कोरोना वायरस: विकासशील देशों को मंदी से उबरने के लिए चाहिए होगा इतने मिलियन डॉलर

 विकासशील देशों को Economic crisis से उबरने के लिए लगभग 2-3 ट्रिलियन डॉलर की जरूरत

कोरोना वायरस: विकासशील देशों को मंदी से उबरने के लिए चाहिए होगा इतने मिलियन डॉलर
फाइल फोटो

नई दिल्ली: कोरोना वायरस (Coronavirus) की वजह से आर्थिक मंदी (Economic slowdown) की आशंका अब हकीकत होती जा रही है. लेकिन इसमें भी एक बड़ा सवाल ये है कि आखिर कोरोना वायरस की वजह से तमाम देशों में लॉकडाउन और आर्थिक क्षेत्र में गिरावट का असर कितना होगा? इसके अलावा सवाल ये भी है कि भारत समेत अन्य विकासशील देशों को इससे उबरने में कितने रुपये की जरूरत होगी?

2-3 ट्रिलियन डॉलर की पड़ेगी जरूरत
संयुक्त राष्ट्र की संस्था युनाइटेड नेशन ट्रेड एंड डेवलेपमेंट बॉडी (UNCTAD) ने मौजूदा हालात को देखते हुए अनुमान लगाया है कि दुनिया के गरीब और विकासशील देशों को आर्थिक मंदी से उबरने के लिए लगभग 2-3 ट्रिलियन डॉलर की जरूरत पड़ेगी. संस्था ने ये भी कहा है कि विकासशील देशों को हालात सामान्य करने में लगभग 2 साल तक का वक्त लग सकता है.

UNCTAD ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि कोरोना वायरस का दंश विकासशील देशों में 2019 के आखिरी महीनों में ही दिखने लगा था. लेकिन जनवरी से संक्रमण के फैलने के बाद आर्थिक मंदी की आशंका और बढ़ गई. हालांकि चीन और भारत जैसे देश इस आर्थिक मंदी से जल्द उबर जाएगें. लेकिन अन्य विकासशील देशों को हालात सामान्य करने में ज्यादा समय लगने का अंदेशा है.

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बताते चलें कि कोरोना वायरस संक्रमण की सबसे बड़ी मार चीन को पड़ी है. सभी कारखाने और उद्योग जगत बंद होने से चीन की जीडीपी को 3-5 फीसदी के बीच गिरावट का अंदेशा है. लेकिन चीनी कारोबार ठप्प होने से दुनिया के तमाम देशों में मंदी के आसार नजर आ रहे हैं. विभिन्न रिपोर्टों में बताया गया है कि भारत में भी आर्थिक मंदी आ सकती है.

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