बजट 2020: सीधे शब्दों में समझें इस बजट में देश क्या चाहता है अपने वित्त मंत्री से

पॉइंटर्स में समझिए क्या चाह रहे हैं देश के नागरिक अपने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से...

बजट 2020: सीधे शब्दों में समझें इस बजट में देश क्या चाहता है अपने वित्त मंत्री से
प्रतीकात्मक तस्वीर....

नई दिल्ली: आगामी केंद्रीय वित्तीय बजट 1 फरवरी को पेश होने वाला है. हर क्षेत्र से जुड़े लोगों को इस बजट में वित्त मंत्री के पिटारे से कुछ आस है. आज हम आपको दे रहे हैं जानकारी देश की उम्मीदों की. हमारे सहयोगी ज़ीबिज के अनुसार देश में में बजट को लेकर सभी क्षेत्रों से प्रतिक्रियाएं आ रही हैं. समझिए क्या चाह रहे हैं देश के नागरिक अपने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से...

मिडिल क्लास की उम्मीदें
मिडिल क्लास की मांग है कि 10 लाख रुपये तक आय पर 10% का टैक्स स्लैब बढ़ाई जाए. इसके अलावा 80C के तहत टैक्स छूट 1.5 लाख से बढ़ाकर 2.5 लाख रुपये करने की मांग हो रही है. बताते चलें कि अभी 5 लाख तक आय पर कोई टैक्स नहीं है.

महिलाओं की उम्मीदें
महिलाओं की मांग है कि धारा 64 के तहत क्लबिंग प्रोविजन से मुक्त किया जाए. अभी हाउसवाइफ की कोई भी आय पति के साथ टैक्सेबल नहीं है. हालांकि यहां मांग है कि धारा 80TTB में महिलाओं को भी शामिल किया जाए. इसके अलावा 80TTB में सिनियर सिटीजन को 50 हजार रुपये की अतिरिक्त छूट की मांग की जा रही है. सुकन्या समृद्धि योजना खाता खोलने की सीमा 10 से 15 साल करने की भी उम्मीद की जा रही है.

इंडस्ट्री का मांग
इंडस्ट्री की ओर से भी लगातार मांग की जा रही है कि मुकदमेबाजी के मामलों में कमीं लाई जाए. कंपनियों के खिलाफ आयकर विभाग के पांच लाख से ज्यादा मुकदमे पेंडिंग हैं. उल्लेखनीय है कि इंडस्ट्री पर लगभग आठ लाख करोड़ से ज्यादा कर बकाया है. गौरतलब है कि इन मुकदमों में से आयकर विभाग 70% मुकदमे हार जाता है. कंपनियों की मांग ये भी है कि नए लिटिगेशन और मुकदमेबाजी खत्म किए जाए.