कच्चे तेल में नरमी: ट्रंप ने कहा - शुक्रिया सऊदी अरब, अभी और नीचे आने दें

ट्रंप ने पत्रकार जमाल खशोगी की तुर्की में जघन्य हत्या के बाद उपजे विवाद के बाद भी अभी एक ही दिन पहले कहा था कि अमेरिका सऊदी अरब का पक्का दोस्त बना रहेगा.

कच्चे तेल में नरमी: ट्रंप ने कहा - शुक्रिया सऊदी अरब, अभी और नीचे आने दें

वॉशिंगटन: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कच्चेतेल की कम कीमतों के लिए बुधवार को सऊदी अरब को धन्यवाद कहा. ट्रंप ने इस प्रमुख तेल उत्पादक एवं निर्यात देश के नागरिक और अमेरिकी अखबर के लिए काम करने वाले पत्रकार जमाल खशोगी की तुर्की में जघन्य हत्या के बाद उपजे विवाद के बाद भी अभी एक ही दिन पहले कहा था कि अमेरिका सऊदी अरब का पक्का दोस्त बना रहेगा.

ट्रंप ने ट्वीट किया, "कच्चे तेल की कीमतें गिर रही हैं. बहुत बढ़िय! यह तो अमेरिका और पूरी विश्व के लिये कर में बड़ी राहत की तरह है. लुफ्त उठाइए! 54 डॉलर (के भाव का), अभी यह 82 डॉलर (प्रति बैरल) का था."  

ट्रंप ने कहा, "सऊदी अरब आप को धन्यवाद, लेकिन अभी इसे और नीचे जाने दें." 

ट्रंप ने व्हाइट हाउस में संवाददाताओं से कहा, "यदि हम उनसे अलग हो जाते हैं, मुझे लगता है कि कच्चा तेल आसमान छूने लग जाएगा. मैंने इसे सस्ता किया है. उन्होंने (सऊदी अरब ने) कच्चा तेल को सस्ता करने में हमारी मदद की है। अभी कच्चा तेल अपेक्षाकृत सस्ता है."

donald trump

ट्रंप द्वारा सऊदी अरब को समर्थन देने को कुछ विश्लेषक ओपेक और गैर-ओपेक देशों को दिसंबर बैठक में उत्पादन में कटौती करने से रोकने की कोशिशों के तौर पर देखा जा रहा है.

खाशोगी हत्या की नए सिरे से जांच चाहती है अमेरिकी सीनेट समिति 
उधर, अमेरिकी राष्ट्रपति ने जमाल खाशोगी की हत्या में अमेरिकी खुफिया एजेंसी सीआईए के निष्कर्ष को 'अनिर्णायक' करार दिया है. इसके बाद सीनेट की एक समिति ने डोनाल्ड ट्रंप से चार महीने में इस बात का पता लगाने के लिए नई जांच शुरू करने के लिए कहा है कि पत्रकार की हत्या में सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान की कोई भूमिका थी या नहीं.  

मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया है कि सीआईए का मानना है कि सलमान ने ही हत्या का आदेश दिया था. रिपब्लिकन सीनेटर बॉब कॉर्कर और डेमोक्रेट बॉब मेनेनडेज ने एक बयान जारी कर ट्रंप प्रशासन से दूसरी जांच की मांग की है. ट्रंप ने स्वीकार किया, "ऐसा हो सकता है कि क्राउन प्रिंस को खाशोगी की क्रूर हत्या के बारे में जानकारी हो।" इसके साथ ही उन्होंने जोड़ा, "शायद ऐसा हो या शायद ऐसा न भी हो." खाशोगी की तुर्की के इस्तांबुल स्थित सऊदी अरब के वाणिज्य दूतावास के भीतर दो अक्टूबर को हत्या कर दी गई थी.