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एंटीबायोटिक दवाओं के बेजा इस्तेमाल को लेकर अभियान, 43 दुकानों के खिलाफ कार्रवाई

जिन बड़े फार्मेसी चेन के खिलाफ कार्रवाई की गई है उसमें अपोलो फार्मेसी का भी नाम है. दरअसल एंटीबायोटिक दवाएं ड्रग्स एंड कॉस्मैटिक एक्ट के शेड्यूल H1 के तहत आती हैं. 

एंटीबायोटिक दवाओं के बेजा इस्तेमाल को लेकर अभियान, 43 दुकानों के खिलाफ कार्रवाई
फाइल फोटो.

नई दिल्ली: एंटीबायोटिक दवाओं के बेजा इस्तेमाल को रोकने के लिए महाराष्ट्र फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन ने अभियान चलाया है. अब तक जून और जुलाई महीने के दौरान राज्य भर के तैंतालीस मेडिकल स्टोर्स के खिलाफ कार्रवाई की गई है.  मेडिकल स्टोर्स बिना डॉक्टर की पर्ची के लोगों को एंटी बायोटिक दवाएं बेच रहे थे जो कि ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक एक्ट के खिलाफ है.

कुल मेडिकल स्टोर्स की संख्या में सबसे ज्यादा 13 मेडिकल स्टोर्स मुंबई रीजन से हैं, जबकि पुणे रीजन से 8, कोंकण रीजन से 6, नाशिक और औरंगाबाद रीजन से 5-5, और नागपुर रीजन से 6 के खिलाफ कार्रवाई की गई है. जिन बड़े फार्मेसी चेन के खिलाफ कार्रवाई की गई है उसमें अपोलो फार्मेसी का भी नाम है. दरअसल एंटीबायोटिक दवाएं ड्रग्स एंड कॉस्मैटिक एक्ट के शेड्यूल H1 के तहत आती हैं.

इन दवाओं बिक्री केवल डॉक्टर की पर्ची पर ही की जा सकती है. लेकिन मेडिकल स्टोर्स इसे मरीजों को ओवर द काउंटर बेच रहे थे. नियमों का पालन हो रहा है या नहीं ये तस्दीक करने के लिए महाराष्ट्र FDA के ड्रग्स इंस्पेक्टर्स खुद मरीज बनकर ऐसी दवा दुकानों से दवाई खरीदने गए थे. दरअसल एंटीबायोटिक दवाओं का अंधाधुंध इस्तेमाल बहुत बड़ा संकट बनकर उभर रहा है. क्योंकि ज्यादा इस्तेमाल से दवाओं के खिलाफ बैक्टीरिया में प्रतिरोधक क्षमता पैदा हो रही है. जो बहुत बड़ी चुनौती बन रही है.