा शुल्क एवं उत्पाद शुल्क में अनेक रियायतों की घोषणा की।

स्वच्छ भारत कोष और स्वच्छ गंगा निधि में अंशदान कर 100 फीसदी कटौती

वित्त मंत्री अरुण जेटली द्वारा आज पेश आम बजट में स्वच्छ भारत कोष और स्वच्छ गंगा निधि के बारे में एक अहम प्रस्ताव किया गया है। इसके तहत स्वच्छ भारत कोष (निवासी और अनिवासी दोनों द्वारा) और स्वच्छ गंगा निधि (निवासी द्वारा) में दिए गए दान (कंपनी अधिनियम 2013 की धारा 135 के अनुसार किए गए सीएसआर अंशदान को छोड़कर) आयकर अधिनियम की धारा 80जी के तहत 100 फीसदी कटौती के पात्र होंगे।

रोजगार सृजन के लिए आयकर अधिनियम की धारा 80 जेजेएए में संशोधन का प्रस्‍ताव

आयकर अधिनियम की धारा 80 जेजेएए के प्रावधानों में संशोधन का प्रस्‍ताव, न्‍यूनतम 100 मजदूरों की पात्रता को घटाकर 50 मजदूर करने का प्रस्‍ताव

स्‍वच्‍छ भारत कोष की स्‍थापना

स्‍वच्‍छ भारत कोष और स्‍वच्‍छ गंगा निधि के महत्‍व पर विचार करते हुए अधिनियम की धारा 10 (23 ग) में संशोधन का प्रस्‍ताव है, जिससे स्‍वच्‍छ भारत कोष और स्‍वच्‍छ गंगा निधि की आय को आयकर से छूट दी जा सके। ये संशोधन 1 अप्रैल 2015 से प्रभावी होंगे।

विश्‍व सांस्‍कृतिक धरोहर स्‍थलों का जीर्णोंद्धार किया जाएगा

निम्‍नलिखित धरोहर स्‍थलों पर काम शुरू करने के लिए संसाधन उपलब्‍ध कराने का प्रस्‍ताव किया है:

1-     पुराने गोवा के गिरिजाघरों और कॉन्‍वेन्‍टस

2-      हम्‍पी, कर्नाटक

3-      कुम्‍भलगढ़ और राजस्‍थान के अन्‍य किले

4-      रानी की वाव, पाटन, गुजरात

5-      लेह पैलेस, लद्दाख, जम्‍मू-कश्‍मीर

6. वाराणसी मंदिर शहर, उत्‍तर प्रदेश

7. जलियांवाला बाग, अमृतसर पंजाब

8. कुतुबशाही मकबरा, हैदराबाद, तेलंगानाश्री जेटली ने 43 देशों के यात्रियों को आगमन पर वीजा देने की सुविधा की सफलता के बाद  150 देशों के यात्रियों को यह सुविधा देने का प्रस्‍ताव किया है।

क्षेत्र तटस्‍थ वित्‍तीय शिकायत निवारण एजेंसी गठित करने के लिए कार्यबल का गठन किया जाएगा

सरकार को भारतीय वित्‍तीय कोड (आईएफसी) के बारे में बड़ी संख्‍या में सुझाव प्राप्‍त हुए हैं जिसकी समीक्षा वर्तमान में न्‍यायमूर्ति श्री कृष्‍णा कमेटी द्वारा की जा रही है। वित्‍त मंत्री ने आशा व्‍यक्‍त की आने वाले समय में वे विचार-विमर्श के लिए संसद में आईएफसी पेश कर सकेंगे।

वायदा बाजार आयोग का सेबी में विलय किया जाएगा

केंद्रीय वित्‍त मंत्री अरुण जेटली ने वस्‍तु वायदा बाजार के निगमन को मजबूत बनाने और अन्‍धाधुंध सट्टेबाजी कम करने के लिए वायदा बाजार आयोग को सेबी में विलय करने का प्रस्‍ताव किया है। वित्‍त विधेयक-2015 में सरकारी प्रतिभूति अधिनियम और भारतीय रिजर्व बैंक अधिनियम में संशोधन का प्रस्‍ताव है।

