ई- कॉमर्स साइटों पर Made in China उत्पादों को घेरने की तैयारी, हाई कोर्ट में दाखिल हुई याचिका

 देश के नागरिकों के निशाने में अगला निशाना चीनी उत्पाद भी हैं. यही कारण है कि Made in China उत्पादों की निशानदेही के लिए सभी ई-कॉमर्स ( E- Commerce) कंपनियों पर दबाव बनाने की मुहिम शुरू हो गई है.

ई- कॉमर्स साइटों पर Made in China उत्पादों को घेरने की तैयारी, हाई कोर्ट में दाखिल हुई याचिका
प्रतीकात्मक तस्वीर

नई दिल्ली: ऐसा नहीं है कि चीन का विरोध सिर्फ ऐप्स बैन तक ही सीमित है. मामला अब और गंभीर होता जा रहा है. देश के नागरिकों के निशाने में अगला निशाना चीनी उत्पाद भी हैं. यही कारण है कि Made in China उत्पादों की निशानदेही के लिए सभी ई-कॉमर्स कंपनियों पर दबाव बनाने की मुहिम शुरू हो गई है. इस बाबत बुधवार को दिल्ली हाई कोर्ट में एक याचिका दायर की गई है.

जानिए क्या है कारण
दिल्ली हाई कोर्ट में एक याचिका दायर हुई है. जिसमे कहा गया है कि इंडिया में बने प्रोडक्ट्स की बिक्री को बढ़ाने के लिए ई कॉमर्स वेबसाइट हर प्रोडक्ट्स में किस देशों में निर्माण हुआ इसका भी ब्यौरा दें. इससे इंडिया में बने प्रोडक्ट्स की बिक्री बढ़ेगी. 
केंद्र सरकार को नोटिस जारी
याचिका की सुनवाई के बाद हाई कोर्ट ने अमेजन (Amazon), फ्लिपकार्ट (Flipkart), स्नैपडील (SnapDeal) समेत तमाम ई-कामर्स कंपनियों को नोटिस जारी किया है. इसके अलावा कोर्ट ने मिनिस्ट्री ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री को भी इस मामले में नोटिस भेजा है. 

ये भी देखें-

ये भी पढ़ें: चीनी ऐप्स के बाद वहां के नागरिकों के लिए बुरी खबर, दिल्ली में एंट्री बनेगी प्रॉब्लम

याचिकाकर्ता अमित शुक्ला ने सुनवाई के दौरान कोर्ट से कहा कि जब बॉर्डर पर चीन और हम आमने सामने है. तो ऐसे समय पर अपने देश मे बने प्रोडक्ट को बेचने के लिए बढ़ावा दिया जाना चाहिए. ऐसे में जरूरी है कि ई कॉमर्स वेबसाइट अपने वेबसाइट पर बेचे जा रहे सामान कि पूरी जानकारी दे कि उस सामान का निर्माण किस देश मे हुआ है.