कोलकाता तक बुलेट ट्रेन चलाने का चीन का नया प्रस्‍ताव, इन दो देशों को भी रूट में करना चाहता है शामिल!

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की देश में बुलेट ट्रेन योजना दौड़ाने की योजना में चीन भी सहयोग करना चाहता है.

कोलकाता तक बुलेट ट्रेन चलाने का चीन का नया प्रस्‍ताव, इन दो देशों को भी रूट में करना चाहता है शामिल!
चीन ने कोलकाता से कुनमिंग तक बुलेट ट्रेन चलाने का प्रस्‍ताव किया है. (फाइल फोटो)

नई दिल्‍ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की देश में बुलेट ट्रेन योजना दौड़ाने की योजना में चीन भी सहयोग करना चाहता है. चीन ने कोलकाता से कुनमिंग तक बुलेट ट्रेन चलाने का प्रस्‍ताव किया है. कोलकाता में चीन के वाणिज्‍य दूत मा झांवू ने कहा कि उनका देश पड़ोसी देश को बुलेट ट्रेन से जोड़ना चाहता है. यह सेवा चीन के कुनमिंग से शुरू होगी. इसके रूट में म्‍यांमार और बांग्‍लादेश भी आएंगे. झांवू ने कहा कि भारत और चीन के संयुक्‍त प्रयास से दोनों शहरों के बीच हाई-स्‍पीड रेल लिंक स्‍थापित किया जा सकता है. इससे कुछ ही घंटों में लोग कोलकाता से कुनमिंग पहुंच जाएंगे. इसका सबसे ज्‍यादा फायदा म्‍यांमार और बांग्‍लादेश को होगा.

उद्योगों को सबसे ज्‍यादा होगा फायदा
बिजनेस टुडे की खबर के मुताबिक चीन के वाणिज्‍य दूत ने कहा कि रेल संपर्क बनने से इस रूट पर पड़ने वाले उद्योगों को सबसे ज्‍यादा फायदा होगा. यह परियोजना 2800 किमी की होगी. चीन ने इस परियोजना का नाम बांग्‍लादेश-चीन-इंडिया-म्‍यांमार कॉरिडोर प्रस्‍तावित किया है.

2022 तक देश में दौड़ने लगेगी बुलेट ट्रेन, सबसे पहले इन दो स्टेशन के बीच में दौड़ेगी

मुंबई-अहमदाबाद के बीच चल रहा बुलेट ट्रेन का प्रोजेक्‍ट
देश की पहली बुलेट ट्रेन मुंबई से गुजरात के सूरत के बीच चलेगी. पहले चरण में 2022 तक बुलेट ट्रेन दौड़ने लगेगी. ऐसी योजना बनाई जा रही है कि पहली बार बुलेट ट्रेन गुजरात में सूरत से बिलिमोरा के बीच चलेगी. मुंबई से सूरत के बीच 508 किमी का ये प्रोजेक्ट 2023 तक पूरा होने की संभावना है. केंद्र सरकार चाहती है कि इस प्रोजेक्ट के पहले चरण के अंतर्गत 15 अगस्त 2022 तक इसका पहला चरण पूरा हो जाए. उस समय देश आजादी के 75 साल पूरे कर रहा होगा. 

नेशनल हाई स्पीड रेल कॉरपोरेशन से जुड़े सूत्रों के अनुसार, सूरत से बिलिमोरा के बीच सेक्शन को इसलिए चयनित किया गया है क्योंकि इनके बीच बिल्कुल सीधा अलाइनमेंट है. इसलिए इसके निर्माण को तय समय सीमा के भीतर पूरा किया जा सकता है. इसके बाद दूसरे हिस्से में काम शुरू होगा.

ये शहर और जुड़ सकते हैं हाई-स्‍पीड रेल नेटवर्क से
उधर, मोदी सरकार हाईस्पीड बुलेट ट्रेन के नेटवर्क को देशभर में मजबूत करने की तैयारी में है. फिलहाल सरकार छह शहरों को जोड़ने वाले मार्ग का चुनाव अध्ययन के लिए किया है. यह जानकारी हाल में ही सरकार की तरफ से दिल्ली, चेन्नई, मुंबई और कोलकाता में छह रूट की घोषणा से जुड़े सवाल पर दी गई. यह डायमंड चतुर्भुज नेटवर्क के तहत है. जिस हाईस्पीड बुलेट ट्रेन के लिए मार्ग चुने गए हैं, उनमें- दिल्ली-मुंबई, दिल्ली-कोलकाता (वाया लखनऊ), मुंबई-चेन्नई, दिल्ली-नागपुर (दिल्ली-चेन्नई का हिस्सा), मुंबई-नागपुर (मुंबई-कोलकाता मार्ग का हिस्सा) और चेन्नई-बेंगलुरु-मैसुरु मार्ग शामिल हैं.