कर्मचारी भविष्‍य निधि (ईपीएफ) के तहत कर्मचारियों को दो विकल्‍प दिए जाएंगे

केंद्रीय वित्‍त मंत्री अरुण ने घोषणा की है कि कर्मचारी भविष्‍य निधि (ईपीएफ) के संदर्भ में कर्मचारियों को दो विकल्‍प देने की आवश्‍यकता है। पहला, कर्मचारी या तो ईपीएफ को चुन सकते हैं अथवा नई पेंशन योजना को। दूसरा, निश्चित मासिक आय के नीचे के कर्मचारियों के लिए ईपीएफ में योगदान वैकल्पिक होना चाहिए और यह मालिकों के योगदान को कम किए बिना या प्रभावित किए बिना होना चाहिए। ईएसआई के बारे में उन्‍होंने कहा कि कर्मचारियों को ईएसआई या बीमा निगमन विकास प्राधिकरण (आईआरडीए) द्वारा मान्‍यता प्राप्‍त स्‍वास्‍थ्‍य बीमा उत्‍पाद में से किसी एक को चुनने का विकल्‍प होना चाहिए।

वित्‍त मंत्री ने घोषणा की हितधारकों के साथ विचार-विमर्श करने के बाद इस बारे में संशोधित कानून लाया जाएगा।

कारपोरेट टैक्‍स में कमी होगी और जीएसटी को लागू किया जाएगा     

केंद्रीय वित्‍त मंत्री अरूण जेटली ने कहा है कि कारपोरेट टैक्‍स दर के अगले 4 वर्षों के दौरान वर्तमान 30 प्रतिशत से घटाकर 25 प्रतिशत करने का प्रावधान है।

स्‍वरोजगार और प्रतिभा का उपयोग (सेतु)  की स्‍थापना होगी

सेतु एक औद्योगिकीय-वित्‍तीय उद्भवन होगा और अन्‍य स्‍व-रोजगार के क्रियाकलापों, विशेषकर प्रौद्योगिकी प्रेरित क्षेत्रों में व्‍यवसाय चलाने के सभी पहलुओं की सहायता करने हेतु सहायता कार्यक्रम होगा। इस प्रयोजन के लिए, नीति आयोग में आरंभिक रूप में 1000 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं।

सरकार की ‘एक्‍ट ईस्‍ट‘ नीति

केंद्रीय वित्‍त मंत्री अरूण जेटली ने आज कंबोडिया, म्‍यांमार, लाओस, और वियतनाम नामक सीएमएलवी देशों में विनिर्माण केंद्रों के गठन की घोषणा की। लोकसभा में आम बजट 2015-16 को प्रस्तुत करते हुए वित्‍त मंत्री ने कहा कि भारत सरकार की ‘एक्‍ट ईस्‍ट’ नीति दक्षिण-पूर्वी एशिया में सघन आर्थिक और कार्यनीतिक संबंधों को बढ़ाने की दिशा में किया गया प्रयास है।

विदेशी निवेश जुटाने के लिए प्रक्रिया को अधिक सरल बनाने के लिए विभिन्‍न प्रकार के विदेशी निवेशों और विदेशी प्रत्‍यक्ष निवेशों के बीच के विभेद को दूर

केंद्रीय वित्‍त मंत्री अरूण जेटली ने विदेशी निवेश जुटाने के लिए, भारतीय कंपनियों हेतु प्रक्रिया को और अधिक सरल बनाने हेतु, विभिन्‍न प्रकार के विदेशी निवेशों, खासकर विदेशी पोर्टफोलियों निवेशों और विदेशी प्रत्‍यक्ष निवेशों के बीच के विभेद को दूर करने और उनके स्‍थान पर समिश्र उच्‍चतम सीमाएं लाए जाने की मांग की है। जो क्षेत्र पहले से ही 100 प्रतिशत स्‍वचालित मार्ग के अंतर्गत आते हैं, प्रभावित नहीं होंगे।

सोने का मुद्रीकरण

केंद्रीय वित्‍त मंत्री अरूण जेटली ने सोने के मुद्रीकरण के लिए कई कदमों की घोषणा की है। आज लोकसभा में आम बजट 2015-16 प्रस्‍तुत करते हुए उन्‍होंने कहा कि भारत विश्‍व में सबसे बड़े उपभोक्‍ताओं में से एक है तथा प्रतिवर्ष 800-1000 टन स्‍वर्ण का आयात करता है।

विकास को हरित होना चाहिए

केंद्रीय वित्‍त मंत्री  अरूण जेटली ने कहा है कि सरकार विकास प्रक्रिया को जहां तक संभव है, हरी-भरी बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। आज यहां संसद में आम बजट 2015-16 प्रस्‍तुत करते हुए  जेटली ने कहा है कि अधिकांश पैट्रोलियम उत्‍पादों पर हमारा वास्‍तविक ‘कार्बन टैक्‍स’ अंतर्राष्‍ट्रीय मानकों के अनुरूप है।

