FCI का 'कमाल': मजदूरों को मिल रही पीएम-राष्ट्रपति से ज्यादा सैलरी

फूड कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया में कुछ मजदूरों को देश के राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री से भी अधिक वेतन मिलने की जानकारी सामने आई है। चौंकाने वाली इस रिपोर्ट के मुताबिक यहां मजदूरों को हर महीने साढ़े चार लाख रुपये से भी अधिक वेतन दिया जाता है। मामले में कोर्ट ने केंद्र सरकार से सवाल पूछा है।

FCI का 'कमाल': मजदूरों को मिल रही पीएम-राष्ट्रपति से ज्यादा सैलरी

नई दिल्‍ली : फूड कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया में कुछ मजदूरों को देश के राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री से भी अधिक वेतन मिलने की जानकारी सामने आई है। चौंकाने वाली इस रिपोर्ट के मुताबिक यहां मजदूरों को हर महीने साढ़े चार लाख रुपये से भी अधिक वेतन दिया जाता है। मामले में कोर्ट ने केंद्र सरकार से सवाल पूछा है।

बीजेपी नेता की समिति की रिपोर्ट ने खींचा ध्यान

वरिष्ठ बीजेपी नेता शांता कुमार के नेतृत्व वाली उच्चस्तरीय समिति की रिपोर्ट ने कोर्ट का ध्यान खींचा है। समिति की रिपोर्ट में कहा गया है, 'एफसीआई में बहुत ज्यादा भ्रष्टाचार है, इसकी व्यवस्था ही चरमरा गई है।' इसके आधार पर कोर्ट ने केंद्र सरकार को निर्देश भी दिये कि वह एफसीआई से भ्रष्टाचार दूर करने के उपाय करें।

नागपुर कोर्ट के फैसले को मिली थी चुनौती

एफसीआई कर्मचारी यूनियन ने बॉम्बे हाई कोर्ट की नागपुर बेंच के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। हाई कोर्ट ने समिति की रिपोर्ट के आधार पर केंद्र को कई निर्देश दिए थे। सुप्रीम कोर्ट में चीफ जस्टिस टीएस ठाकुर की अध्यक्षता वाली बेंच ने यह कहते हुए यूनियन की याचिका खारिज कर दी कि वह इस समय हाई कोर्ट के फैसले में हस्तक्षेप नहीं करना चाहती।

एफसीआई के वकील ने दी सफाई

कोर्ट ने पूछा, 'समिति की रिपोर्ट से साफ है कि विभागीय मजदूर फर्जीवाड़ा कर रहे हैं। यहां 370 मजदूर हैं जो साढ़े चार लाख रुपये हर महीने कमा रहे हैं। उन्हें 1800 करोड़ रुपये अतिरिक्त चुकाए गए। एक बोरी उठाने वाला मजदूर साढ़े चार लाख रुपये महीना कैसे कमा सकता है।' एफसीआई के वकील ने बेंच से कहा कि कर्मचारियों को महीने में करीब एक लाख रुपये कमाने के लिये कई तरह के प्रोत्साह्न दिये जाते हैं।