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वित्त मंत्री का निर्देश, जितनी जल्दी हो पेंडिंग क्लीयर करें सभी मंत्रालय

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) ने दिल्ली में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि हमने सभी मंत्रालयों को निर्देश दिया है कि जिसका भी पेंडिंग ड्यू है उसे तुरंत दिया जाए. जिसको पैसा देना है उसको समस पर दिया जाए. 

वित्त मंत्री का निर्देश, जितनी जल्दी हो पेंडिंग क्लीयर करें सभी मंत्रालय
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण

नई दिल्ली: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) ने शुक्रवार को दिल्ली में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि हमने सभी मंत्रालयों को निर्देश दिया है कि जिसका भी पेंडिंग ड्यू है उसे तुरंत दिया जाए. जिसको पैसा देना है उसको समस पर दिया जाए. साथ ही ये भी कहा कि अगली तिमाहियों में कितना खर्च करना है उसका प्लान भी लायें. उन्होंने कहा कि शनिवार को वह सरकारी कंपनियों की मीटिंग भी इसी मामले पर लेंगी. उनको भी कहा गया है कि बिना मुकदमों के मामलों में तो तुरंत ही पेमेंट करा जाए. किसी मामले पर मुकदमा हो तो मुकदमा क्लीयर होते ही पेमेंट हो. निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) ने ये भी कहा कि सरकार चाहती है किसी के पैसे पर बैठा न जाए.

राजकोषीय घाटा लक्ष्य में संशोधन की योजना नहीं : वित्तमंत्री
इससे पहले वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) ने कहा था कि कॉरपोरेट कर की दर घटाने के बाद राजकोषीय घाटा लक्ष्य में संशोधन या खर्च में किसी प्रकार की कटौती करने की सरकार की कोई योजना नहीं है. विनिर्माताओं को खुश करने, निजी निवेश व उपभोग बढ़ाने और छह साल के निचले स्तर पर जा चुकी देश की आर्थिक विकास दर में सुधार लाने के मकसद से सरकार ने शुक्रवार को कॉरपोरेट कर की दर में कटौती की घोषणा की.

कॉरपोरेट कर घटाने से राजकोष को 1.45 लाख करोड़ रुपये का नुकसान होगा. सीतारमण ने कहा कि राजकोष में आने वाली इस कमी को पूरा करने के लिए खर्च में कटौती करने की सरकार की कोई योजना नहीं है.

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वित्तमंत्री ने इससे पहले कहा था कि विकास को रफ्तार देने के मकसद से पूंजी प्रवाह बढ़ाने के लिए इन्फ्रास्ट्रक्चर से संबंधित मंत्रालयों से खर्च का बोझ कम करने को कहा गया है. सीतारमण ने अब कहा है कि सरकार 2020-21 के बजट के आसपास ही राजकोषीय घाटा लक्ष्य की समीक्षा करेगी. उन्होंने यहां अपने आवास पर संवाददाताओं से कहा, 'इस समय हम किसी लक्ष्य में संशोधन नहीं करने जा रहे हैं.'

उन्होंने कहा कि इस समय खर्च में कटौती करने की भी कोई योजना नहीं है. सीतारमण ने कहा कि कॉरपोरेट कर की दर में कटौती करने का कदम एक आकलनपरक जोखिम है और उन्होंने अब तक इस वित्त वर्ष के लिए राजस्व व खर्च लक्ष्य में कोई संशोधन नहीं किया है. उन्होंने यह भी बताया कि सरकार 2019-20 की दूसरी छमाही के लिए बाजार से अतिरिक्त उधारी पर भी बाद में फैसला लेंगी.