आम बजट की खास बातें: - 

-प्रत्यक्ष विदेशी निवेश और विदेशी पोर्टफोलियो निवेश के बीच अंतर को समाप्त किया जायेगा और स्वत: मंजूरी के रास्ते 100 प्रतिशत एफडीआई प्रभावित नहीं होगी : जेटली।

-श्रीकृष्ण समिति की रिपोर्ट मिलने के बाद भारतीय वित्तीय संहिता संसद में पेश की जायेगी

-सार्वजनिक ऋण प्रबंधन एजेंसी की स्थापना करके भारतीय बांड बाजार को और व्यापक बनाया जायेगा

-पूंजी प्रवाह पर सरकार को स्पष्ट नियंत्रण देने के लिए विदेशी मुद्रा प्रबंधन कानून में संशाधन किया जायेगा

-पीपीपी माडल की समीक्षा की जायेगी और कारोबार करने को सुगम बनाया जायेगा

-नये कर प्रस्तावों से 15,068 करोड़ रूपये के राजस्व की प्राप्ति का अनुमान ।
 
-व्यक्गित करदाताओं को सालाना 4,44,200 रूपये की आय पर विभिन्न प्रावधानों के तहत छूट उपलब्ध होगी।

-पेंशन योजना में सालाना 50 हजार रूपये तक के योगदान पर कर छूट। कर्मचारियों की मासिक परिवहन भत्ता कर छूट को 800 रूपये से बढ़ाकर 1600 रूपये किया गया ।

-स्वच्छ भारत कोष और गंगा सफाई कोष में दान करने पर शत प्रतिशत कर छूट का प्रस्ताव।

-स्वास्थ्य बीमा प्रीमियम पर अयकर कटौती की सीमा 15 हजार रूपये से बढ़ाकर 25 हजार रूपये करने का प्रस्ताव, बुजुर्गो के मेडिकल खर्च पर 30 हजार रूपये तक कर कटौती : जेटली।

-केंद्रीय उत्पाद शुल्क की दर बढ़ाकर 12.5 प्रतिशत, सेवा कर की दर 14 प्रतिशत करने का प्रस्ताव

-कुडनकुलम परमाणु उर्जा संयंत्र की दूसरी इकाई 2015.16 में परिचालन में आ जायेगी, 4000,  4000 मेगावाट क्षमता के पांच अल्ट्रा मेगा पावर प्रोजेक्ट स्थापित किये जायेंगे

-सम्पत्ति कर समाप्त, एक करोड़ रूपये से अधिक की आय वाले व्यक्तियों पर दो प्रतिशत का अतिरिक्त अधिभार

-कालाधन पर जुर्माला कर देनदारी का 300 प्रतिशत लगाया जायेगा, कर चोरी करने वाले मामलों सुलझाने के लिए निपटान आयोग में नहीं जा सकेंगे

-सामान्य कर परिवर्जन रोधी नियम (गार) का क्रियान्वयन दो साल के टाला गया।

-इनकम टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं, व्यक्तिगत कारदाताओं को कर छूट मिलती रहेगी, एक लाख रूपये से अधिक के सौदों पर पैन का उल्लेख जरूरी, बेनामी कारोबार पर अंकुश के लिए विधेयक चालू संसद सत्र में लाया जायेगा

-कालाधन छिपाने पर 10 साल तक की कैद, विदेशी सम्पत्तियों को छिपाने वालों को जेल की कठोर सजा सहित कर चोरी के खिलाफ और सख्त होंगे कानून

-कालेधन से निलटने के लिए व्यापक कानून बनाया जायेगा

-डाकघर भुगतान बैंक का काम करेंगे : जेटली

-कारपोरेट कर की दर चार साल में 30 प्रतिशत से घटाकर 25 प्रतिशत लायी जायेगी

-2015.16 में राजकोषीय घाटा 3.9 प्रतिशत, राजस्व घाटा 2.8 प्रतिशत, कुल बजट खर्च 17 लाख 77 हजार 477 करोड़ रूपये

-2015-16 का रक्षा बजट 2.46 लाख करोड़ रूपये, स्वास्थ्य के लिए 37152 करोड़ रूपये, शिक्षा के लिए 68,000 करोड़ रूपये से ज्यादा का प्रावधान ।

समन्वित बाल विकास योजना के लिए 1500 करोड़ रूपये, समन्वित बाल संरक्षण योजना के लिए 500 करोड़ रूपये और प्रधानमंत्री सिंचाई योजना के लिए 3000 करोड़ रूपये का प्रावधान

