आचार संहिता उल्लंघन पर ईसी की रेलवे मंत्रालय को चिट्टी, तीन दिन में देना होगा जवाब

चुनाव आयोग (EC) ने लोकसभा चुनावों के मद्देनजर मिनिस्ट्री ऑफ रेलवे और मिनिस्ट्री ऑफ सिविल एविएशन को एक पत्र लिखा है.

आचार संहिता उल्लंघन पर ईसी की रेलवे मंत्रालय को चिट्टी, तीन दिन में देना होगा जवाब

नई दिल्ली : चुनाव आयोग (EC) ने लोकसभा चुनावों के मद्देनजर मिनिस्ट्री ऑफ रेलवे और मिनिस्ट्री ऑफ सिविल एविएशन को एक पत्र लिखा है. इस पत्र में ईसी ने रेल मंत्रालय और उड्डयन मंत्रालय से पूछा है कि आदर्श आचार संहिता लागू होने के बाद भी रेल टिकट और एयर इंडिया के बोर्डिंग पास से पीएम मोदी की तस्वीर क्यों नहीं हटायी गई है. दोनों ही मंत्रालय को इस पत्र का जवाब देने के लिए आयोग ने तीन दिन का समय दिया है. आपको बता दें आदर्श आचार संहिा 10 मार्च को लागू हो चुकी है.

एयर इंडिया की हुई थी आलोचना
इससे पहले एयर इंडिया ने आलोचना के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रुपाणी की तस्वीरों वाले बोर्डिंग पास 'वापस' लेने का फैसला किया है. एयरलाइंस ने पहले कहा था कि तस्वीरों वाले बोर्डिंग पास तीसरे पक्ष के विज्ञापन के रूप में जारी किए गए और अगर ये आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन करते हुए पाए गए तो उन्हें वापस लिया जाएगा. एयर इंडिया के प्रवक्ता धनंजय कुमार ने कहा था, 'एयर इंडिया ने उन बोर्डिंग पास को वापस लेने का फैसला किया है जिनमें प्रधानमंत्री और गुजरात के मुख्यमंत्री की तस्वीरें थीं.'

तस्वीर ट्वीट का पूछा था सवाल
पंजाब के पूर्व डीजीपी शशि कांत ने हाल ही में सोमवार को नई दिल्ली हवाई अड्डे पर अपने बोर्डिंग पास की तस्वीर ट्वीट करते हुए सवाल पूछा था कि दोनों नेताओं की तस्वीरें इस पर कैसे हो सकती हैं. उन्होंने ट्वीट किया था, 'आज 25 मार्च 2019 को नई दिल्ली हवाईअड्डे पर मेरे एयर इंडिया के बोर्डिंग पास पर नरेंद्र मोदी, 'वाइब्रेंट गुजरात' और विजय रुपाणी की तस्वीरें हैं. हैरानी हो रही है कि हम इस निर्वाचन आयोग पर पैसा क्यों बर्बाद कर रहे हैं जो ना कुछ देखता है, ना सुनता है और ना ही बोलता है.'

एयर इंडिया के प्रवक्ता धनंजय कुमार ने कहा था कि ऐसा प्रतीत होता है कि यह बोर्डिंग पास वही है जो जनवरी में हुए वाइब्रेंट गुजरात सम्मेलन के दौरान छपे थे और तस्वीरें 'तीसरे पक्ष' के विज्ञापनों का हिस्सा हैं. उन्होंने कहा कि इसका एयर इंडिया से कोई लेना देना नहीं है. उन्होंने कहा था, 'हालांकि हम जांच कर रहे हैं कि क्या तीसरे पक्ष के विज्ञापन आदर्श आचार संहिता के दायरे में आते हैं. अगर आते होंगे तो इन्हें हटाया जाएगा. ये बोर्डिंग पास ना केवल गुजरात बल्कि पूरे भारत के लिए हैं.' गौरतलब है कि 20 मार्च को रेलवे ने प्रधानमंत्री की तस्वीरों वाली टिकटें वापस ली थीं.

(इनपुट भाषा से भी)