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मनी लॉन्ड्रिंग मामले में आम्रपाली के CFO से आज पूछताछ करेगी ED, लखनऊ तलब

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने आम्रपाली ग्रुप के मुख्य वित्तीय अधिकारी (सीएफओ), सचिव और अन्य लोगों को मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप में शुक्रवार को पूछताछ के लिए लखनऊ तलब किया है. ईडी के एक अधिकारी ने बताया कि एजेंसी अगले सप्ताह आम्रपाली समूह के कई अन्य अधिकारियों से भी पूछताछ करेगी.

मनी लॉन्ड्रिंग मामले में आम्रपाली के CFO से आज पूछताछ करेगी ED, लखनऊ तलब

नई दिल्ली : प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने आम्रपाली ग्रुप के मुख्य वित्तीय अधिकारी (सीएफओ), सचिव और अन्य लोगों को मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप में शुक्रवार को पूछताछ के लिए लखनऊ तलब किया है. ईडी के एक अधिकारी ने बताया कि एजेंसी अगले सप्ताह आम्रपाली समूह के कई अन्य अधिकारियों से भी पूछताछ करेगी. ईडी ने फरवरी से जेल में बंद आम्रपाली समूह के प्रमुख अनिल शर्मा को हिरासत में लेने के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाने का भी प्रस्ताव किया है.

सुप्रीम कोर्ट ने खरीदारों के पक्ष में सुनाया फैसला
यह कार्रवाई 1 जुलाई को आम्रपाली समूह और उसके प्रमोटरों के खिलाफ मामला दर्ज करने के बाद हुई, जो नोएडा और ग्रेटर नोएडा में 42,000 से अधिक खरीदारों को फ्लैट देने में विफल रहे. अधिकारी ने कहा कि एजेंसी आम्रपाली समूह से जुड़े प्रमोटरों की संपत्ति का पता लगाएगी जो इस मामले में संलिप्त हो सकते हैं. आपको बता दें, सुप्रीम कोर्ट ने 23 जुलाई को आम्रपाली मामले में खरीदारों के हित में फैसला सुनाया. सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद 42 हजार से ज्यादा खरीदारों को आशियाना मिलने की आस बढ़ गई है.

बचे हुए काम को एनबीसीसी पूरा करेगा
अदालत ने कहा कि आम्रपाली के बचे हुए काम को एनबीसीसी पूरा करेगा. इसके अलावा आम्रपाली ग्रुप का RERA के तहत कराया गया रजिस्ट्रेशन भी रद्द करने का आदेश दिया गया है. शीर्ष अदालत ने कहा कि घर खरीदार बाकी बचे हुए पैसे को तीन महीने में सुप्रीम कोर्ट रजिस्ट्री में जमा करा दे. अदालत ने साथ में नोएडा और ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण को आदेश दिया कि वे खरीदारों पर किसी तरह की कार्रवाई न करें.

सुप्रीम कोर्ट ने बिल्डरों के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए यूपी और केंद्र सरकार को आदेश दिया कि जो भी बिल्डर ग्राहकों को उनका फ्लैट नहीं दे पाए हैं, ऐसे बिल्डरों पर सरकार कार्रवाई करें.