केंद्र सरकार बढ़ाएगी श्रमिकों के लिए सोशल सिक्योरिटी, इनको भी मिलेगा ESIC-EPFO का लाभ

केंद्र सरकार अब असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले हर श्रमिक को सोशल सिक्योरिटी के दायरे में लेकर के आएगी. ऐसे श्रमिकों को भी अब ESIC और पीएफ खाते का लाभ दिया जाएगा, जो अभी तक इसके दायरे में नहीं आते थे.

केंद्र सरकार बढ़ाएगी श्रमिकों के लिए सोशल सिक्योरिटी, इनको भी मिलेगा ESIC-EPFO का लाभ
फाइल फोटो

नई दिल्लीः केंद्र सरकार अब असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले हर श्रमिक को सोशल सिक्योरिटी के दायरे में लेकर के आएगी. ऐसे श्रमिकों को भी अब ESIC और पीएफ खाते का लाभ दिया जाएगा, जो अभी तक इसके दायरे में नहीं आते थे. संसद द्वरा पास किए गए लेबर कोड बिल में ECIC और EPFO स्कीमों के तहत सामाजिक सुरक्षा का दायरा बढ़ा दिया गया है. 

740 जिलों में मिलेगा ESIC का लाभ
कर्मचारी राज्य बीमा निगम की सुविधाएं अब सभी 740 जिलों में मिल सकेंगी. इससे श्रमिकों को काफी राहत मिलेगी.  खतरनाक क्षेत्र में काम कर रहे संस्थानों को ईएसआईसी स्कीम से जुड़ना जरूरी होगा. चाहे उनमें केवल एक ही श्रमिक काम क्यों नहीं करता हो. असंगठित क्षेत्र और गिग वर्कर्स को भी ECIC से जोड़ा जाएगा. बागानों में काम करने वाले और 10 से कम श्रमिक वाले संस्थाओं के श्रमिकों को ECIC का विकल्प दिया जाएगा.

प्रत्येक कारोबार में कुछ काम ऐसे होते हैं जिनको अस्थाई कर्मचारियों से कराया जाता है. ऐसे काम के लिए कंपनियों कर्मचारियों को काम के आधार पर भुगतान करती हैं. दूसरे शब्दों में कहें तो काम के बदले भुगतान के आधार पर रखे गए कर्मचारियों को गिग वर्कर (Gig Worker) कहा जाता है. पर ऐसा जरूरी नहीं की गिग कर्मचारी कुछ दिन ही कंपनी के लिए काम करें ये किसी कंपनी से लम्बे समय तक जुड़े रह सकते हैं. 

स्वतंत्र रूप से ठेके पर काम करने वाले कर्मचारी, ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के लिए काम करने वाले कर्मचारी, ठेका फर्म के कर्मचारी, कॉल पर काम के लिए उपलब्ध कर्मचारी, अस्थायी कर्मचारी को गिग वर्कर कहा जाता है. 

इन कर्मचारियों को भी मिलेगा ईपीएफओ का लाभ
कर्मचारी भविष्य निधि संगठन की कवरेज 20 कामगारों वाले सभी संस्थानों पर लागू होगा 20 से कम कर्मचारियों वाले संस्थानों को भी EPFO से जुड़ने का विकल्प होगा. स्वरोजगार या किसी अन्य श्रेणी के कामगारों के लिए EPFO की योजना बनाई जाएगी. इन योजनाओं को इंप्लीमेंट करने के लिए सामाजिक सुरक्षा कोष बनाया जाएगा. 

ऑनलाइन सेक्टर में ऐसे लोगों की संख्या ज्यादा
भारत में अधिकांश गिग वर्कर ऑनलाइन फूड प्लेटफॉर्म, ई-कॉमर्स कंपनी और सामान की डिलीवरी जैसे काम कर रहे हैं. एक अनुमान के अनुसार भारत में लगभग 12 करोड़ गिग वर्कर हैं.

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