अमेरिका की बड़ी कार्रवाई, चीन से आयातित सामान पर शुल्क 2.5 गुना बढ़ाया
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अमेरिका की बड़ी कार्रवाई, चीन से आयातित सामान पर शुल्क 2.5 गुना बढ़ाया

अमेरिका ने चीन से अमेरिका निर्यात होने वाले 200 अरब डॉलर के उत्पादों पर आयात शुल्क 10 प्रतिशत से बढ़ाकर 25 प्रतिशत कर दिया है.

ट्रंप ने चीन पर सौदेबाजी का आरोप लगाया. (फाइल)

बीजिंग: अमेरिका ने शुक्रवार को 200 अरब डॉलर के चीनी उत्पादों पर आयात शुल्क को दोगुने से ज्यादा बढ़ाते हुए 10 प्रतिशत से बढ़ाकर 25 प्रतिशत कर दिया है. इसके साथ ही दोनों देशों के बीच छिड़ी व्यापारिक जंग और तेज हो गई है. चीन के वाणिज्य मंत्रालय ने अपनी वेबसाईट पर कहा, "अमेरिका ने चीन से अमेरिका निर्यात होने वाले 200 अरब डॉलर के उत्पादों पर आयात शुल्क 10 प्रतिशत से बढ़ाकर 25 प्रतिशत कर दिया है."

मंत्रालय ने कहा, "यह उम्मीद की जाती है कि अमेरिका और चीनी पक्ष मौजूदा समस्याओं को सहयोग और विचार विमर्श के जरिए सुलझाने के लिए साथ मिलकर काम करेंगे." चीन ने कहा कि उसे अमेरिका के इस कदम का 'गहरा खेद' है और उसे इसके लिए 'जरूरी जबावी कदम उठाने होंगे.'

ट्रंप ने बीजिंग पर सौदेबाजी का आरोप लगाया
इधर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का कहना है कि अमेरिका और चीन व्यापार समझौता करने के ‘बहुत करीब’ पहुंच चुके थे लेकिन बीजिंग ने इस बारे में फिर से सौदेबाजी शुरू कर दी. फिलहाल दुनिया की दो सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाएं अपने बीच चल रहे भीषण व्यापार युद्ध को खत्म करने के लिए किसी समझौते के आस-पास भी पहुंचते नहीं दिख रहे हैं.

चीन को रोकने के लिए आयात शुल्क बढ़ाया गया
ट्रंप ने गुरुवार को संवाददाताओं से कहा कि यह कदम चीन को रोकने के लिए जरूरी था. पिछले साल मार्च में ट्रंप के चीन से आयातित इस्पात और एल्युमीनियम पर भारी आयात शुल्क लगाए जाने के बाद से दोनों देशों के बीच व्यापार युद्ध चल रहा है. इससे वैश्विक स्तर पर व्यापार युद्ध छिड़ने का भय छा गया है. इसके जवाब ने चीन ने भी अमेरिकी आयात पर शुल्क लगा दिया है.

ट्रंप ने कहा कि अमेरिका को होगा 120 अरब डॉलर का फायदा
ट्रंप ने कहा, ‘‘ हम समझौता करने के ‘बहुत करीब’ थे लेकिन उन्होंने फिर से सौदेबाजी शुरू कर दी. हम यह नहीं कर सकते.’’ बाद में चीन के उप प्रधानमंत्री लियू ही ने अमेरिका के व्यापार प्रतिनिधि रॉबर्ट लाइटहाइजर के साथ बैठक की. ट्रंप ने अपने निर्णय का बचाव करते हुए कहा कि उनके देश को शुल्क से एक साल में 120 अरब डॉलर मिल सकते हैं जिसमें से अधिकतर चीन चुकाता है. चीन के आयात पर शुल्क लगाया जाए या न लगाया जाए इन दोनों की स्थितियों को लेकर ट्रंप सहज प्रतीत होते हैं.

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