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CM ममता रोक रहीं हैं किसानों के 4200 करोड़ रुपए, कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने लिखी चिट्ठी

ZEE मीडिया से बात करते हुए कृषि मंत्री ने कहा कि हमने प्रधानमंत्री किसान योजना का लाभ लेने के लिए पोर्टल डायरेक्ट एंट्री के लिए कुछ दिन पहले ही खोला है. इस पर पश्चिम बंगाल के 7000 से ज्यादा किसानों ने इस योजना का फायदा लेने के लिए फॉर्म भरा है. 

CM ममता रोक रहीं हैं किसानों के 4200 करोड़ रुपए, कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने लिखी चिट्ठी
प्रधानमंत्री किसान योजना में ममता बनर्जी बनीं रोड़ा.

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री किसान योजना (PM Kisan) को देशभर के किसानों का समर्थन मिल रहा है, पर पश्चिम बंगाल में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी किसानों को 4200 करोड़ रुपये का फायदा नहीं लेने दे रही. ये कहना है केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर का (Narendra Singh Tomar). ZEE मीडिया से बात करते हुए कृषि मंत्री ने कहा कि हमने प्रधानमंत्री किसान योजना का लाभ लेने के लिए पोर्टल डायरेक्ट एंट्री के लिए कुछ दिन पहले ही खोला है. इस पर पश्चिम बंगाल के 7000 से ज्यादा किसानों ने इस योजना का फायदा लेने के लिए फॉर्म भरा है. पर राज्य सरकार को योजना के लाभार्थियों की पहचान में और बाकी ज़रुरी कम के लिए सहयोग करना पड़ता है लेकिन पश्चिम बंगाल में ऐसा नहीं हो रहा , इसलिए उन्हें पहले भी बोला और अभी चिट्ठी भी लिखी है.

पीएम किसान सम्मान निधि योजना में देश में अलग अलग राज्यों से  लगभग 7.3 करोड़ किसानों ने योजना का फायदा लेने के लिए एनरोलमेंट किया है. सितंबर महीने में ही सरकार ने पीएम किसान पोर्टल को किसानों के लिए सीधा खोल दिया. यानि देश के किसी भी राज्य का किसान सीधे केंद्र सरकार से संपर्क कर योजना का फायदा लेने का कह सकता है. इसे सीधा खोलने के बाद देश भर के 5.5 लाख नये किसानों ने पोर्टल के माध्यम से इस योजना के लिए संपर्क किया. इनमें पश्चिम बंगाल के किसान भी शामिल हैं. 

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हालांकि ममता बनर्जी ने अपने राज्य में इस योजना को लागू करने में दिलचस्पी नहीं दिखाई. इस योजना के तहत सरकार तीन किश्तों में 6000 रुपये छोटे और सीमांत किसानों को दे रही है. 1.60 करोड़ किसानों को तीसरी किश्त भी दी जा चुकी है. बाकी किसानों के अकाउंट में पैसे पहूंचाने की प्रक्रिया जारी है . हालांकि आधार का डेटा मिस मैच होने से कुछ मामलों में देरी हो रही है. सरकार का कहना है कि सही आधार नंबर से वैरीफाई करने के बाद सभी एनरोल किसानों के अकाउंट में पैसे दिया जाएगा.