एयरलाइनों पर 8,500 रुपये तक उड़ान शुल्क लगाएगी सरकार, महंगा हो जाएगा सफर

मुख्य मार्गों पर विमान यात्रा अब महंगी हो सकती है क्योंकि सरकार ने सभी प्रमुख मार्गों की उड़ानों के लिए एयरलाइनों पर प्रति उड़ान 7,500 से 8,500 रुपये का शुल्क लगा दिया है। 

नई दिल्ली : मुख्य मार्गों पर विमान यात्रा अब महंगी हो सकती है क्योंकि सरकार ने सभी प्रमुख मार्गों की उड़ानों के लिए एयरलाइनों पर प्रति उड़ान 7,500 से 8,500 रुपये का शुल्क लगा दिया है। 

इस शुल्क से प्राप्त धन का उपयोग क्षेत्रीय मार्गों पर विमान सेवाओं को प्रोत्साहित करने के लिए किया जाएगा। यह शुल्क एक दिसंबर से लगाया जाएगा और यह पूरी उड़ान के लिए होगा और इससे संबंधित उड़ान में भरी सीटों की संख्या के हिसाब से प्रत्येक टिकट का दाम कम या ज्यादा बढ़ जाएगा। नागर विमानन सचिव आर.एन. चौबे ने आज कहा कि यह शुल्क प्रति उड़ान यात्रा की दूरी के हिसाब से 8,500 रुपये तक होगा। 

सरकार की महत्वाकांक्षी योजना उड़ान के तहत छोटे शहरों को हवाई सुविधा से जोड़ा जाना है साथ ही इसका मकसद आम जनता के लिए उड़ान का अधिक सस्ता बनाना है। क्षेत्रीय सम्पर्क योजना के तहत परिचालन करने वाली उड़ानों को व्यावहारिक बनाने के लिए किए जाने वाले वित्तपोषण (वीजीएफ) के तहत सभी प्रमुख हवाई मार्गों राष्ट्रीय राजधानी, मुंबई, चेन्नई, हैदराबाद, बेंगलुरु तथा कोलकाता से उड़ानों पर यह शुल्क लगाएगा।

चौबे ने बताया कि एक हजार किलोमीटर तक की अनुसूचित यात्रा के लिए 7,500 रुपये प्रति उड़ान का शुल्क लगाया जाएगा। 1,000 से 1,500 किलोमीटर के लिए यह 8,000 रुपये और 1,500 किलोमीटर से अधिक की उड़ानों के लिए 8,500 रुपये प्रति उड़ान होगा। यह सिर्फ प्रमुख मार्गों पर परिचालन कर रही अनुसूचित घरेलू उड़ानों पर लागू होगा। इसमें क्षेत्रीय उड़ानें शामिल नहीं हैं। 

उड़ान के लिए सरकार क्षेत्रीय संपर्क कोष (आरसीएफ) बना रही है। इसका 80 प्रतिशत वित्तपोषण केंद्र द्वारा और शेष संबंधित राज्यों द्वारा किया जाएगा। चौबे ने कहा कि सरकार को इस शुल्क से आरसीएफ के लिए 400 करोड़ रुपये मिलने की उम्मीद है। इसके अलावा 20 प्रतिशत का अतिरिक्त वित्तपोषण राज्य सरकारों से होगा। हमारा अनुमान है कि इस कोष में सालाना 500 करोड़ रुपये आएंगे।

माना जा रहा है कि इस कदम से विमान यात्रा के किराये कुछ बढ़ सकते हैं क्योंकि एयरलाइंस इसका बोझ यात्रियों पर डालेंगी। चौबे अंशधारकों के सम्मेलन तथा उड़ान के क्रियान्वयन के लिए बोली पूर्व बैठक को संबोधित कर रहे थे। इसके अंतिम तौर तरीके पिछले महीने जारी किए गए थे।

यह वित्तपोषण इसलिए उपलब्ध कराया जा रहा है क्योंकि उड़ान के तहत एक घंटे की यात्रा के लिए आधी सीटों का किराया 2,500 रुपये तक सीमित किया जाएगा। यह किराया 476 से 500 किलोमीटर की यात्रा के लिए होगा। फिक्स्ड विंग के विमानों के लिए आरसीएफ के तहत किराया 1,420 से 3,500 रुपये तक होगा। हेलिकॉप्टरों के लिए आधे घंटे की यात्रा का किराया 2,500 रुपये बैठेगा। एक घंटे की यात्रा के लिए यह सीमा 5,000 रुपये रहेगी।

आरसीएफ का वित्तपोषण केंद्र और उड़ान में भागीदारी करने वाले संबंधित राज्य द्वारा किया जाएगा। हालांकि, चौबे ने स्पष्ट किया कि यदि इस शुल्क का बोझ यात्रियों पर डाला भी जाता है तो भी हवाई यात्रा के किराये अधिक नहीं बढ़ेंगे।