-कर्मचारियों को ईपीएफ और नई पेंशन योजना में से किसी एक को चुनने का विकल्प दिया जायेगा

-बिहार और पश्चिम बंगाल को आंध्रप्रदेश की तर्ज पर विशेष सहायता देने का प्रस्ताव

-दीनदयाल उपाध्याय हुनर योजना का प्रस्ताव । जम्मू कश्मीर, पंजाब, तमिलनाडु, हिमाचल प्रदेश, असम में एम्स खोले जायेंगे
-वायदा बाजार आयोग को भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड में मिलाने का प्रस्ताव

-विभिन्न चरणों में 150 देशों को आगमन पर बीजा की सुविधा देने का प्रस्ताव

-सड़क, रेल परियोजनाओं के लिए कर मुक्त इंफ्रास्ट्रक्चर बांड पेश किया जायेगा

-2015-16 में अनुसूचित जाति के लिए 30,851 करोड़ रूपये और महिलाओं से संबंधित योजनाओं के लिए बजट में 79,258 करोड़ रूपये का प्रावधान

-प्रधानमंत्री सुरक्षा योजना शीघ्र, 12 रूपये के सालाना प्रीमियम पर दो लाख रूपये का दुर्घटना बीमा होगा

-देश में नवोन्मेष की संस्कृति को प्रोत्साहित करने के लिए ‘अटल नवोन्मेष मिशन पेश किया जायेगा

-खस्ताहाल कंपनियों के लिए एक नयी समग्र संहिता लायी जायेगी

-मनरेगा के लिए प्रारंभिक प्रावधान 34,699 करोड़ रूपये

-ग्रामीण आधारभूत संरचना कोष के लिए 2015-16 में 25 हजार करोड़ रूपये का प्रावधान

-अल्पसंख्यक युवाओं के लिए ‘मंजिल’ योजना। अल्पसंख्यक मंत्रालय को 2015-16 के लिए 3738 करोड़ रूपये का प्रावधान

-11.5 करोड़ एलपीजी उपभोक्ताओं को सब्सिडी का खाते के जरिये नकद भुगतान, सांसदों, मंत्रियों समेत सम्भ्रांत लोग स्वेच्छा से सब्सिडी का त्याग करेंगे

-बुजुर्गो के लिए वरिष्ठ नागरिक कल्याण कोष बनाने का प्रस्ताव

-सभी भारतीयों के लिए सार्वभौमिक सामाजिक सुरक्षा प्रणाली बनेगी, जनता के लिए ‘अटल’ पेंशन योजना

-छोटे कारोबारियों की ऋण सुविधा के लिए 20 हजार करोड़ रूपये के कोष से मुद्रा बैंक बनाया जायेगा

-2015-16 में किसानों को 8.5 लाख करोड़ रूपये कृषि ऋण देने का लक्ष्य

-नयी व्यवस्था में कुल राजस्व में राज्यों का हिस्सा 62 प्रतिशत और केंद्र का हिस्सा 38 प्रतिशत होगा
- जनधन योजना में 60 साल बाद पेंशन का प्रावधान

-चालू वित्त वर्ष में राजोषीय घाटे को 4.1 प्रतिशत रखने का लक्ष्य हासिल किया जायेगा, दो की बजाए तीन साल में तीन साल में 3 प्रतिशत रखने का लक्ष्य

-मौद्रिक नीति समिति गठित करने के लिए हम इस वर्ष आरबीआई एक्ट में संशोधन की पहल करेंगे : जेटली

-कोयला ब्लाकों की पारदर्शी नीलामी से संबंधित राज्यों को रायल्टी से लाखों करोड़ रूपये मिले हैं

-50 लाख शौचालय बनाये जा चुके है, 6 करोड़ शौचालय बनाने का लक्ष्य हासिल किया जायेगा

-वित्त वर्ष 2015.16 में आर्थिक वृद्धि 8 से 8.5 प्रतिशत रहने का अनुमान : जेटली

-खुदरा मुद्रास्फीति की दर वर्ष के अंत तक 5 प्रतिशत रहने का अनुमान

-चालू वित्त वर्ष में जीडीपी वृद्धि दर 7.4 प्रतिशत रहने का अनुमान, रूपया 6.4 प्रतिशत मजबूत हुआ

-आर्थिक वातावरण पहले की तुलना में काफी सुधारा है, निवेशकों का विश्वास बढ़ा है : जेटली

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