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दिल्ली: Ranbaxy कंपनी के पूर्व प्रमोटर मलविंदर और शिविंदर सिंह 4 दिन की पुलिस रिमांड पर

EOW ने धोखाधड़ी के मामले में इन आरोपियों को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया था.

दिल्ली: Ranbaxy कंपनी के पूर्व प्रमोटर मलविंदर और शिविंदर सिंह 4 दिन की पुलिस रिमांड पर
मलविंदर सिंह और शिविंदर सिंह समेत अन्य तीन आरोपियों को पुलिस ने 4 दिन की रिमांड पर लिया है.

नई दिल्ली: दिल्ली के साकेत कोर्ट ने रेलिगेयर फिनवेस्ट मामले में रैनबैक्सी (Ranbaxy) के पूर्व प्रमोटर मलविंदर सिंह और शिविंदर सिंह समेत अन्य तीन आरोपियों को 4 दिन की रिमांड पर लिया है. हालांकि, पुलिस ने कोर्ट से 6 दिन की रिमांड मांगी थी.
सभी आरोपियों को अब 15 अक्टूबर 2 बजे साकेत कोर्ट में पेश किया जाएगा. दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) ने धोखाधड़ी के मामले में इन आरोपियों को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया था.

मलविंदर ने ईओडब्ल्यू की तरफ से दर्ज एफआईआर रद्द करवाने के लिए शुक्रवार को दिल्ली हाईकोर्ट में भी गुहार लगाई है. उनकी याचिका पर अदालत ने फैसला सुरक्षित रख लिया है.

दिल्ली पुलिस की ईओडब्ल्यू ने गुरुवार को दवा कंपनी रैनबैक्सी के पूर्व प्रमोटर शिविंदर सिंह और अन्य लोगों को गिरफ्तार किया. आरोपियों की गिरफ्तारी तब हुई जब इन सभी को मंदिर मार्ग स्थित ईओडब्ल्यू कार्यालय में पूछताछ के लिए बुलाया गया. पांचवीं गिरफ्तारी शिविंदर के भाई मलविंदर मोहन सिंह के तौर पर हुई है. रेलिगेयर (Religare) के प्रमोटर मलविंदर को शुक्रवार को ही पंजाब से गिरफ्तार करके दिल्ली लाया गया. यह कार्रवाई डीसीपी वर्षा शर्मा की टीम ने की. यह गिरफ्तारी 740 करोड़ रुपये के घोटाले से संबंधित मामले में की गई है. आरोपियों के खिलाफ यह कार्रवाई 27 मार्च 2019 को दर्ज हुई एफआईआर पर हुई.

वर्षा शर्मा, डीसीपी (ईओडब्ल्यू) ने पुष्टि की कि पुलिस ने शिविंदर सिंह, सुनील गोडवानी, कवि अरोड़ा और अनिल सक्सेना को आईपीसी की धारा 409 और 420 के तहत गिरफ्तार किया गया है.

दरअसल, रेलीगेयर इंटरप्राइजेज लिमिटेड के मनप्रीत सिंह सूरी ने रैनबैक्सी के मलविंदर सिंह, शिविंदर सिंह, सुनील आदि पर धोखाधड़ी कर कंपनी की वित्तीय हालत खराब करने का आरोप लगाया था.

शिकायत के मुताबिक जिस वक्त गड़बड़झाला हुआ, उस वक्त शिविंदर मोहन सिंह रेलीगेयर इंटरप्राइजेज लिमिटेड के प्रमोटर रहे, वहीं सुनील गोधवानी इसके चेयरमैन थे. कुल 2397 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की शिकायत पर आरोपियों के खिलाफ दिल्ली पुलिस ने केस दर्ज किया था.

सूत्र बताते हैं कि इस मामले में बीते अगस्त में प्रवर्तन निदेशालय की टीम रैनबैक्सी के पूर्व सीईओ मलविंदर सिंह और शिविंदर मोहन सिंह के ठिकानों पर छापेमारी भी कर चुकी है.

शिविंदर सिंह रेलीगेयर इंटरप्राइजेज लिमिटेड के प्रमोटर हैं, जोकि सूचीबद्ध कंपनी है. इसमें रेलीगेयर फिनवेस्ट की 85 फीसदी हिस्सेदारी है.

गोधवानी रेलीगेयर एंटरप्राइजेज के सीएमडी बने रहे. इसी दौरान अरोड़ा और सक्सेना भी रेलीगेयर एंटरप्राइजेज और रेलीगेयर फिनवेस्ट में महत्वपूर्ण पदों पर बने रहे.