जल्द शुरू हो सकती है पेट्रोल-डीजल में फ्यूचर ट्रेडिंग, SEBI कर रही विचार

 पेट्रोल और डीजल में वायदा कारोबार शुरू हो सकता है. बाजार नियामक सेबी इस बारे में विचार कर रहा है. साथ ही फिर से तूर और उड़द में वायदा कारोबार की इजाजत मिल सकती है.

जल्द शुरू हो सकती है पेट्रोल-डीजल में फ्यूचर ट्रेडिंग, SEBI कर रही विचार
फाइल फोटो

नई दिल्लीः पेट्रोल और डीजल में वायदा कारोबार शुरू हो सकता है. बाजार नियामक सेबी इस बारे में विचार कर रहा है. साथ ही फिर से तूर और उड़द में वायदा कारोबार की इजाजत मिल सकती है. इन दालों की कीमतों में भारी तेजी के बाद 2007 में इनके वायदा कारोबार पर पाबंदी लगा दी गई थी.

सेबी की जनरल मैनेजर (कमोडिटी सेगमेंट) छवि कपूर ने पीएचडी चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के एक वेबिनार में कहा कि तूर, उड़द, पेट्रोल और डीजल में वायदा कारोबार करने की अनुमति देने पर विचार हो रहा है. उन्होंने कहा कि इस सूची में कई उत्पाद हैं. बाजार की परिस्थितियों के मुताबिक उन पर विचार किया जाएगा.

अभी कच्चे तेल में वायदा कारोबार की अनुमति है. कच्चे तेल से पेट्रोल और डीजल के साथ कई दूसरे उत्पाद निकलते हैं. पहले भी इंडस्ट्री ने इन दो पेट्रोलियम उत्पादों में फ्यूचर ट्रेड की अनुमति देने की मांग की थी. सेबी ने इस बारे में पेट्रोलियम मंत्रालय को प्रस्ताव भेजा था.

इस मुद्दे पर पीएचडीसीसीआई के प्रेसिडेंट डी के अग्रवाल ने कहा कि यह एक संवेदनशील मुद्दा है. मुझे पता नहीं कि सेबी या मंत्रालय इसे लेकर सहज होंगे या नहीं. उन्होंने कहा कि भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतें स्थानीय करों से प्रभावित होती हैं. कुल कीमत में 70 फीसदी हिस्सा इन्हीं का होता है.

अग्रवाल ने कहा कि अगर डीजल की कीमत 72 रुपये प्रति लीटर है तो इसमें 50 रुपये टैक्स है. उन्होंने कहा, 'चूंकि ये दो उत्पाद अधिकांश इंडस्ट्रीज और पूरी इकोनॉमी को प्रभावित करते हैं, इसलिए मुझे लगता है कि इनमें फ्यूचर ट्रेडिंग की अनुमति देने से कीमतों की हेजिंग में मदद मिलेगी. बाजार भागीदार होने के नाते हम इन उत्पादों में फ्यूचर ट्रेडिंग चाहेंगे.'

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