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बजट में नौकरीपेशा को बड़ी खुशखबरी की उम्मीद, टैक्स फ्री हो सकती है 5 लाख तक की आय!

संसद का बजट सत्र 26 जुलाई तक चलेगा. इस दौरान मोदी सरकार अपने दूसरे कार्यकाल का पहला बजट 5 जुलाई को पेश करेगी. पहली बार महिला वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण बजट पेश करेंगी.

बजट में नौकरीपेशा को बड़ी खुशखबरी की उम्मीद, टैक्स फ्री हो सकती है 5 लाख तक की आय!

नई दिल्ली : संसद का बजट सत्र 26 जुलाई तक चलेगा. इस दौरान मोदी सरकार अपने दूसरे कार्यकाल का पहला बजट 5 जुलाई को पेश करेगी. पहली बार महिला वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण बजट पेश करेंगी. मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल के पहले बजट पर सबकी निगाहें हैं, क्योंकि इस बार आम चुनाव से पहले फरवरी में पेश किए गए अंतरिम बजट में सरकार ने टैक्सपेयर्स के लिए थोड़ी राहत देते हुए 5 लाख तक की आय वालों के लिए टैक्स रीबेट की घोषणा की थी. वित्त मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार इस बार बजट में टैक्सपेयर्स को बड़ी खुशखबरी मिल सकती है.

कई और तरह की छूट देने पर विचार किया जा रहा
दरअसल अंतरिम बजट में मिली टैक्स रीबेट के आधार पर 5 लाख तक कमाने वालों को तो फायदा मिलेगा लेकिन जो 5 लाख से ज्यादा कमाता है, तो उसे टैक्स में ज्यादा राहत नहीं मिली. लेकिन इस बार सरकार आयकर अधिनियम के सेक्शन 80C की निवेश पर छूट सीमा को बढ़ा सकती है. अभी तक 80C के तहत 1 लाख 50 हजार रुपये के निवेश पर टैक्स छूट मिलती है, इसे बढ़ाकर 2 लाख रुपये किया जा सकता है. इसके अलावा कई और तरह की छूट देने पर विचार किया जा रहा है.

बढ़ सकता है टैक्स स्लैब का दायरा
सहयोगी वेबसाइट www.zeebiz.com/hindi के अनुसार इनकम टैक्स स्लैब में भी बदलाव किया जा सकता है. हालांकि, इसके लिए सरकार अपने उस फैसले को वापस ले सकती है, जो उसने फरवरी में अंतरिम बजट के दौरान लिया था. उसमें टैक्सपेयर्स को 5 लाख की आय पर रिबेट देने का ऐलान किया गया था. अब उम्मीद की जा रही है कि नया टैक्स स्लैब आने पर उसे रिवॉक करके सिर्फ टैक्स छूट के दायरे को बढ़ा दिया जाए. मतलब यह कि नया टैक्स स्लैब तैयार कर दिया जाए.

क्या हो सकता है नया टैक्स स्लैब?
इनकम टैक्स नियम के मुताबिक, टैक्सपेयर्स को 2 लाख 50 हजार रुपए तक की आय पर कोई टैक्स नहीं देना होता. लेकिन, अब इसे सीधे तौर पर बढ़ाकर 3 लाख रुपए किया जा सकता है. अगर ऐसा होता है तो धारा 80C में निवेश के साथ टैक्सपेयर्स को कुल 5 लाख रुपए तक की आय पर कोई टैक्स नहीं देना होगा.

इसलिए है टैक्स स्लैब बढ़ने की संभावना
सूत्रों की मानें तो टैक्स स्लैब में बदलाव की संभावना इसलिए भी है क्योंकि, GDP ग्रोथ पांच साल के निचले स्तर पर है. इस वित्त वर्ष की पहली तिमाही में जीडीपी ग्रोथ 5.8 फीसदी पर रही थी. अगर टैक्स छूट का दायरा बढ़ाया जाता है तो इससे इकोनॉमी को बूस्ट मिलेगा. साथ ही करोड़ों टैक्सपेयर्स को भी बड़ा फायदा मिलेगा. हालांकि, ऐसे करने से सरकार पर अतिरिक्त बोझ बढ़ने की संभावना है. सरकार के बजट डेफिसिट पर इसका सीधा असर दिख सकता है.