नौकरी जाने पर भी नहीं होगी पैसों की चिंता, ESIC सीधे बैंक खाते में डालेगा रकम

कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ESIC) ने बुधवार को एक नई योजना को मंजूरी दी, जिसके तहत बीमित व्यक्तियों के बेरोजगार होने पर नकद राहत मिलेगी.

नौकरी जाने पर भी नहीं होगी पैसों की चिंता, ESIC सीधे बैंक खाते में डालेगा रकम
रोजगार जाने पर अब नकद सहायता देगा ESIC (फाइल फोटो)

नई दिल्‍ली : कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ESIC) ने बुधवार को एक नई योजना को मंजूरी दी, जिसके तहत बीमित व्यक्तियों के बेरोजगार होने पर नकद राहत मिलेगी. श्रम मंत्री संतोष गंगवार ने कहा कि अटल बीमित व्यक्ति कल्याण योजना के तहत बीमित व्यक्ति को नौकरी जाने की स्थिति में और नये रोजगार की तलाश के दौरान सीधे बैंक खाते में राहत राशि भेजी जाएगी. इस स्‍कीम से कर्मचारी राज्‍य बीमा एक्‍ट, 1948 के तहत बीमित लोगों को लाभ होगा. मंत्रालय ने कहा कि भारत में नौकरी के मौजूदा पैटर्न को देखते हुए यह कदम उठाया गया है. पहले जहां नौकरी लंबे समय की हुआ करती थी वहीं अब इसका पैटर्न कॉन्‍ट्रैक्‍ट या अस्‍थाई हो गया है. इस प्रस्‍तावित योजना को श्रम मंत्री की अध्‍यक्षता में बुधवार को हुई ESIC बोर्ड की बैठक में मंजूरी दी गई.

ESIC ने वेतन सीमा 21,000 रूपये की, जुड़ेंगे 50 लाख नए कर्मचारी

ESIC अलग से जारी करेगा आवेदन पत्र
इसके संदर्भ में विस्‍तृत जानकारी जैसे पात्रता, आवेदन का फॉर्मेट आदि बाद में अलग से जारी किया जाएगा. अगर कोई नियोक्‍ता अपने कर्मचारियों और उसके परिवार के आधार को ESIC डेटाबेस में अपडेट करवाता है तो उसे हर कर्मचारी के हिसाब से 10 रुपए प्रोत्‍साहन के तौर पर दिए जाएंगे. ESIC ने इस प्रस्‍ताव को भी मंजूरी दी है. इससे एक ही व्‍यक्ति के कई जगह रजिस्‍ट्रेशन करवाने का झंझट नहीं रह जाएगा.

ESIC रिक्रूटमेंट 2018 : 7वें वेतन आयोग वाले पदों पर निकली नौकरी, 50 हजार रुपए से ज्‍यादा मिलेगी सैलरी

ESIC में 78 दिन योगदान करने वालों को मिलेगी सुपर स्‍पेशियालिटी इलाज की सुविधा
ESIC ने एक और प्रस्‍ताव को मंजूरी दी जिससे कर्मचारियों को इलाज करवाने में सुविधा होगा. पहले सुपर स्‍पेशियालिटी इलाज के लिए जरूरी था कि नौकरी 2 साल पुरानी हो. अब इसे घटाकर 6 महीने कर दिया गया है. इस अवधि के दौरान ESIC में 78 दिन का योगदान सुपर स्‍पेशियालिटी इलाज के लिए जरूरी होगा. हालांकि, अगर बीमित व्‍यक्ति के आश्रितों को सुपर स्‍पेशियालिटी इलाज के मामले में कर्मचारी की नौकरी 1 साल पुरानी होना और ESIC में 156 दिनों का योगदान जरूरी होगा.

इलाज के लिए नहीं करना होगा इंतजार
इस कदम से बीमित व्‍यक्तियों और उनके आश्रितों को सुपर स्‍पेशियालिटी इलाज कराने के लिए ज्‍यादा दिनों का इंतजार अब नहीं करना होगा. बीमित व्‍यक्ति के अंतिम संस्‍कार पर होने वाला खर्च भी ESIC ने 10,000 रुपए से बढ़ाकर 15,000 रुपए कर दिया गया है.